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Indian Press House > Blog > सेहत > हर बार पेनकिलर खाना नहीं है समाधान! माइग्रेन के दर्द को काबू में रखने के लिए अपनाएं ये 7 असरदार तरीके
सेहत

हर बार पेनकिलर खाना नहीं है समाधान! माइग्रेन के दर्द को काबू में रखने के लिए अपनाएं ये 7 असरदार तरीके

vineet verma
Last updated: June 23, 2026 7:16 am
vineet verma
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नई दिल्ली: माइग्रेन केवल सामान्य सिरदर्द नहीं, बल्कि एक जटिल न्यूरोलॉजिकल समस्या है, जो व्यक्ति की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर सकती है। इस दौरान तेज सिरदर्द के साथ मतली, आंखों में संवेदनशीलता, रोशनी और आवाज से परेशानी, मांसपेशियों में तनाव और थकान जैसे लक्षण भी देखने को मिलते हैं। ऐसे में कई लोग बार-बार पेनकिलर का सहारा लेते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ जीवनशैली संबंधी बदलाव और घरेलू उपाय भी माइग्रेन के लक्षणों को काफी हद तक नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं।

Contents
माइग्रेन का संकेत मिलते ही शांत जगह पर जाएंकोल्ड और हॉट थेरेपी से मिल सकती है राहतकैफीन का सेवन रखें नियंत्रितपर्याप्त और नियमित नींद है बेहद जरूरीशरीर में पानी की कमी न होने देंरोजाना व्यायाम बन सकता है प्राकृतिक उपायतनाव प्रबंधन पर दें विशेष ध्यानकब जरूरी है डॉक्टर से सलाह लेना?

माइग्रेन का संकेत मिलते ही शांत जगह पर जाएं

विशेषज्ञों के अनुसार जैसे ही माइग्रेन की शुरुआत महसूस हो, तुरंत आराम करने की कोशिश करनी चाहिए। तेज रोशनी और शोर कई बार दर्द को और बढ़ा देते हैं। ऐसे में शांत और कम रोशनी वाले कमरे में कुछ समय बिताना राहत पहुंचा सकता है।

अंधेरे वातावरण में आराम करने से दिमाग को अतिरिक्त उत्तेजनाओं से राहत मिलती है और माइग्रेन के लक्षणों की तीव्रता कम हो सकती है।

कोल्ड और हॉट थेरेपी से मिल सकती है राहत

माइग्रेन के दौरान सिर पर ठंडी सिकाई कई लोगों के लिए फायदेमंद साबित होती है। ठंडा पैक दर्द वाले हिस्से पर लगाने से सिरदर्द की तीव्रता कम हो सकती है।

वहीं यदि गर्दन और कंधों की मांसपेशियों में तनाव महसूस हो रहा हो तो हल्की गर्म सिकाई या गुनगुने पानी से स्नान करने से मांसपेशियों को आराम मिल सकता है।

कैफीन का सेवन रखें नियंत्रित

कई बार कैफीन थोड़े समय के लिए सिरदर्द में राहत दे सकता है, लेकिन इसका अत्यधिक सेवन समस्या को बढ़ा भी सकता है। विशेष रूप से देर शाम या रात में अधिक कैफीन लेने से नींद प्रभावित होती है, जो माइग्रेन का एक बड़ा ट्रिगर माना जाता है।

विशेषज्ञ संतुलित मात्रा में कैफीन लेने और नियमित आदत बनाए रखने की सलाह देते हैं।

पर्याप्त और नियमित नींद है बेहद जरूरी

माइग्रेन से जूझ रहे लोगों के लिए अच्छी नींद बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। रोजाना एक ही समय पर सोने और जागने की आदत शरीर की जैविक घड़ी को संतुलित रखने में मदद करती है।

सोने से पहले मोबाइल, लैपटॉप या अन्य स्क्रीन का उपयोग कम करने से भी नींद की गुणवत्ता बेहतर हो सकती है। गुनगुने पानी से स्नान या किताब पढ़ने जैसी आदतें दिमाग को आराम देने में सहायक मानी जाती हैं।

शरीर में पानी की कमी न होने दें

डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी माइग्रेन को ट्रिगर करने वाले प्रमुख कारणों में शामिल है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना और शरीर को हाइड्रेट रखना सिरदर्द की आवृत्ति को कम करने में मदद कर सकता है।

विशेषज्ञ दिनभर नियमित अंतराल पर पानी पीने और तरल पदार्थों का सेवन बढ़ाने की सलाह देते हैं।

रोजाना व्यायाम बन सकता है प्राकृतिक उपाय

नियमित शारीरिक गतिविधि माइग्रेन नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार व्यायाम के दौरान शरीर ऐसे रसायन छोड़ता है जो दर्द के संकेतों को कम करने में मदद करते हैं।

इसके अलावा नियमित एक्सरसाइज तनाव, चिंता और अवसाद को भी कम कर सकती है, जो माइग्रेन के प्रमुख ट्रिगर माने जाते हैं।

तनाव प्रबंधन पर दें विशेष ध्यान

तनाव माइग्रेन को बढ़ाने वाले सबसे सामान्य कारणों में से एक है। लगातार मानसिक दबाव, अत्यधिक काम का बोझ और पर्याप्त आराम न मिलना माइग्रेन के दौरे को अधिक बार ला सकता है।

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि दैनिक कार्यक्रम में आराम, मनोरंजन और मानसिक शांति के लिए भी समय निकालना चाहिए। योग, ध्यान और गहरी सांस लेने जैसी तकनीकें तनाव कम करने में सहायक हो सकती हैं।

कब जरूरी है डॉक्टर से सलाह लेना?

यदि माइग्रेन बार-बार हो रहा है, दर्द असामान्य रूप से बढ़ रहा है या सामान्य उपायों से राहत नहीं मिल रही है, तो विशेषज्ञ से परामर्श लेना जरूरी है। बार-बार पेनकिलर लेने से भी स्वास्थ्य संबंधी अन्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

इसलिए माइग्रेन को केवल सिरदर्द समझकर नजरअंदाज करने के बजाय इसके कारणों को समझना और उचित प्रबंधन करना अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है।

 

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