Trending News

चुनाव में जनता ने नकारा, अब प्रचार के लिए कोर्ट आए?” जन सुराज पार्टी को सुप्रीम कोर्ट की सख्त फटकार

चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। उनकी पार्टी जन सुराज पार्टी ने हाल ही में संपन्न बिहार विधानसभा चुनाव को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

हालांकि इस मामले पर हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट से उन्हें कोई राहत नहीं मिली। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने न सिर्फ याचिका खारिज करने के संकेत दिए, बल्कि जन सुराज पार्टी को कड़ी फटकार भी लगाई।

सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने तीखे सवाल उठाते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट को राजनीतिक लाभ हासिल करने का मंच नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने टिप्पणी की कि जनता ने चुनाव में पार्टी को खारिज कर दिया है और अब लोकप्रियता पाने के लिए न्यायिक मंच का सहारा लिया जा रहा है।

पीठ ने कहा, “जब चुनाव में सब कुछ हार गए, तब आप यहां आ गए। आपको यह भी बताना होगा कि याचिका किस सद्भावना के तहत दाखिल की गई है।”

मुख्य न्यायाधीश ने यह भी स्पष्ट किया कि फ्रीबीज यानी मुफ्त योजनाओं के मुद्दे पर अदालत पहले से ही विचार कर रही है, लेकिन किसी राजनीतिक दल के कहने पर इस विषय को आगे बढ़ाने का इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि चुनाव हारने के बाद इस तरह की याचिकाएं दाखिल करना उचित नहीं है।

बता दे कि सुप्रीम कोर्ट में बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर जन सुराज पार्टी ने याचिका दायर की थी। पार्टी का आरोप है कि चुनाव के दौरान महिलाओं को सीधे 10,000 रुपये हस्तांतरित करना गलत था। याचिका में कहा गया था कि आचार संहिता लागू रहने के दौरान महिला मतदाताओं को इस राशि का सीधे भुगतान करना अवैध और संविधान के उल्लंघन के दायरे में आता है।

पार्टी ने संविधान की धारा 14, 21, 112, 202 और 324 के तहत यह घोषणा करने की मांग की थी कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत नए लाभार्थियों को जोड़ना और मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट लागू रहते हुए उन्हें भुगतान करना अवैध था।

साथ ही, याचिका में चुनाव आयोग को संविधान की धारा 324 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 123 के तहत कार्रवाई करने और बिहार में 25 से 35 लाख महिला वोटर्स को 10,000 रुपये सीधे ट्रांसफर करने के खिलाफ निर्देश देने की मांग की गई है। पार्टी ने यह भी कहा कि सेल्फ-हेल्प ग्रुप जीविका की 1.8 लाख महिला लाभार्थियों को पोलिंग बूथ पर तैनात करना दोनों चरणों की वोटिंग में अवैध और अनुचित था।

news desk

Recent Posts

Vaibhav Suryavanshi: 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को लेकर श्रेयस अय्यर का बड़ा बयान, बोले- क्रिकेट से अलग भी करता हूं बात

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट में 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को लेकर लगातार चर्चा हो…

11 hours ago

आरनवी का दोहरा खिताब, अभिजय, सांची व तथास्तु ने भी जीते दो-दो खिताब

लखनऊ। आरनवी पाठक ने किरन अग्रवाल मेमोरियल लखनऊ जिला बैडमिंटन चैंपियनशिप में दमदार प्रदर्शन करते…

11 hours ago

Irani Cup: रणजी चैंपियन J&K का डबल का सपना टूटा, मुकेश कुमार के 6 विकेट से Rest of India ने जीता खिताब

रणजी ट्रॉफी चैंपियन जम्मू-कश्मीर का घरेलू क्रिकेट में ‘डबल’ खिताब जीतने का सपना टूट गया।…

12 hours ago

BJP Rajya Sabha Bypolls: TMC छोड़ने वाली कोयल मल्लिक को BJP ने दिया राज्यसभा टिकट, उत्तराखंड से दिनेश आर्य उम्मीदवार

राज्यसभा उपचुनाव को लेकर बीजेपी ने अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने…

14 hours ago

Guwahati Nightclub Case: महिला से मारपीट मामले में 7 गिरफ्तार, तय समय के बाद भी क्लब खुला रहने की जांच

असम के गुवाहाटी में एक नाइट क्लब के अंदर महिला के साथ कथित मारपीट और…

16 hours ago

BJP में शामिल होंगे हुमायूं कबीर? अधीर रंजन चौधरी बोले- ‘खुद कहेंगे तभी मानूंगा’

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) प्रमुख हुमायूं कबीर के बीजेपी…

17 hours ago