कराकास: दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में बुधवार शाम आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने अभूतपूर्व तबाही मचा दी। महज 40 सेकेंड के अंतराल में आए इन दो झटकों ने पूरे देश को हिला कर रख दिया। शुरुआती आकलनों के मुताबिक हालात बेहद गंभीर हैं और बड़े पैमाने पर जनहानि की आशंका जताई जा रही है। सरकार ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए देश में आपातकाल लागू कर दिया है, जबकि राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार पहला भूकंप रिक्टर स्केल पर 7.2 तीव्रता का दर्ज किया गया, जिसका केंद्र राजधानी कराकास से करीब 20 किलोमीटर दूर काराबोबो राज्य में था। इसके केवल 40 सेकेंड बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा और अधिक शक्तिशाली झटका महसूस किया गया। लगातार आए इन दोनों भूकंपों ने बड़े क्षेत्र में भारी नुकसान पहुंचाया और लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने इस आपदा को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। एजेंसी के विश्लेषण के अनुसार यह वेनेजुएला में पिछले 126 वर्षों का सबसे बड़ा भूकंप माना जा रहा है। अनुमान लगाया गया है कि इस त्रासदी में 1 लाख से अधिक लोगों की मौत होने की संभावना 44 प्रतिशत तक है।
इतना ही नहीं, एजेंसी ने एक लाख से ज्यादा लोगों के मारे जाने की आशंका को भी 30 प्रतिशत तक बताया है। इस अनुमान ने देश और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। इससे पहले वर्ष 1900 में वेनेजुएला में 7.7 तीव्रता का बड़ा भूकंप दर्ज किया गया था।
राजधानी कराकास में भूकंप का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला। कई बहुमंजिला इमारतें धराशायी हो गईं। शहर के पूर्वी हिस्से चाकाओ इलाके में दो बड़ी इमारतों के गिरने की सूचना है। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि कई लोग अब भी मलबे के नीचे फंसे हो सकते हैं।
भूकंप के कारण कराकास हवाई अड्डे की छत का एक हिस्सा भी ढह गया, जिससे वहां मौजूद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। शहर के कई हिस्सों में बिजली और संचार सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।
गृह मंत्री डिओसदादो काबेलो ने बताया कि फायर ब्रिगेड, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमों को तत्काल प्रभावित इलाकों में तैनात कर दिया गया है। मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
सरकार ने सभी अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखा है। साथ ही सोमवार तक सभी शैक्षणिक गतिविधियों और सार्वजनिक कार्यक्रमों को रद्द कर दिया गया है ताकि राहत कार्यों में किसी तरह की बाधा न आए।
वेनेजुएला में आई इस विनाशकारी आपदा के कुछ ही समय बाद जापान में भी 6.9 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप दर्ज किया गया। विशेषज्ञों के मुताबिक दुनिया के दो अलग-अलग हिस्सों में केवल दो घंटे के भीतर इतने बड़े भूकंपों का आना बेहद दुर्लभ घटना है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी स्थिति लगभग एक हजार से बारह सौ वर्षों में एक बार देखने को मिलती है। वेनेजुएला में भूकंप के बाद प्यूर्टो रिको, वर्जिन द्वीप समूह और अरूबा के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी, लेकिन करीब एक घंटे बाद इसे वापस ले लिया गया।
भूकंप विशेषज्ञों के अनुसार वेनेजुएला कैरेबियन और दक्षिण अमेरिकी टेक्टोनिक प्लेटों के मिलन क्षेत्र में स्थित है, जिसके कारण यहां भूकंपीय गतिविधियों का खतरा हमेशा बना रहता है। वर्ष 1812 में आए विनाशकारी भूकंप में करीब 30 हजार लोगों की मौत हुई थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि ताजा आपदा आधुनिक इतिहास की सबसे बड़ी प्राकृतिक त्रासदियों में शामिल हो सकती है। पेट्रोल आपूर्ति बाधित होने और सड़क, संचार तथा अन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचने से राहत एवं बचाव कार्यों के सामने बड़ी चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।
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