नोएडा: मंगलवार रात उत्तराखंड से लेकर उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर तक भूकंप के झटकों से लोग सहम गए। रात करीब 10:24 बजे देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार, अल्मोड़ा और नैनीताल समेत कई इलाकों में धरती हिलने का एहसास हुआ। नोएडा और गाजियाबाद में भी लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किए। देहरादून की हाईराइज इमारतों में रहने वाले कई लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 4.9 मापी गई है।
झटके महसूस होने के बाद लोगों के बीच कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। कई लोग अपने परिचितों और रिश्तेदारों को फोन कर यह पता करते नजर आए कि उनके इलाके में भी भूकंप आया है या नहीं। भूकंप के संभावित आफ्टरशॉक की आशंका को देखते हुए कुछ लोग घरों से बाहर ही रहे।
चमोली के गैरसैंण में था भूकंप का केंद्र
नेशनल सेंटर ऑफ सिस्मोलॉजी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र उत्तराखंड के चमोली जिले में था। चमोली के गैरसैंण ब्लॉक के खडौन लागा गवली गांव में भूकंप का केंद्र बताया गया है।
जानकारी के अनुसार, भूकंप रात 10 बजकर 23 मिनट 13 सेकेंड पर आया। इसकी तीव्रता 4.9 मैग्नीट्यूड दर्ज की गई। भूकंप के झटकों का असर उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, पंजाब और नेपाल तक महसूस किया गया।
देहरादून में हाईराइज से बाहर निकले लोग
देहरादून में भूकंप के झटके अपेक्षाकृत ज्यादा महसूस किए जाने की वजह से हाईराइज इमारतों में रहने वाले लोगों में घबराहट देखी गई। कई लोग तुरंत अपने घरों से बाहर निकल आए।
वहीं, ऋषिकेश, हरिद्वार, अल्मोड़ा और नैनीताल समेत उत्तराखंड के कई जिलों में भी लोगों ने धरती हिलने की बात कही। दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भी लोगों को भूकंप के झटके महसूस हुए।
नोएडा-गाजियाबाद में भी महसूस हुई कंपन
नोएडा और गाजियाबाद में भी रात के समय भूकंप के झटके महसूस किए गए। धरती में कंपन महसूस होने के बाद लोग सतर्क हो गए और एक-दूसरे से इसकी जानकारी लेने लगे।
भूकंप के झटकों की जानकारी सामने आने के बाद लोग इसकी तीव्रता और केंद्र को लेकर जानकारी जुटाते रहे। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है।
आफ्टरशॉक की आशंका से लोग रहे सतर्क
भूकंप के बाद आफ्टरशॉक की आशंका के चलते लोगों में चिंता बनी रही। हालांकि, अब तक किसी बड़े नुकसान की सूचना सामने नहीं आई है। प्रशासन और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।