Perplexity पर NYT का बड़ा कानूनी वार
टेक वर्ल्ड और ट्रेडिशनल मीडिया के बीच ‘कंटेंट के हक़’ की जंग अब क्रिटिकल ‘बैटल मोड’ में है। अमेरिका की पब्लिशिंग हाउस द न्यू यॉर्क टाइम्स (NYT) ने भारतीय CEO अरविंद श्रीनिवास के अंडर काम कर रही फ़ास्ट-ट्रैक AI सर्च इंजन Perplexity AI को सीधे कोर्ट में चुनौती दी है.
न्यू यॉर्क टाइम्स का सीधा फ़ायरिंग पॉइंट है की Perplexity ने बिना लाइसेंसिंग फ़ीस दिए, उनके लाखों कॉपीराइट वाली ख़बरों की नक़ल की और उन्हें अपने AI सिस्टम में ‘फ़ीड’ कर दिया| NYT ने साफ़-साफ़ कहा है कि Perplexity इस अवैध तरीके से उनके कंटेंट को चुराकर अपने AI -पावर्ड आंसर्स से अपने सिस्टम को बूस्ट दे रहा है, जिसकी वजह से कंपनी को ज़बरदस्त फ़ाइनेंशियल क्राइसेज़ हुआ है।
NYT के 3 सबसे बड़े ‘लीगल अटैक पॉइंट्स’
• कंटेंट थेफ़्ट और डायरेक्ट कॉम्पिटिशन: न्यू यॉर्क टाइम्स का कहना है की Perplexity जानबूझकर NYT के पेवॉल्ड (Paywalled) कंटेंट यानि जिन्हें देखने या यूज़ करने के लिए आपको पैसे देने पड़ते हैं या सब्सक्रिप्शन लेना पड़ता है। और Perplexity बिना किसी लाइसेंस के डेटा निकाल कर यूज़ कर रहा है।
• AI हैलुसिनेशन्स और ब्रांड इमेज डैमेज करना : न्यू यॉर्क टाइम्स ने Perplexity पे ये भी आरोप लगाया है की Perplexity AI कभी-कभी मनगढ़ंत या ग़लत जानकारी जेनरेट करता है| और ये ग़लत जानकारी Perplexity द्वारा NYT के ट्रेडमार्क के साथ जोड़ दी जाती है, जिससे अख़बार की क्रेडिबिलिटी और ब्रांड इमेज बहुत ज्यादा डैमेज हो रही है।
• कंपनी ने नोटिस को इग्नोर किया: NYT ने कोर्ट जाने से पहले Perplexity को कंटेंट का इलीगल यूज़ रोकने के लिए एक ऑफ़िशियल नोटिस भी जारी की थी| लेकिन Perplexity ने इस अल्टीमेटम को पूरी तरह से इग्नोर कर दिया, और कंटेंट की चोरी जारी रखी।
Perplexity और CEO का बचाव
20 बिलियन डॉलर की वैल्यूएशन वाली इस AI कंपनी ने सभी आरोपों को एक सिरे से ख़ारिज किया है| और Perplexity ने इस मुक़दमे को मीडिया पब्लिशर्स की ओर से न्यू टेक्नोलॉजी के ख़िलाफ़ चलाई जा रही ‘एक नाकाम चाल’ बताया है| Perplexity के CEO तर्क है कि वे फ़ाउंडेशन मॉडल बनाने के लिए डेटा स्क्रैप नहीं कर रहे हैं। कंपनी का कहना है कि वो केवल वेब पेजेज़ को इंडेक्स करती है, और अपने आंसर्स में फ़ैक्ट-बेस्ड साइटेशंस देकर सोर्स को पूरा क्रेडिट देती है।
AI फ्यूचर का अल्टीमेट टेस्ट
ये कोर्ट केस सिर्फ़ दो कंपनियों के बीच का वॉर नहीं है। ये केस AI और पब्लिशिंग इंडस्ट्री के बीच एक मेजर ग्लोबल लीगल वॉर है, जो अब कोर्ट तक जा चूका है| और अब कोर्ट फ़ैसला करेगा कि AI सिस्टम्स की ट्रेनिंग के लिए कॉपीराइटेड कंटेंट का इस्तेमाल ‘फ़ेयर यूज़’ के तहत वैलिड है या नहीं।
NYT की इस एंट्री ने लीगल हीट को नेक्स्ट लेवल पर पहुंचा दिया है। न्यू यॉर्क टाइम्स की डिमांड एकदम क्लियर है की Perplexity पर बड़ा हर्जाना लगे, और कोर्ट तुरंत जुडिशियल ऑर्डर जारी करके उनके कंटेंट का इलीगल यूज़ रोके।
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