सूरत: गुजरात के सूरत में एक ऐसा मंदिर है, जहां पूजा के लिए फूल, फल या मिठाई नहीं, बल्कि जलती हुई सिगरेट चढ़ाने की परंपरा है। अथवाल लाइन्स इलाके की आदर्श सोसाइटी में स्थित इस मंदिर को लेकर स्थानीय लोगों में गहरी आस्था है। यहां बंजारा भूत मामा की पूजा की जाती है और मान्यता है कि सिगरेट अर्पित करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन की कई परेशानियां दूर होती हैं।
यह मंदिर करीब 100 साल से भी ज्यादा पुराना बताया जाता है। स्थानीय बुजुर्ग इसकी उम्र 125 से 130 साल तक बताते हैं। समय के साथ सूरत शहर का स्वरूप काफी बदल गया, लेकिन मंदिर से जुड़ी यह पुरानी परंपरा आज भी जारी है।
सूरत के अथवाल लाइन्स इलाके में बने इस मंदिर को लेकर स्थानीय लोगों का कहना है कि यह एक सदी से भी अधिक पुराना है। कुछ बुजुर्ग इसे 125 से 130 साल पुराना बताते हैं।
मंदिर से जुड़ी परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है। इसी वजह से स्थानीय लोगों के अलावा दूसरे इलाकों से भी श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं और अपनी मनोकामनाओं के लिए भूत मामा के सामने प्रार्थना करते हैं।
स्थानीय लोककथाओं में बंजारा भूत मामा से जुड़ी अलग-अलग कहानियां मिलती हैं। एक मान्यता के अनुसार, सदियों पहले इस इलाके में बंजारा समुदाय के लोग रहते थे। उस समय क्षेत्र में भीषण अकाल पड़ा था और लोगों के सामने खाने-पीने का संकट खड़ा हो गया था।
इसी दौर में समुदाय के एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई। उनकी याद में एक समाधि बनाई गई, जिसकी बाद में भूत मामा के रूप में पूजा होने लगी। एक दूसरी स्थानीय मान्यता के मुताबिक, उन्होंने गांव और वहां के लोगों की रक्षा करते हुए अपनी जान गंवाई थी। इसी वजह से लोग उन्हें रक्षक देवता के रूप में मानने लगे।
मंदिर की सबसे अलग पहचान यहां चढ़ाई जाने वाली सिगरेट है। स्थानीय मान्यता के मुताबिक, बंजारा भूत मामा को धूम्रपान का शौक था। इसी विश्वास के चलते भक्त उन्हें प्रसन्न करने के लिए सिगरेट अर्पित करते हैं।
कुछ श्रद्धालु सिगरेट का पूरा पैकेट मंदिर में रख देते हैं, जबकि कई लोग सिगरेट जलाकर मूर्ति के सामने चढ़ाते हैं। मंदिर में हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं द्वारा इसी तरह सिगरेट अर्पित किए जाने की बात कही जाती है।
भूत मामा के इस मंदिर से लोगों की अलग-अलग मान्यताएं जुड़ी हुई हैं। श्रद्धालु परिवार, स्वास्थ्य, नौकरी और कारोबार से जुड़ी परेशानियों को लेकर यहां पहुंचते हैं।
खास तौर पर जिन लोगों की शादी में लंबे समय से रुकावट आ रही होती है, वे यहां मन्नत मांगते हैं। स्थानीय मान्यता है कि सिगरेट चढ़ाकर सच्चे मन से प्रार्थना करने से विवाह से जुड़ी बाधाएं दूर हो सकती हैं।
आज के दौर में सिगरेट को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाता है, लेकिन इस मंदिर में इससे जुड़ी परंपरा स्थानीय आस्था और लोकविश्वास का हिस्सा बनी हुई है। श्रद्धालुओं के लिए सिगरेट चढ़ाना अपनी मनोकामना और भावनाएं भूत मामा तक पहुंचाने का एक माध्यम माना जाता है।
इसी अनोखी परंपरा के कारण सूरत का यह पुराना मंदिर स्थानीय धार्मिक स्थलों के बीच अलग पहचान रखता है। हालांकि, मंदिर से जुड़ी सभी बातें स्थानीय मान्यताओं और लोककथाओं पर आधारित हैं।
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