नई दिल्ली: लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख चेहरों में रहे तेज प्रताप यादव इन दिनों राजनीतिक तौर पर मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। मई 2025 में एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद उन्हें आरजेडी से बाहर कर दिया गया था। इसके बाद 2025 के विधानसभा चुनाव में अपनी महुआ सीट से भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा। अब तेज प्रताप अपनी राजनीतिक पहचान दोबारा मजबूत करने की कोशिश में जुटे हैं और सोशल मीडिया से लेकर मनोरंजन की दुनिया तक सक्रिय नजर आ रहे हैं।
सोशल मीडिया और मनोरंजन में सक्रिय तेज प्रताप
9 अगस्त को 38 साल के तेज प्रताप यादव ने एक्स पर एक पोस्ट कर जल्द कुछ नया सामने आने का संकेत दिया। उन्होंने लिखा कि जल्द ही देश और पूरा एशिया कुछ नया देखने वाला है और इसमें मल्लिका शेरावत भी शामिल होंगी। उन्होंने इसे फिलहाल रहस्य बनाए रखने की बात कही।
तेज प्रताप सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय हैं और रियलिटी टीवी शो ‘भोजपुरी बवाल’ में भी काम कर रहे हैं। हालांकि, इन गतिविधियों के बीच उनकी राजनीतिक ताकत पिछले कुछ वर्षों में काफी कमजोर हुई है।
मई 2025 में एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद उन्हें आरजेडी से बाहर कर दिया गया था। उस पोस्ट में उन्होंने एक महिला के साथ रिश्ते का संकेत दिया था। इसी दौरान वह अपनी अलग रह रही पत्नी ऐश्वर्या राय से तलाक के मामले को लेकर भी कानूनी प्रक्रिया का सामना कर रहे थे। विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले नवंबर 2025 में उन्होंने अपनी अलग पार्टी जनशक्ति जनता दल का गठन किया था।
JJD चुनाव में नहीं खोल सकी खाता
तेज प्रताप यादव की जनशक्ति जनता दल ने विधानसभा चुनाव में कई उम्मीदवार मैदान में उतारे, लेकिन पार्टी एक भी सीट जीतने में सफल नहीं रही। खुद तेज प्रताप महुआ विधानसभा सीट से लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) और आरजेडी उम्मीदवारों के बाद तीसरे स्थान पर रहे।
महुआ वही सीट है, जहां से तेज प्रताप ने 2015 में पहली बार विधानसभा चुनाव जीता था। चुनावी हार के बाद से वह बिहार में अपनी राजनीतिक जमीन फिर से तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं।
इसी दौरान उन्होंने जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर की कई बार तारीफ की है। इसके अलावा कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके को बिहार आने का न्योता भी दिया है। पिछले महीने पटना में NEET पेपर लीक को लेकर हुए छात्रों के प्रदर्शन में शामिल होने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को लेकर भी बयान दिया था।
परिवार से दूरी के बीच रिश्ते सुधारने की कोशिश
एक समय तेज प्रताप यादव अपने माता-पिता लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी तथा छोटे भाई तेजस्वी यादव के साथ 10, सर्कुलर रोड स्थित आवास में रहते थे। यह आवास मुख्यमंत्री के 1, अणे मार्ग स्थित सरकारी आवास के पीछे है।
2025 के विधानसभा चुनाव में एनडीए की बड़ी जीत के बाद लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को अपना सरकारी आवास खाली करना पड़ा। वहीं महुआ से चुनाव हारने के बाद तेज प्रताप ने भी अपना सरकारी आवास छोड़ दिया। इसके बाद से वह आरजेडी के एक विधान परिषद सदस्य के सरकारी आवास में रह रहे हैं।
आरजेडी में वापसी के संकेत नहीं
एक वरिष्ठ आरजेडी नेता के मुताबिक, 2025 का विधानसभा चुनाव तेज प्रताप यादव के लिए बड़ा झटका साबित हुआ। महुआ में वह लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) और आरजेडी उम्मीदवारों से काफी पीछे तीसरे स्थान पर रहे। उनके मुताबिक, विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बनी जनशक्ति जनता दल भी अब प्रभावहीन स्थिति में है।
वरिष्ठ नेता ने कहा कि एक दशक के भीतर तेज प्रताप का राजनीतिक प्रभाव काफी कम हुआ है। उनके अनुसार, तेज प्रताप की राजनीतिक स्थिति तभी बेहतर हो सकती है जब आरजेडी दोबारा मजबूत होकर सत्ता की ओर बढ़े और तेजस्वी यादव अपने बड़े भाई के साथ राजनीतिक और पारिवारिक संबंध सुधारें।
तेजस्वी यादव फिलहाल आरजेडी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष होने के साथ विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं। तेज प्रताप परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों के साथ संबंध सुधारने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन आरजेडी की ओर से उन्हें वापस पार्टी में लेने का अब तक कोई संकेत नहीं मिला है।
हालांकि, निजी स्तर पर दोनों भाइयों के बीच संबंध पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। तेजस्वी हाल ही में बेउर जेल से रिहा होने के बाद तेज प्रताप से मिलने पहुंचे थे। लालू प्रसाद यादव भी अप्रैल में तेज प्रताप की जन्मदिन पार्टी में शामिल हुए थे।
पीएम मोदी के बयान पर तेज प्रताप का पलटवार
राजनीतिक रूप से कमजोर स्थिति के बावजूद तेज प्रताप यादव की राजनीतिक गतिविधियां और उनके बयान लगातार चर्चा में रहते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण में ‘दिमागी नक्सल’ वाले बयान पर शनिवार को प्रतिक्रिया देते हुए तेज प्रताप ने सवाल उठाया कि ‘दिमागी नक्सल’ कौन है और प्रधानमंत्री को यह भी जांचना चाहिए कि ऐसे तत्व उनकी पार्टी में भी हैं या नहीं।
प्रशांत किशोर और अभिजीत दिपके को लेकर दिखाया समर्थन
बिहार की राजनीति में तेज प्रताप यादव ने जन सुराज पार्टी और प्रशांत किशोर के प्रति अपना समर्थन कई मौकों पर जाहिर किया है। बांकीपुर उपचुनाव में जीत पर प्रशांत किशोर को बधाई देते हुए उन्होंने इसे उनकी मेहनत, लगन और जनता के भरोसे का परिणाम बताया था।
इसके अलावा उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके को बिहार आने और लोगों की आवाज बनने का आह्वान भी किया है। 30 जुलाई को पटना में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान सम्राट चौधरी की गिरफ्तारी के बाद तेज प्रताप ने उन पर भी निशाना साधा था।
राजनीतिक जमीन वापस पाने की चुनौती
लालू परिवार के बड़े बेटे के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती बिहार की राजनीति में अपनी खोई हुई जमीन वापस हासिल करने की है। एक करीबी सहयोगी के मुताबिक, तेज प्रताप के लिए यह स्थिति इसलिए भी मुश्किल है क्योंकि उन्होंने मुख्यमंत्री के घर में रहकर राजनीति और सत्ता को बेहद करीब से देखा है। लेकिन राजनीति में परिस्थितियां लगातार बदलती रहती हैं और हर किसी को अपनी जगह बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ता है।