नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में जारी भारी राजनीतिक घमासान और हंगामे के बीच लोकसभा ने ‘टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल 2026’ को बिना किसी चर्चा के पारित कर दिया है। विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन के कारण सदन में इस पर बहस नहीं हो सकी।
यह महत्वपूर्ण विधेयक ‘इनकम-टैक्स (अमेंडमेंट) ऑर्डिनेंस 2026’ की जगह लेगा। इसका मुख्य उद्देश्य विदेशी निवेश को आकर्षित करना, ‘मेक इन इंडिया’ को रफ्तार देना और डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम में नीतिगत सुधार करना है।
1. UPI और डिजिटल पेमेंट पर खत्म हो सकता है ‘जीरो MDR’
इस बिल में ‘पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007’ की धारा 10A में संशोधन का प्रस्ताव है।
- क्या बदलेगा: वर्तमान में UPI, डिजिटल ट्रांजैक्शन और RuPay कार्ड से पेमेंट पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) पूरी तरह शून्य (Zero MDR) है।
- असर: इस संशोधन के बाद सरकार को यह अधिकार मिल जाएगा कि वह जरूरत पड़ने पर UPI और अन्य डिजिटल ट्रांजैक्शन पर MDR या चार्ज लागू कर सके। सरकार तय करेगी कि किस सीमा के बाद और किस प्रकार के लेन-देन पर कितना शुल्क लगेगा।
2. मेक इन इंडिया और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को 15 साल की टैक्स छूट
देश को ग्लोबल इलेक्ट्रॉनिक्स हब बनाने के इरादे से बिल में टैक्स इंसेंटिव्स का दायरा बढ़ाया गया है:
- टैक्स हॉलिडे: घरेलू स्तर पर मोबाइल, लैपटॉप, सर्वर, पीसी और टैबलेट बनाने वाली कंपनियों के लिए टैक्स छूट की अवधि को 5 साल से बढ़ाकर 15 साल कर दिया गया है।
- लाभ: इस कदम से वैश्विक टेक दिग्गजों को भारत में मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने का प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे देश में व्यापक स्तर पर नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
3. विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) को बड़ा टैक्स इंसेंटिव
ग्लोबल ट्रेड और सप्लाई चेन में हो रहे बदलावों के बीच भारतीय बाजार में विदेशी पूंजी बढ़ाने के लिए बिल में विशेष राहत दी गई है:
- कैपिटल गेन में छूट: विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) को गवर्नमेंट सिक्योरिटीज में निवेश से प्राप्त ब्याज आय और कैपिटल गेन (पूंजीगत लाभ) पर टैक्स छूट दी जाएगी।
- इकोनॉमी को बूस्ट: इस कदम से भारतीय बॉन्ड मार्केट में विदेशी निवेश तेजी से बढ़ेगा, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
4. डायमंड इंडस्ट्री को 2041 तक मिलेगी टैक्स राहत
सूरत और भारत के डायमंड प्रोसेसिंग हब को मजबूती देने के लिए इस सेक्टर में काम करने वाली वैश्विक संस्थाओं को राहत दी गई है:
- टैक्स छूट की समयसीमा: विदेशी डायमंड माइनिंग कंपनियों, साइटहोल्डर्स, ब्रोकर्स, एग्रीगेटर्स और नीलामी से जुड़ी संस्थाओं को साल 2041 तक आय पर टैक्स छूट का लाभ मिलेगा।
- फायदा: इससे कच्चे हीरे (Rough Diamonds) की डायरेक्ट ट्रेडिंग भारत में सुलभ होगी और देश के रत्न एवं आभूषण क्षेत्र को वैश्विक बढ़त मिलेगी।
आम आदमी पर क्या पड़ेगा असर?
यद्यपि इस बिल से आपके पर्सनल इनकम टैक्स स्लैब में कोई सीधा बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन लंबी अवधि में इसका व्यापक आर्थिक प्रभाव पड़ेगा। एक तरफ जहाँ इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में निवेश बढ़ने से तकनीक सस्ती होने और युवाओं के लिए नौकरियों के नए दरवाजे खुलने की संभावना है, वहीं दूसरी तरफ UPI पर शुल्क संबंधी फैसले से आम उपभोक्ताओं और छोटे व्यापारियों के डिजिटल पेमेंट अनुभव में बदलाव देखने को मिल सकता है।