Sign In
  • My Bookmarks
IPress House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल
Reading: अरावली पहाड़ियों की बदली परिभाषा को लेकर बढ़ते विरोध पर सुप्रीम कोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान, 29 दिसंबर को होगी सुनवाई
Share
IPress HouseIPress House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
IPress House > Blog > Trending News > अरावली पहाड़ियों की बदली परिभाषा को लेकर बढ़ते विरोध पर सुप्रीम कोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान, 29 दिसंबर को होगी सुनवाई
Trending Newsसियासी

अरावली पहाड़ियों की बदली परिभाषा को लेकर बढ़ते विरोध पर सुप्रीम कोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान, 29 दिसंबर को होगी सुनवाई

news desk
Last updated: December 28, 2025 3:04 pm
news desk
Share
अरावली पहाड़ियों की नई परिभाषा पर सुप्रीम कोर्ट का संज्ञान
अरावली पहाड़ियों की नई परिभाषा पर सुप्रीम कोर्ट का संज्ञान
SHARE

भारत के सुप्रीम कोर्ट ने अरावली पहाड़ियों को लेकर हाल ही में बदली गई परिभाषा से पैदा हुई चिंताओं पर खुद संज्ञान लिया है। पर्यावरण से जुड़े लोगों और विशेषज्ञों का कहना है कि इस बदलाव से अनियंत्रित खनन का रास्ता खुल सकता है, जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान होने का खतरा है। अब इस पूरे मामले की सुनवाई 29 दिसंबर को होगी।

दरअसल, नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने पर्यावरण मंत्रालय की एक समिति की सिफारिशों को मानते हुए अरावली पहाड़ियों की एक नई और समान परिभाषा तय की थी। इसके मुताबिक, जिस भूमि की ऊंचाई स्थानीय राहत से 100 मीटर या उससे ज्यादा होगी, उसे अरावली पहाड़ी माना जाएगा। वहीं, 500 मीटर के दायरे में आने वाली दो या उससे ज्यादा ऐसी पहाड़ियां अरावली रेंज का हिस्सा होंगी।

परिभाषा बदलने पर क्यों उठा विरोध

इस फैसले के बाद पर्यावरण कार्यकर्ताओं, विपक्षी दलों और नागरिक संगठनों ने कड़ा विरोध जताया। उनका कहना है कि ऊंचाई के आधार पर तय की गई इस परिभाषा से अरावली क्षेत्र का 90 फीसदी से ज्यादा हिस्सा सुरक्षा के दायरे से बाहर हो सकता है, क्योंकि ज्यादातर पहाड़ियां और झाड़ीदार वन 100 मीटर से कम ऊंचाई के हैं। इससे रेगिस्तान का फैलाव, भूजल स्तर में गिरावट, जैव विविधता को नुकसान और दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तरी भारत की जलवायु पर बुरा असर पड़ सकता है।

सुप्रीम कोर्ट का रुख और आगे की राह

कोर्ट ने अपने नवंबर के फैसले में नए खनन पट्टों पर रोक लगाई थी और कहा था कि सस्टेनेबल माइनिंग मैनेजमेंट प्लान बनने तक सिर्फ मौजूदा वैध खनन ही सख्त शर्तों के साथ चल सकता है। केंद्र सरकार का कहना है कि अरावली का 90 फीसदी से ज्यादा इलाका सुरक्षित रहेगा और अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई होगी।

अब बढ़ते विरोध को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लिया है और इसे विशेष अवकाश पीठ के सामने सूचीबद्ध किया है, जिसकी अध्यक्षता मुख्य न्यायाधीश सूर्या कांत करेंगे। पर्यावरणविदों को उम्मीद है कि कोर्ट पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देगा। अरावली पहाड़ियां न सिर्फ देश की सबसे पुरानी पर्वत श्रृंखलाओं में हैं, बल्कि उत्तरी भारत के पर्यावरण संतुलन के लिए भी बेहद अहम मानी जाती हैं।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: Aravali definition change, Aravali Hills, Aravali mining issue, biodiversity loss, climate impact India, Delhi NCR environment, environmental concern India, environmental law, environmental protection, green cover India, groundwater crisis, illegal mining, MoEF India, Supreme Court India, sustainable mining
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article कड़ाके की ठंड में भी क्रिकेट का जुनून चरम पर, लखनऊ प्रीमियर लीग ट्रायल का रोमांच, दो दिनों में 620 खिलाड़ियों ने पेश की दावेदारी
Next Article New Year के साथ होंगे नए बदलाव !गैस, कार, सैलरी और बैंकिंग पर असर

फीचर

View More
एपस्टीन फाइल्स में बिल गेट्स

एपस्टीन फाइल्स में बिल गेट्स! मेलिंडा ने तोड़ी चुप्पी, पैंडेमिक सिमुलेशन से लेकर भारत को “लैबोरेटरी” बनाने तक – गेट्स का गन्दा खेल

कुछ हफ्ते पहले अमेरिकी न्याय विभाग ने एक बम फोड़ दिया। जेफरी एपस्टीन - वो शख्स जिसका नाम सुनते ही…

By Gopal Singh 8 Min Read
नोम चोमस्की एपस्टीन विवाद

वह विचारक जिसने सिखाया ‘हर चीज़ पर शक करो’, खुद किस सच से भागता रहा? एपस्टीन चोमस्की के रिश्तों के खुलासों से क्यों हिल गए लेफ्टिस्ट ?

कल्पना कीजिए—आप दशकों तक किसी को अपना वैचारिक मार्गदर्शक मानते रहे। उसकी…

9 Min Read

क्या अमेरिका इज़रायल के कब्जे में है? जॉनी किर्क हत्याकांड में खुल रहे हैं चौंकाने वाले राज, पत्नी भी मोसाद एजेंट?

हाल के दिनों में मोसाद के एजेंटों को लेकर चर्चाएं तेज़ हैं।…

5 Min Read

विचार

View More

भाग-3 : सत्याग्रह का दार्शनिक आधार: टॉल्स्टॉय, गीता और जैन अहिंसा

वैश्विक गांधी: Mandela, King, Einstein ...गांधी का प्रभाव भारत की…

February 5, 2026

महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर विशेष : दक्षिण अफ़्रीका-अपमान, प्रतिरोध और सत्याग्रह का जन्म

1893 में जब महात्मा गांधी दक्षिण…

January 30, 2026

भाग–1 : दक्षिण अफ़्रीका से आधुनिक भारत तक… गांधी, नैतिक राजनीति और आज की प्रासंगिकता

गांधी — इतिहास नहीं, एक नैतिक…

January 28, 2026

मनोरंजन से वैचारिक हथियार तक… भारतीय सिनेमा में प्रोपेगेंडा का बदलता चेहरा

लोकतंत्र में सिनेमा कभी केवल मनोरंजन…

January 9, 2026

लोकतंत्र या नियंत्रित व्यवस्था? रूस-चीन की राह पर चलती भारत और संघ की अदृश्य रणनीति!

एक समय देश में कांग्रेस पार्टी…

December 15, 2025

You Might Also Like

Trending Newsक्राइम

हैदराबाद में बोलेरो कार ने शख्स को घसीटते हुए दौड़ाया, दो गिरफ्तार

हैदराबाद में सड़क दुर्घटना की एक डरावनी घटना सामने आई है, जिसने लोगों में खौफ फैला दिया है। सोशल मीडिया…

2 Min Read
आंखों का सूखापन क्यों रहता है?
Trending Newsअन्य

आंखों में जलन और किरकिराहट से परेशान? जानिए ड्राई आई से बचने के आसान तरीके

अक्सर लोगों को लगता है कि जैसे ही सर्दियां खत्म होंगी, आंखों में होने वाली जलन और सूखापन भी अपने-आप…

4 Min Read
Trending Newsखेल

IND vs PAK T20 World Cup : टीम इंडिया के आगे पाकिस्तान ने किया सरेंडर…कोलंबो में PAK धड़ाम, जीत से टीम इंडिया सुपर-8 में

कोलंबो। ईशान किशन (77), सूर्यकुमार यादव (32) और शिवम दुबे (27) की धमाकेदार पारियों की बदौलत भारत ने रविवार को…

5 Min Read
वुल्फ कट हेयरस्टाइल ट्रेंड
Trending Newsलाइफस्टाइल

थोड़ा वाइल्ड, थोड़ा कूल—क्यों तेजी से पॉपुलर हो रहा है ‘वुल्फ कट’ हेयरस्टाइल ? बन गया है नया फैशन स्टेटमेंट

वेस्टर्न देशों में इन दिनों इस तरह का हेयरकट स्टाइल जबरदस्त ट्रेंड में है — नाम है ‘वुल्फ कट’। सोशल…

3 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?