बॉलीवुड के ‘चीची’ यानी गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा की शादीशुदा जिंदगी एक बार फिर सुर्खियों में है। हमेशा अपनी बेबाकी के लिए जानी जाने वाली सुनीता आहूजा ने हाल ही में एक इंटरव्यू में अपने पर्सनल लाइफ के उन पन्नों को खोला है, जिन्हें उन्होंने अब तक पर्दे के पीछे रखा था।
सुनीता ने न केवल गोविंदा के साथ अपने रिश्तों पर बात की, बल्कि उम्र के इस पड़ाव पर महिलाओं को होने वाली शारीरिक और मानसिक समस्याओं पर भी खुलकर अपनी राय रखी।
“माफी मिलेगी, पर शर्तों के साथ”
सुनीता आहूजा ने साफ कर दिया है कि वो गोविंदा को माफ करने के लिए तैयार हैं, लेकिन अब सब कुछ उनकी शर्तों पर होगा। उन्होंने कहा: “वो मेरा बचपन का प्यार हैं, मैंने उन्हें 18 साल की उम्र से देखा है। लेकिन अब मैं चाहती हूँ कि वो सुधर जाएं और मेरे हिसाब से रहें। अब मेरी बर्दाश्त करने की शक्ति खत्म हो गई है।”
मेनोपॉज और मूड स्विंग्स का जिक्र
आमतौर पर सेलिब्रिटी पत्नियाँ अपनी पर्सनल हेल्थ प्रोब्लेम्स पर बात करने से बचती हैं, लेकिन सुनीता ने यहाँ भी ईमानदारी दिखाई। उन्होंने साझा किया कि वह फिलहाल मेनोपॉज के दौर से गुजर रही हैं। सुनीता ने बताया कि इस उम्र में हार्मोनल बदलाव के कारण उन्हें बहुत तनाव होता है।
उन्होंने ये भी कहा, “इस वक्त मुझे अपने पति और बच्चों के सबसे ज्यादा साथ की जरूरत है। मैं अब और ड्रामा या बाहर की बातें नहीं सह सकती।”
पुराने विवादों पर तीखा प्रहार
गोविंदा पर अक्सर लगने वाले ‘अफेयर’ के आरोपों और उनके कैजुअल रवैये पर सुनीता ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने बताया कि जब भी वो कोई गंभीर बात करना चाहती हैं, गोविंदा उसे मजाक में उड़ा देते हैं। सुनीता ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि 63 साल की उम्र में इस तरह की चीजें शोभा नहीं देतीं है और यह परिवार की छवि खराब करती हैं।
‘अब मैं चुप नहीं रहूँगी’
सुनीता आहूजा ने यह क्लियर कर दिया है कि अब वो केवल ‘गोविंदा की पत्नी’ बनकर घर के कोने में नहीं बैठेंगी। वह अपने व्लॉग्स और इंटरव्यू के जरिए अपनी आवाज उठा रही हैं और अपने आत्मसम्मान के लिए समझौता करने को तैयार नहीं हैं।