शेयर बाजार में तेजी से बदला माहौल, सेंसेक्स और निफ्टी ने की दमदार शुरुआत
नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 21 अक्टूबर को कारोबार की शुरुआत सकारात्मक रुख के साथ हुई। हालिया उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों को राहत मिली और प्रमुख सूचकांकों में अच्छी बढ़त देखने को मिली।
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 656.66 अंक चढ़कर 74,499.56 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 ने 182.30 अंकों की बढ़त के साथ 23,095.25 का स्तर हासिल किया।
बाजार में आई इस तेजी के पीछे आईटी और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी को प्रमुख वजह माना जा रहा है। हालांकि, वैश्विक बाजारों के संकेत, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी एवं घरेलू संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां आगे बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी।
आईटी और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी से बाजार को मिला सहारा
बुधवार को शुरुआती कारोबार में आईटी शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी आईटी इंडेक्स 1.96 प्रतिशत की बढ़त के साथ 32,134.75 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी बैंक भी 162.55 अंक चढ़कर 55,650.65 पर कारोबार करता नजर आया।
इन दोनों सेक्टरों में आई तेजी ने प्रमुख सूचकांकों को मजबूती दी। निवेशकों की दिलचस्पी ने बाजार के शुरुआती रुख को सकारात्मक बनाया। खास तौर पर आईटी और बैंकिंग कंपनियों के शेयरों में खरीदारी से बाजार में तेजी का माहौल बना।
गिफ्ट निफ्टी ने पहले ही दिए थे तेजी के संकेत
भारतीय शेयर बाजार खुलने से पहले ही गिफ्ट निफ्टी के रुझान से सकारात्मक शुरुआत के संकेत मिल रहे थे। चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च वाइस प्रेसिडेंट सचिन गुप्ता के मुताबिक, गिफ्ट निफ्टी करीब 75 अंक ऊपर 23,009 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
यह संकेत घरेलू बाजार में तेजी की संभावना को मजबूत कर रहा था। हालांकि, बाजार में आगे कितनी मजबूती बनी रहती है, यह वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और संस्थागत निवेशकों के फंड फ्लो पर निर्भर करेगा।
ग्लोबल मार्केट की चुनौतियों के बीच घरेलू निवेशकों पर नजर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की ऊंची कीमतें और अमेरिका में बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। इन कारकों का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ सकता है।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार के अनुसार, वैश्विक दबाव के बावजूद घरेलू बाजार को देश में उपलब्ध तरलता और आकर्षक वैल्यूएशन से समर्थन मिल रहा है। घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी भी बाजार को सहारा देने वाले कारकों में शामिल है।
बाजार में तेजी की दो प्रमुख वजहें
1. कंपनियों के तिमाही नतीजों से उम्मीदें
आईटी और बैंकिंग कंपनियों के नतीजों को लेकर निवेशकों की नजर बनी हुई है। बेहतर वित्तीय प्रदर्शन की उम्मीद से इन सेक्टरों के चुनिंदा शेयरों में खरीदारी बढ़ सकती है। हालांकि, किसी भी कंपनी के नतीजों का वास्तविक असर उसके प्रदर्शन और बाजार की उम्मीदों पर निर्भर करेगा।
2. आकर्षक वैल्यूएशन पर खरीदारी
गिरावट के बाद कुछ बड़े शेयरों के मूल्यांकन निवेशकों को आकर्षक लग सकते हैं। ऐसे में घरेलू संस्थागत निवेशक बाजार में कमजोरी आने पर चुनिंदा शेयरों में खरीदारी कर सकते हैं। इससे बाजार को समर्थन मिलने की संभावना रहती है।
निवेशकों के लिए आगे क्या है संकेत?
बाजार की शुरुआती तेजी से निवेशकों का भरोसा बेहतर हुआ है, लेकिन इसे स्थायी तेजी का संकेत मानना जल्दबाजी होगी। निवेशकों को वैश्विक बाजारों की चाल, कच्चे तेल की कीमतों, बॉन्ड यील्ड और कंपनियों के वित्तीय नतीजों पर नजर रखनी चाहिए।
शेयर बाजार में निवेश करते समय केवल शुरुआती उछाल के आधार पर फैसला लेने के बजाय कंपनी के फंडामेंटल, जोखिम उठाने की क्षमता और निवेश की अवधि को ध्यान में रखना जरूरी है।
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