मुंबई/नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को भीषण गिरावट दर्ज की गई, जिसका मुख्य कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कोई बदलाव न करने का फैसला रहा। जेरोम पॉवेल की अध्यक्षता वाली फेड बैठक में नीतिगत दरों को 3.5% से 3.75% के स्तर पर स्थिर रखने का निर्णय लिया गया, जिससे अमेरिकी बाजारों समेत एशियाई बाजारों में ‘पैनिक सेलिंग’ शुरू हो गई।
फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और सप्लाई चेन में बाधाओं के कारण बढ़ती महंगाई का हवाला देते हुए दरों को यथावत रखा है। दिलचस्प बात यह है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से ब्याज दरों में कटौती की मांग कर रहे हैं ताकि अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार को गति मिले। हालांकि, पॉवेल ने स्पष्ट किया है कि फेड का काम सरकार को खुश करना नहीं, बल्कि महंगाई को नियंत्रित करना है। इसी वैचारिक मतभेद के चलते ट्रंप और पॉवेल के बीच तकरार एक बार फिर चर्चा में है।
बाजार में आई इस सुनामी के कारण लार्जकैप से लेकर स्मॉलकैप तक सभी श्रेणियों के शेयर लाल निशान पर ट्रेड कर रहे हैं…
पॉवेल के फैसले के बाद अमेरिकी इंडेक्स डाओ जोंस (Dow Jones) 300 अंक फिसला, जिसका असर आज जापान के निक्केई और हांगकांग के हैंगसैंग समेत पूरे एशियाई बाजार पर ‘क्रैश’ के रूप में दिखाई दे रहा है।
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नई दिल्ली: अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किए…
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