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Gold Price Crash: फेड के फैसले से भी नहीं संभला सोना, डॉलर की मजबूती से फिर टूटा भाव; जानिए गिरावट की बड़ी वजह

नई दिल्ली: अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किए जाने के बाद जिस तेजी की उम्मीद सोने में की जा रही थी, वह पूरी नहीं हो सकी। इसके उलट शनिवार सुबह अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी दोनों की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने और निवेशकों की मुनाफावसूली ने कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा दिया।

चार महीने की सुस्ती के बाद जुलाई में सोने ने बढ़त जरूर दर्ज की, लेकिन नए महीने की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। वहीं चांदी पर भी लगातार दबाव बना हुआ है।

डॉलर मजबूत होते ही सोने-चांदी पर बढ़ा दबाव

दो दिन पहले डॉलर में कमजोरी आने से सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली थी, लेकिन डॉलर की वापसी के साथ निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी। इसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय वायदा बाजार कॉमेक्स पर दिखाई दिया।

कॉमेक्स पर सोना 62 डॉलर टूटकर 4,098 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ। हालांकि जुलाई महीने के दौरान इसमें कुल 1.5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जो फरवरी के बाद पहली मासिक बढ़त रही। दूसरी ओर चांदी 1.24 डॉलर की गिरावट के साथ 57.77 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। चांदी में लगातार दूसरे महीने कमजोरी का रुख बना हुआ है।

फेड के फैसले के बावजूद क्यों नहीं लौटी तेजी?

सोने और चांदी में गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में आई मजबूती मानी जा रही है। शुक्रवार को डॉलर इंडेक्स बढ़कर 100.3 के स्तर पर बंद हुआ। हालांकि साप्ताहिक आधार पर इसमें अब भी करीब डेढ़ प्रतिशत की गिरावट बनी हुई है।

इस बीच अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को 3.50 से 3.75 प्रतिशत के दायरे में यथावत रखा। बैठक के दौरान सभी सदस्य एकमत नहीं थे। तीन अधिकारियों ने महंगाई को नियंत्रित करने के लिए तत्काल ब्याज दर बढ़ाने के पक्ष में मतदान किया।

ईरान तनाव और टैरिफ ने बढ़ाई महंगाई की चिंता

अमेरिका में महंगाई दर पिछले पांच वर्षों से फेड के दो प्रतिशत के लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है। हाल के दिनों में ईरान से जुड़े तनाव और डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगाए गए टैरिफ ने भी बाजार की चिंता बढ़ाई है।

हालांकि जून में ऊर्जा कीमतों में गिरावट से कुछ राहत मिली थी, लेकिन मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से कच्चे तेल की कीमतों में फिर तेजी आई है। इससे आने वाले महीनों में महंगाई बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

एमसीएक्स पर कैसा रहा कारोबार?

घरेलू वायदा बाजार एमसीएक्स में भी मिला-जुला रुख देखने को मिला। पांच अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना 32 रुपये की गिरावट के साथ 1,43,376 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ।

वहीं चांदी के वायदा भाव 2,19,880 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गए। जुलाई के दौरान एमसीएक्स पर सोने में 0.60 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई, जबकि चांदी 5.21 प्रतिशत तक टूट गई।

vineet verma

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