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दुलारचंद यादव की हत्या से मोकामा में पसरा सन्नाटा! तेजस्वी ने उठाया कानून व्यवस्था पर सवाल, पूछा – ‘चुनाव में कुछ लोग बंदूक…’

बिहार विधानसभा चुनाव के बीच मोकामा में हुई जन सुराज पार्टी के समर्थक दुलारचंद यादव की हत्या से इलाके में तनाव पसरा हुआ है. पीड़ित पक्ष के आरोप के आधार पर जेडीयू प्रत्याशी और कुख्यात बाहुबली अनंत सिंह उनके दो भतीजों समेत पांच लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है. यह घटना गुरुवार को मोकामा के टाल क्षेत्र में हुई, जिसके बाद से इस पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है.

मृतक दुलारचंद यादव के पोते के बयान के आधार पर दर्ज प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि अनंत सिंह के समर्थकों ने पहले गोली चलाई और फिर गाड़ी चढ़ाकर दुलारचंद की हत्या कर दी. हालांकि, अभी तक पुलिस ने किसी की गिरफ्तारी नहीं की है.

तेजस्वी यादव ने उठाया कानून व्यवस्था पर सवाल

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि ‘चुनाव के दौरान कुछ लोग बंदूक लेकर घूम रहे हैं और प्रधानमंत्री 20 साल पुरानी बातें कर रहे हैं. अभी कुछ देर पहले सिवान में एएसआई की गला रेतकर हत्या कर दी गई, मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या हो गई. ये इनकी हार की बौखलाहट है. कौन लोग हैं जो इन अपराधियों को पैरोल देने का काम किया…ये शासन इन अपराधियों को संरक्षण दे रहा है’.

वहीं पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने मीडिया को बताया कि तारतर गांव के पास दो गुटों के बीच झड़प हुई थी. घटनास्थल पर पहुंचने पर पुलिस को 2 से 3 क्षतिग्रस्त गाड़ियां मिलीं, जिनमें से एक में दुलारचंद यादव का शव पाया गया. पुलिस के अनुसार, दुलारचंद पर भी पहले से कई हत्या और आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज थे.

अनंत सिंह ने बताया राजनीतिक साजिश !

अपने ऊपर लगे आरोपों को अनंत सिंह ने सिरे से खारिज किया है. उनका कहना है कि जब वे प्रचार से लौट रहे थे, तो उनके काफिले की पीछे चल रही गाड़ियों पर जन सुराज पार्टी समर्थकों ने ईंट-पत्थर से हमला कर दिया. उन्होंने इसे राजद नेता सूरजभान सिंह की साजिश बताया है. हालांकि, सूरजभान सिंह ने इस आरोप पर कोई टिप्पणी नहीं की है.
अनंत सिंह का दावा है कि झगड़े की शुरुआत खुद दुलारचंद यादव ने की थी और उन्होंने अपने समर्थकों को बचाने की कोशिश की.

दुलारचंद की हत्या से बदलेगी राजनीति?

फिलहाल मोकामा का टाल इलाका तनावपूर्ण बना हुआ है. पुलिस गांव-गांव कैंप कर रही है ताकि स्थिति नियंत्रण में रखी जा सके. लेकिन इस पूरे घटनाक्रम का असर चुनावी राजनीति पर पड़ने जा रहा है. चूंकि दुलारचंद यादव जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए प्रचार कर रहे थे. और पीयूष प्रियदर्शी धानूक समाज से आते हैं. अभी तक बिहार में धानूक समाज नीतीश कुमार का वोटबैंक रहा है लेकिन इस घटना के बाद राजनीतिक विश्लेषक बता रहे हैं कि मोकामा का चुनाव अब जातीय रंग ले सकता है. धानूक समाज जेडीयू को छोड़ स्वजातीय पीयूष प्रियदर्शी के साथ जा सकता है.

news desk

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