नई दिल्ली/ढाका। बांग्लादेश में मचे भारी राजनीतिक घमासान और तख्तापलट के बाद भारत में शरण ले रखीं पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अब तक का सबसे बड़ा और सनसनीखेज दावा किया है। एक विशेष ईमेल इंटरव्यू में शेख हसीना ने साफ कर दिया है कि वह इसी साल (2026 में) हर हाल में बांग्लादेश लौटेंगी। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ कोर्ट से आया मौत की सजा का फैसला कोई न्याय नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रतिशोध है और वह मौत के डर से पीछे हटने वाली नहीं हैं।
शेख हसीना ने अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस और बीएनपी (BNP) गठबंधन पर देश को ‘पाकिस्तानी रास्ते’ पर धकेलने का गंभीर आरोप लगाया है।
अवामी लीग (Awami League) पर लगे राजनीतिक प्रतिबंध और दमन चक्र पर बोलते हुए शेख हसीना ने कहा:
शेख हसीना ने वर्तमान यूनुस और बीएनपी शासन के दौरान देश की कानून-व्यवस्था और कट्टरपंथ को लेकर वैश्विक समुदाय को आगाह किया है:
अपनी सरकार के कामकाज की तुलना आज के हालात से करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके समय बांग्लादेश विकास की नई मिसाल बना था:
भारत में अपने निर्वासन के दिनों को साझा करते हुए शेख हसीना ने भावुक लहजे में कहा कि उनका व्यक्तिगत जीवन अब समाप्त हो चुका है और उनका पूरा जीवन बांग्लादेश की जनता के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा, “मैं भारत की धरती पर जरूर हूँ, लेकिन मेरा दिल हर पल बांग्लादेश के पीड़ित कार्यकर्ताओं और वहां की जनता के लिए धड़कता है। मैं अपनी आखिरी सांस तक बांग्लादेश में लोकतंत्र और मानवाधिकारों की बहाली के लिए लड़ती रहूंगी।”
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