तीन दिनों में भारी गिरावट से शेयर बाजार में निवेशकों को बड़ा नुकसान
शेयर बाजार में पिछले तीन कारोबारी सत्रों के दौरान भारी गिरावट देखने को मिली है, जिससे निवेशकों को बड़ा झटका लगा है। Sensex करीब 2,600 अंक यानी लगभग 3.3% तक लुढ़क गया, जबकि Nifty 50 में भी 2.8% की गिरावट दर्ज की गई। इस तेज गिरावट के चलते निवेशकों की कुल संपत्ति में करीब ₹9 लाख करोड़ की बड़ी कमी आ गई है।
बाजार में यह गिरावट अचानक नहीं आई, बल्कि लगातार तीन दिनों तक बिकवाली का दबाव बना रहा। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ग्लोबल मार्केट में कमजोरी, विदेशी निवेशकों की बिकवाली (FII selling) और आर्थिक अनिश्चितता इसके प्रमुख कारण रहे हैं। आईटी, बैंकिंग और मेटल सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला।
विश्लेषकों का कहना है कि निवेशक फिलहाल सतर्क हो गए हैं और जोखिम लेने से बच रहे हैं। खासकर वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों, महंगाई और जियो-पॉलिटिकल टेंशन को लेकर जो अनिश्चितता बनी हुई है, उसका असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिख रहा है।
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, हाल के दिनों में कई बड़ी कंपनियों के कमजोर आउटलुक और ग्लोबल संकेतों ने निवेशकों का भरोसा कमजोर किया है। इसके अलावा, मुनाफावसूली (profit booking) भी गिरावट का एक बड़ा कारण मानी जा रही है।
हालांकि, कुछ विशेषज्ञ इसे एक “नॉर्मल करेक्शन” भी बता रहे हैं और मानते हैं कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट मौके भी पैदा कर सकती है। लेकिन शॉर्ट टर्म में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे समय में घबराकर फैसले लेने से बचना चाहिए और निवेश को लेकर लंबी अवधि की रणनीति अपनानी चाहिए।
डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। पिछले प्रदर्शन से भविष्य के रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती।
डिजिटल एंटरटेनमेंट के बढ़ते दौर में स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर परोसे जा रहे कंटेंट को लेकर…
अगर आप भी कार या बाइक चलाते हैं और अपने ई-चालान को 'बाद में देख…
ढाका। बांग्लादेश की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है। बांग्लादेश के…
नई दिल्ली । NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली की सियासत में हलचल तेज…
नई दिल्ली। NEET-UG पेपर लीक विवाद के बीच देश की राजनीति और छात्र आंदोलन में…
नई दिल्ली। मानसून सत्र 2026 के पहले सप्ताह में संसद का कामकाज पूरी तरह ठप…