नई दिल्ली: घर, फ्लैट, दुकान या ऑफिस जैसी प्रॉपर्टी का बीमा कराना नुकसान की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा दे सकता है। लेकिन हर प्रॉपर्टी के लिए एक जैसी इंश्योरेंस पॉलिसी नहीं होती। इसका चुनाव काफी हद तक इस बात पर निर्भर करता है कि प्रॉपर्टी का इस्तेमाल रहने के लिए किया जा रहा है या कारोबार के लिए। ऐसे में Residential Property Insurance और Commercial Property Insurance के बीच का फर्क समझना जरूरी है।
रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी इंश्योरेंस घर, फ्लैट, अपार्टमेंट या रहने के लिए इस्तेमाल होने वाली दूसरी प्रॉपर्टी के लिए होता है। इसमें पॉलिसी की शर्तों के मुताबिक मकान की बिल्डिंग के साथ घर में रखे जरूरी सामान को भी बीमा सुरक्षा मिल सकती है।
आग, विस्फोट, बिजली गिरने, भूकंप, बाढ़ और तूफान जैसी घटनाओं से होने वाले नुकसान को कुछ पॉलिसियों में कवर किया जाता है। फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक सामान, एयर कंडीशनर और अन्य घरेलू वस्तुओं के लिए भी कवर मिल सकता है।
हालांकि, हर सामान और हर तरह का नुकसान अपने आप बीमा के दायरे में नहीं आता। इसलिए पॉलिसी खरीदने से पहले उसमें शामिल जोखिम और अपवाद ध्यान से समझना जरूरी है।
कमर्शियल प्रॉपर्टी इंश्योरेंस कारोबार के लिए इस्तेमाल होने वाली प्रॉपर्टी को ध्यान में रखकर लिया जाता है। इसमें दुकान, ऑफिस, गोदाम या दूसरी व्यावसायिक जगहें शामिल हो सकती हैं।
ऐसी प्रॉपर्टी में सिर्फ इमारत ही नहीं, बल्कि मशीनरी, स्टॉक और कारोबार से जुड़ा अन्य सामान भी होता है। इसलिए कमर्शियल पॉलिसी में इन चीजों से जुड़े जोखिमों को भी ध्यान में रखा जा सकता है।
कुछ पॉलिसियों में बिजनेस इटरप्शन कवर का विकल्प भी होता है। बीमित घटना के कारण कारोबार बंद होने पर उससे होने वाले नुकसान के लिए इस तरह के कवर के तहत सुरक्षा मिल सकती है।
अगर कोई व्यक्ति अपने घर का इस्तेमाल रहने के साथ कारोबार के लिए भी करता है, तो सामान्य होम इंश्योरेंस हर स्थिति में पर्याप्त नहीं हो सकता। खासकर तब, जब घर में कर्मचारियों या अन्य लोगों की मौजूदगी के साथ कारोबार चल रहा हो।
ऐसी स्थिति में कमर्शियल इंश्योरेंस की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए सिर्फ यह देखकर पॉलिसी नहीं चुननी चाहिए कि प्रॉपर्टी घर है, बल्कि यह भी देखना चाहिए कि उसका वास्तविक इस्तेमाल किस तरह हो रहा है।
प्रॉपर्टी इंश्योरेंस लेने से पहले सबसे पहले यह स्पष्ट करें कि प्रॉपर्टी का इस्तेमाल आवासीय है या व्यावसायिक। इसके बाद यह देखें कि पॉलिसी में बिल्डिंग के अलावा घरेलू सामान, स्टॉक और मशीनरी में से क्या-क्या शामिल है।
साथ ही किन घटनाओं से होने वाला नुकसान कवर किया जाएगा और किन परिस्थितियों को पॉलिसी से बाहर रखा गया है, इसकी जानकारी भी लें। सही इस्तेमाल के हिसाब से सही पॉलिसी चुनने से नुकसान की स्थिति में आर्थिक परेशानी को कम करने में मदद मिल सकती है।
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