देश में चल रही मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया पर अब सवाल उठ रहे हैं. सोशल मीडिया पर चुनाव आयोग की कार्यशैली, मतदाता सूची से नाम कटने की आशंकाओं और बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) पर बढ़ते दबाव को लेकर तीखी बहस जारी है.
इस बीच, पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने SIR प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं. यह पहली बार है कि किसी भाजपा नेता ने इस प्रक्रिया पर सार्वजनिक रूप से आपत्ति जताई है.
बड़े सवाल यह उठता है कि शुभेंदु अधिकारी ने इस प्रक्रिया को लेकर विरोध क्यों किया.दरअसल, उन्होंने राज्य की ममता सरकार पर गंभीर आरोप लगाया है. सिलीगुड़ी में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य प्रशासन मतदाता सूची में व्यक्तिगत और अनियमित हस्तक्षेप कर रहा है, और वरिष्ठ अधिकारी अपात्र लोगों को सूची में बनाए रखने में सक्रिय रूप से शामिल हैं.
शुभेंदु अधिकारी ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इस पूरी प्रक्रिया को घोटालेबाजी से जोड़ दिया। उनका दावा है कि प्रदेश का प्रशासन निर्वाचन प्रक्रिया में धोखाधड़ी में शामिल है और सरकार के इशारे पर यह खेल चल रहा है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बांग्लादेशी घुसपैठियों को मतदाता सूची में शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है.
इसके अलावा, उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारी जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी और सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी को सीधे निर्देश दे रहे हैं ताकि कुछ नाम गलत तरीके से सूची में बने रहें.
शुभेंदु अधिकारी ने इस संदर्भ में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र भी लिखा है, जिसमें उन्होंने ममता सरकार पर तटस्थता का उल्लंघन और पुलिस बल के दुरुपयोग का आरोप लगाया है.
अधिकारी ने ममता सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि वह सभी मुसलमानों को अल्पसंख्यक का लेबल देकर वोट बैंक राजनीति कर रही हैं, चाहे वे उर्दू बोलने वाले हों या बंगाली. उनका कहना है कि ममता सरकार ‘राष्ट्र-विरोधी’ है और लोगों से इसे हटाने की अपील की. इसके अलावा, उन्होंने SIR प्रक्रिया की धीमी गति पर भी सवाल उठाए और इसे लेकर असंतोष जताया.
बता दे कि पश्चिम बंगाल में भी BLO कर्मचारियों की मौतों का मामला चिंता का विषय बन गया है. ममता सरकार लगातार चुनाव आयोग पर दबाव डाल रही है और इस मुद्दे को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दे रही है. राज्य में लगातार BLO के मरने की खबरें सामने आ रही हैं और यह मामला लगातार तूल पकड़ रहा है.SIR प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज हुई सुनवाई के दौरान, पश्चिम बंगाल याचिकाकर्ता के वकील ने दावा किया कि राज्य में SIR के दौरान अब तक 23 BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) की मौत हो चुकी है. इस गंभीर आरोप पर कोर्ट ने पश्चिम बंगाल राज्य चुनाव कार्यालय से 1 दिसंबर तक लिखित जवाब तलब किया है.
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