केरल पुलिस ने 26 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर और आरएसएस कार्यकर्ता आनंदू अजी की मौत से जुड़े यौन शोषण के आरोपों पर कंजिरापल्ली के निवासी निधीश मुरलीधरन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. अजी 9 अक्टूबर को तिरुवनंतपुरम के थम्पनूर स्थित एक लॉज में मृत मिले थे, और शुरुआती जांच में उनकी मौत को आत्महत्या का रूप दिया गया.
सुसाइड नोट और वीडियो में गंभीर आरोप
आनंदू अजी ने इंस्टाग्राम पर शेड्यूल्ड पोस्ट के जरिए 15 पेज का सुसाइड नोट साझा किया था, जिसमें उन्होंने ‘एनएम’ नामक व्यक्ति पर बचपन से ही बार-बार यौन शोषण का आरोप लगाया. नोट में उन्होंने आरएसएस के शिविरों में होने वाले कथित शोषण का भी जिक्र किया, दावा करते हुए कि इससे उन्हें गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं हुईं, जैसे ऑब्सेसिव-कंपल्सिव डिसऑर्डर (ओसीडी). एक पूर्व-रिकॉर्डेड वीडियो में, जो 14 सितंबर को शूट किया गया था, अजी ने स्पष्ट रूप से निधीश मुरलीधरन का नाम लिया, जिन्हें वो परिवारिक मित्र बताते हैं. वीडियो में अजी ने कहा कि शोषण की शुरुआत तीन-चार साल की उम्र में हुई और इससे उनकी जिंदगी बर्बाद हो गई.
वीडियो में अजी ने आरएसएस सदस्यों से दूरी बनाने की सलाह दी और कहा कि वो अकेले पीड़ित नहीं हैं. अजी की मौत के बाद यह मामला राजनीतिक रंग ले चुका है. यूथ कांग्रेस और डीवाईएफआई जैसे संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किए, आरोपी की गिरफ्तारी और गहन जांच की मांग की. कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर आरएसएस से इन आरोपों की निष्पक्ष जांच की अपील की.
आरएसएस का इनकार
आरएसएस ने इन आरोपों को ‘संदिग्ध और बेबुनियाद’ बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया. संगठन के दक्षिण केरल प्रांत के संयुक्त महासचिव के.बी. श्रीकुमार ने बयान जारी कर कहा कि अजी की मौत दुखद है, लेकिन सुसाइड नोट को संपादित कर संगठन को बदनाम करने की साजिश हो सकती है. उन्होंने अजी के चिंता, अवसाद और ओसीडी के इतिहास का हवाला देते हुए पुलिस से व्यापक जांच की मांग की. आरएसएस ने कहा कि वो हमेशा से नैतिक मूल्यों पर आधारित हैं और ऐसी घटनाओं की कोई गुंजाइश नहीं. पुलिस ने अजी के परिवार के बयान दर्ज किए हैं और आरोपी निधीश से पूछताछ की योजना बना रही है. हालांकि, वीडियो में अजी ने खुद स्वीकार किया कि उनके पास ठोस सबूत नहीं हैं, जिससे जांच में चुनौतियां आ सकती हैं.