रितु जयसवाल
बिहार विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, आरजेडी के भीतर टिकट बंटवारे को लेकर मचा घमासान अब खुलकर सामने आ रहा है. एक तरफ जहां मदन शाह ने आरजेडी पर टिकट के बदले पैसे मांगने जैसे गंभीर आरोप लगाये हैं, वहीं दूसरी ओर आरजेडी नेता रितु जयसवाल ने भी संगठन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.
आरजेडी से नाराज़गी जाहिर करते हुए क्या बोलीं रितु
रितु जयसवाल ने एक्स पर अपनी लंबी पोस्ट में आरजेडी से नाराज़गी जाहिर करते हुए लिखा कि ‘कल शाम जैसे ही यह चर्चा फैली कि मुझे परिहार से टिकट न देकर बेलसंड से दिए जाने की संभावना है, परिहार की जनता के असंख्य फोन और फेसबुक ट्विटर पर संदेश आने लगे. सबकी एक ही अपील थी “मैडम, परिहार को मत छोड़िए”.
पिछले पाँच वर्षों से मैंने परिहार की मिट्टी, यहाँ के लोगों के सुख-दुख, संघर्ष और उम्मीदों को बहुत करीब से महसूस किया है. आज परिहार की बदहाल स्थिति के लिए वर्तमान BJP विधायक गायत्री देवी ही नहीं, बल्कि पूर्व विधायक डॉ. रामचंद्र पूर्वे जी भी समान रूप से जिम्मेदार हैं.’
रितु ने याद दिलायी “पूर्वे की गद्दारी”
रितु यहीं नहीं रूकीं , उन्होंने आगे कहा कि ‘यह बात किसी से छिपी नहीं है कि डॉ. पूर्वे ने पिछले विधानसभा चुनाव में, राजद के एमएलसी रहते हुए, पार्टी से गद्दारी की थी. इसी कारण मुझे मामूली अंतर से हार का सामना करना पड़ा था. आज जब पार्टी ने डॉ. पूर्वे जी की बहू को परिहार से टिकट दिया है, तो यह उनकी गद्दारी का पुरस्कार जैसा प्रतीत होता है.’
अंत में की भावुक अपील
उन्होंने यह भी कहा कि परिहार को छोड़कर किसी अन्य क्षेत्र से विधानसभा चुनाव लड़ना उनकी आत्मा को स्वीकार नहीं. इसलिए उन्होंने पार्टी नेतृत्व को साफ तौर पर अवगत करा दिया है कि यदि पार्टी किसी मजबूरीवश अपना निर्णय नहीं बदलती है, तो वे परिहार से स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ेंगी.
अंत में उन्होंने भावुकता से कहा कि ‘यह निर्णय आसान नहीं है, पर यह मेरे मन की आवाज़ है और परिहार की जनता की भावनाओं का सम्मान भी.’
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