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Ram Mandir Donation Scam: महाकुंभ के दौरान राम मंदिर के चढ़ावे में ‘महाचोरी’, जीजा-साले ने खरीदी करोड़ों की संपत्ति; अब ED और IT की एंट्री

Highlights

  • ED की एंट्री: मनी ट्रेल की जांच के लिए अयोध्या पुलिस प्रवर्तन निदेशालय (ED) को लिखेगी पत्र।
  • मास्टरमाइंड जोड़ी: जीजा-साले (लवकुश और अनुकल्प मिश्रा) ने की सबसे बड़ी चोरी, खरीदीं आधा दर्जन से ज्यादा संपत्तियां।
  • ट्रस्ट पर आंच: राम मंदिर ट्रस्ट के चंपत राय और अनिल मिश्रा की बढ़ीं मुश्किलें, SBI कर्मचारी भी शक के दायरे में।

अयोध्या। अयोध्या के भव्य राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे और दान की राशि में हुई ऐतिहासिक चोरी के मामले में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। अयोध्या पुलिस की जांच में सामने आया है कि साल 2025 में प्रयागराज में आयोजित ‘महाकुंभ’ के दौरान, जब राम मंदिर में दान का प्रवाह चरम पर था, तब इस नेटवर्क ने सबसे बड़ी चोरी को अंजाम दिया।

इस पूरे घोटाले की गंभीरता को देखते हुए अयोध्या पुलिस अब मामले की वित्तीय कड़ियों (Money Trail) को खंगालने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आयकर विभाग (Income Tax Department) की मदद ले रही है।

महाकुंभ की आड़ में हुआ करोड़ों का खेल

प्रयागराज महाकुंभ 2025 (13 जनवरी से 26 फरवरी) के दौरान 60 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया था। इस वैश्विक समागम के दौरान अयोध्या राम मंदिर में भी चढ़ावे की रकम में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए 8 आरोपियों का गिरोह पहले छोटी-मोटी चोरियां करता था, लेकिन महाकुंभ के दौरान भारी कैश को देखकर उन्होंने सुनियोजित तरीके से इस ‘महापाप’ को अंजाम दिया।

जीजा-साले की जोड़ी ने खरीदीं बेनामी संपत्तियां, SBI कर्मी भी रडार पर

जांच में सबसे मुख्य नाम लवकुश मिश्रा और उसके साले अनुकल्प मिश्रा का सामने आया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक:

  • इस जोड़ी ने दान की रकम का सबसे बड़ा हिस्सा उड़ाया।
  • चोरी के पैसों से अब तक आधा दर्जन (6 से ज्यादा) अवैध संपत्तियां खरीदने की बात सामने आई है।
  • आरोपी अविनाश शुक्ला की निशानदेही पर पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा कैश बरामद किया है।

बैंक और ट्रस्ट की भूमिका संदिग्ध:

इस घोटाले की आंच स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) तक भी पहुँच गई है। बैंक के कुछ कर्मचारियों की भूमिका फिलहाल पुलिस के शक के दायरे में है, जिनकी मिलीभगत से इस वित्तीय हेराफेरी को अंजाम दिया गया।

चंपत राय और अनिल मिश्रा की बढ़ीं मुश्किलें

राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा की मुश्किलें इस खुलासे के बाद काफी बढ़ गई हैं। जांच की सुई अब सीधे तौर पर राम मंदिर की दान प्रबंधन व्यवस्था (Donation Management System) और सुरक्षा ऑडिट पर उठ रही है। पुलिस इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही है कि आखिर इतने कड़े सुरक्षा चक्र और सीसीटीवी की मौजूदगी के बावजूद इतनी बड़ी रकम कैसे गायब होती रही।

पुलिस एक्शन: अयोध्या पुलिस जल्द ही ED को औपचारिक पत्र भेजने जा रही है, जिसके बाद आरोपियों की संपत्तियों को कुर्क (Seize) करने और मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होगी।

news desk

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