नई दिल्ली: गांधी जयंती की छुट्टी और शनिवार-रविवार के वीकेंड को देखते हुए बड़ी संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों की ओर पहुंच गए। दिल्ली-एनसीआर समेत आसपास के शहरों से भारी संख्या में लोग घूमने और धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए निकले। इसका असर पहाड़ी सड़कों पर साफ दिखाई दिया। शिमला, मनाली, मसूरी, नैनीताल, कैंचीधाम, भीमताल और मुक्तेश्वर समेत कई इलाकों में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई जगह लोगों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ा।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में भी सड़कों पर बड़ी संख्या में वाहन रेंगते नजर आए। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड दोनों राज्यों से यातायात प्रभावित होने की तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं। छुट्टी के चलते अचानक बढ़े वाहनों के दबाव ने कई प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था को चुनौती दे दी।
हिमाचल प्रदेश में चंडीगढ़-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग-5 और कालका-शिमला मार्ग पर शुक्रवार और शनिवार को भारी यातायात दबाव रहा। कई स्थानों पर वाहन बेहद धीमी गति से चलते दिखाई दिए। यातायात को नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई, लेकिन वाहनों की संख्या अधिक होने के कारण स्थिति सामान्य होने में समय लगा।
शिमला और मनाली के अलावा हिमाचल प्रदेश के दूसरे पर्यटन स्थलों पर भी बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने से सड़कों पर दबाव बढ़ गया। लंबे वीकेंड का असर खास तौर पर उन मार्गों पर दिखा, जहां सामान्य दिनों की तुलना में वाहनों की संख्या अचानक बढ़ गई।
उत्तराखंड में मानसून की विदाई के बाद चारधाम यात्रा ने फिर रफ्तार पकड़ ली है। लंबे वीकेंड के कारण शुक्रवार को चारधाम और हेमकुंड साहिब पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई।
आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार को चारधाम और हेमकुंड साहिब में कुल 39,567 श्रद्धालु पहुंचे। इससे पहले के दिनों में रोजाना औसतन करीब 13,000 श्रद्धालु पहुंच रहे थे। शुक्रवार को केदारनाथ में सबसे अधिक 12,844 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। इसके बाद गंगोत्री में 10,708, बदरीनाथ में 7,582 और यमुनोत्री में 6,121 श्रद्धालु पहुंचे।
गांधी जयंती की छुट्टी के कारण उत्तराखंड के पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर भी पर्यटकों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। देहरादून, मसूरी, हरिद्वार और ऋषिकेश के साथ नैनीताल जिले के कैंचीधाम, मुक्तेश्वर और भीमताल में भी यातायात प्रभावित हुआ।
कई मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लगने के कारण लोगों को चार से पांच घंटे तक जाम में फंसे रहना पड़ा। नैनीताल, कैंचीधाम, भीमताल और मुक्तेश्वर में बढ़े यातायात दबाव को संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी के मुताबिक, यातायात को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई और जरूरत के अनुसार कई स्थानों पर वाहनों का मार्ग बदला गया।
कैंचीधाम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए पुलिस ने यातायात व्यवस्था में बदलाव किया। श्रद्धालुओं को शटल वाहनों के जरिए कैंचीधाम पहुंचाया गया और दर्शन के लिए कतार की व्यवस्था की गई।
देहरादून और मसूरी में भी पर्यटकों की भीड़ का असर सड़कों पर देखने को मिला। सामान्य तौर पर देहरादून से मसूरी पहुंचने में करीब एक से डेढ़ घंटे लगते हैं, लेकिन भारी यातायात के कारण यही सफर तीन से चार घंटे तक खिंच गया।
लंबे वीकेंड पर संभावित भीड़ को देखते हुए देहरादून पुलिस ने देहरादून, मसूरी और ऋषिकेश के लिए विशेष यातायात योजना लागू की है। पुलिस ने यात्रियों से यातायात नियमों का पालन करने, निर्धारित पार्किंग स्थलों का इस्तेमाल करने और यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।
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