कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इन दिनों दक्षिण अमेरिका की यात्रा पर हैं. इस दौरान वे छात्रों, राजनीतिक नेताओं और कारोबारी समुदायों से मुलाकात करेंगे. बीते दिन राहुल गांधी बोगोटा पहुंचे जहां उन्होंने कोलंबिया के यूनिवर्सिदाद EIA में छात्रों और शिक्षाविदों को संबोधित किया, जहां लोकतंत्र और तकनीकि सहित कई मुद्दों पर उन्होंने अपनी बात रखी.
युवाओं पर क्या बोले राहुल गांधी ?
“El futuro es hoy” (“भविष्य आज है”) शीर्षक सम्मेलन में बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि ‘युवाओं को भविष्य के निष्क्रिय दर्शक नहीं, बल्कि सक्रिय निर्माता बनना चाहिए.’

उन्होंने जोर दिया कि ‘तकनीकी प्रगति को हमेशा करुणा, समानता और लोकतंत्र जैसे मानवीय मूल्यों के साथ संतुलित होना चाहिए. नवाचार केवल तभी मायने रखता है जब वह मानवता के साथ जुड़ा हो.’
राहुल गांधी ने खचाखच भरे सभागार से कहा कि ‘भविष्य को गढ़ने का अधिकार केवल कॉर्पोरेट जगत तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसमें विश्वविद्यालयों और युवाओं की अग्रणी भूमिका होनी चाहिए.’
वैश्विक असमानता और जलवायु संकट पर रखी बात
अपने भाषण में राहुल ने शिक्षा सुधार, जलवायु संकट और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के अनियंत्रित इस्तेमाल से उत्पन्न खतरों पर भी बात की. उन्होंने कहा, ‘यदि तकनीक का इस्तेमाल केवल मनोवैज्ञानिक नियंत्रण या शक्ति के केंद्रीकरण के लिए किया जाता है, तो यह नागरिक जीवन को नुकसान पहुंचाती है.’
वैश्विक असमानता पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि हाल के तकनीकी बदलावों ने ‘धन और शक्ति को बहुत कम हाथों में केंद्रित कर दिया है,जिससे लोकतांत्रिक संस्थान कमजोर हुए हैं.’ उन्होंने कहा, ‘पब्लिक पॉलिसी को सुनिश्चित करना चाहिए कि तकनीक का लाभ कुछ लोगों तक सीमित न रहे, बल्कि अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचे.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कॉर्पोरेट जवाबदेही पर दिये जवाब
इंटरैक्टिव सत्र के दौरान छात्रों ने उनसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नियमन, कॉर्पोरेट जवाबदेही और नवाचार के संसाधनों तक पहुंच जैसे मुद्दों पर सवाल किए. जिसपर जवाब देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि नागरिकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ‘कंपनियां टैक्स चुकाएं, डेटा की रक्षा करें और ऐसे मानदंडों का पालन करें जो जनहित को सुरक्षित रखें.’
अपने संबोधन के अंत में कांग्रेस सांसद ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा, ‘हम जिम्मेदारी को कल पर नहीं टाल सकते. भविष्य आज है — अभी कार्य करें, विनम्रता और साहस के साथ तकनीक को इंसानों के लिए गढ़ें.’