Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: दिल्ली प्रदर्शन में पैलेट गन चली या नहीं? RAF ने शुरू की जांच, जानिए क्या है यह हथियार और क्यों उठते रहे हैं सवाल
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Latest News > दिल्ली प्रदर्शन में पैलेट गन चली या नहीं? RAF ने शुरू की जांच, जानिए क्या है यह हथियार और क्यों उठते रहे हैं सवाल
Latest Newsअन्य

दिल्ली प्रदर्शन में पैलेट गन चली या नहीं? RAF ने शुरू की जांच, जानिए क्या है यह हथियार और क्यों उठते रहे हैं सवाल

vineet verma
Last updated: July 26, 2026 5:35 am
vineet verma
Share
SHARE

नई दिल्ली: नीट पेपर लीक मामले को लेकर 20 जुलाई को दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के कथित इस्तेमाल के आरोपों की जांच अब रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) ने शुरू कर दी है। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया गया और पैलेट गन से फायरिंग भी हुई। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने ऐसे किसी भी हथियार के इस्तेमाल से साफ इनकार किया है। अब शुरुआती जांच के आधार पर आगे औपचारिक जांच कराए जाने पर फैसला लिया जाएगा।

Contents
पैलेट गन के इस्तेमाल के आरोपों पर क्या है पूरा मामला?घटनाक्रम की होगी विस्तृत पड़तालक्या होती है पैलेट गन?पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर क्या हैं नियम?क्यों विवादों में रहती है पैलेट गन?पहले भी सामने आ चुके हैं गंभीर मामले

20 जुलाई को आयोजित विरोध मार्च के दौरान बल प्रयोग को लेकर उठे सवालों के बीच यह जांच शुरू की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच पूरी होने के बाद जरूरत पड़ने पर औपचारिक कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी शुरू करने पर विचार किया जाएगा।

पैलेट गन के इस्तेमाल के आरोपों पर क्या है पूरा मामला?

प्रदर्शन के बाद सामने आई कुछ मीडिया रिपोर्टों में घायलों के बयान और मेडिकल रिकॉर्ड के आधार पर दावा किया गया कि कई प्रदर्शनकारी पैलेट गन के छर्रों से घायल हुए। इन दावों के बाद सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई सवालों के घेरे में आ गई।

दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि उसके पास न तो पैलेट गन उपलब्ध हैं और न ही भीड़ नियंत्रण के दौरान ऐसे हथियारों का इस्तेमाल किया गया।

अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह तय किया जाएगा कि विस्तृत विभागीय जांच की आवश्यकता है या नहीं।

घटनाक्रम की होगी विस्तृत पड़ताल

अधिकारियों के अनुसार, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), जिसके अधीन RAF कार्य करती है, ने संबंधित अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम का क्रमवार पुनर्निर्माण करने के निर्देश दिए हैं।

जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए किस प्रकार की कार्रवाई की गई और किन परिस्थितियों में बल प्रयोग हुआ। साथ ही उन घटनाओं की भी समीक्षा की जाएगी, जिनमें RAF कर्मियों पर कथित हमले होने की बात कही गई है।

अधिकारियों ने यह भी बताया कि RAF के दंगा नियंत्रण उपकरणों में 12-बोर पंप-एक्शन गन शामिल होती हैं, जिन्हें आमतौर पर पैलेट गन कहा जाता है। मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार इनका उपयोग केवल अत्यंत गंभीर परिस्थितियों में ही किया जा सकता है, जब सुरक्षा बलों पर बड़ा खतरा मंडरा रहा हो।

क्या होती है पैलेट गन?

पैलेट गन एक विशेष प्रकार की राइफल होती है, जिससे धातु या रबर के छोटे-छोटे छर्रों से भरे कारतूस दागे जाते हैं। एक कारतूस में करीब 600 तक पैलेट हो सकते हैं, जो तेज रफ्तार से निकलकर लक्ष्य को प्रभावित करते हैं।

इसे आमतौर पर भीड़ नियंत्रण के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले गैर-घातक हथियारों की श्रेणी में रखा जाता है। हालांकि, गलत परिस्थितियों या गलत तरीके से इस्तेमाल होने पर यह गंभीर और स्थायी चोट का कारण भी बन सकता है।

भारत में इस हथियार का इस्तेमाल सबसे अधिक जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाजी की घटनाओं के दौरान भीड़ नियंत्रण के लिए किया गया है।

पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर क्या हैं नियम?

मानक संचालन प्रक्रिया के मुताबिक पैलेट गन का इस्तेमाल कम से कम 500 फीट की दूरी से किया जाना चाहिए और निशाना हमेशा कमर के नीचे रखा जाना चाहिए।

विशेषज्ञों का मानना है कि वास्तविक परिस्थितियों में इन नियमों का पालन हर बार संभव नहीं हो पाता। ऐसी स्थिति में चेहरे, आंखों और शरीर के ऊपरी हिस्से पर गंभीर चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है।

धातु के पैलेट गहरे घाव कर सकते हैं, जबकि रबर के पैलेट भी तेज दर्द, सूजन और गंभीर चोट का कारण बन सकते हैं।

क्यों विवादों में रहती है पैलेट गन?

सुरक्षा एजेंसियां पैलेट गन को सामान्य गोलीबारी की तुलना में कम घातक विकल्प मानती हैं, लेकिन मानवाधिकार संगठनों और चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि इसका प्रभाव कई बार बेहद गंभीर हो सकता है।

यदि पैलेट आंखों में लग जाएं तो कॉर्निया को नुकसान, रेटिना डिटैचमेंट और स्थायी दृष्टिहानि जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कई मामलों में एक से अधिक सर्जरी की जरूरत पड़ती है और पूरी तरह स्वस्थ होना भी आसान नहीं होता।

पहले भी सामने आ चुके हैं गंभीर मामले

2016-17 के आंदोलनों के दौरान बड़ी संख्या में लोग पैलेट गन से लगी चोटों से प्रभावित हुए थे। कई लोगों की आंखों की रोशनी प्रभावित हुई, जबकि कई के चेहरे पर स्थायी निशान रह गए। चिकित्सकों के अनुसार, शरीर के भीतर धंसे पैलेट को निकालना जटिल प्रक्रिया होती है और कई बार लंबे इलाज की जरूरत पड़ती है।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: Crowd Control Weapon, CRPF, Delhi News, delhi protest, Delhi Protest Pellet Gun, Hindi News, India News, NEET Protest, Pellet Gun, Pellet Gun Guidelines, Pellet Gun Injury, Pellet Gun Meaning, RAF Investigation, RAF Probe, Riot Control, पैलेट गन क्या है
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article गाड़ियां खुद करेंगी एक-दूसरे से बात! V2X टेक्नोलॉजी से बदल जाएगी सड़क सुरक्षा, जानिए कैसे हादसों पर लगेगी लगाम
Next Article क्या होर्मुज को खुलवाने के लिए बनेगा नया सैन्य गठबंधन? लंदन में बड़ी बैठक की चर्चा, अमेरिका की नई रणनीति पर दुनिया की नजर

फीचर

View More

गरबा में मुस्लिमों की एंट्री पर विवाद के बीच जानिए कितनी पुरानी है ये परंपरा? नवरात्रि से क्या है कनेक्शन और कैसे शुरू हुआ

गांधीनगर: महाराष्ट्र में नवरात्रि से पहले गरबा कार्यक्रमों में मुस्लिमों की एंट्री पर रोक और आधार कार्ड की जांच को…

By vineet verma 7 Min Read

गंगा में ही क्यों विसर्जित की जाती हैं अस्थियां? क्या मोक्ष से जुड़ा है इसका रहस्य? जानिए अंतिम संस्कार के बाद इस परंपरा का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व

नई दिल्ली: हिंदू धर्म में मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार को जीवन…

5 Min Read

Explainer: 450 साल पुराना है दुनिया का नक्शा, फिर आज भी क्यों इस्तेमाल होता है? समझिए अब क्या बदलेगा

दुनिया का नक्शा हम बचपन से देखते आए हैं। स्कूल की किताबों…

7 Min Read

विचार

View More

भारतीय रेडियो प्रसारण के 100 वर्ष: ‘श्रुति’ की परंपरा से ‘मन की बात’ तक… ऐसा रहा जादुई तरंगों का 100 साल का सफर

उस अविस्मरणीय पल को याद कीजिए, जब आपने पहली बार…

August 13, 2026

क्या कभी सोचा है कि आखिर कैसे दक्षिण से उत्तर तक पूरे देश में छा जाते हैं बादल और शुरू हो जाती है झमाझम बारिश?

नई दिल्ली: देश में मानसून की…

July 9, 2026

‘एक भी अमेरिकी सैनिक जिंदा नहीं लौटेगा’… आखिर ईरान ने अमेरिका को क्यों दी खुली चेतावनी? जानिए कैसे बढ़ा नया सैन्य तनाव

तेहरान: पश्चिम एशिया में अमेरिका और…

July 9, 2026

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को…

June 9, 2026

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों…

June 4, 2026

You Might Also Like

Latest Newsअन्य

कटा हुआ सेब तो बाद में आया, पहले न्यूटन थे एपल के लोगो में! एक साल में क्यों बदली डिजाइन, जानिए आज की पहचान बनने की पूरी कहानी

नई दिल्ली: एपल का नाम आते ही सबसे पहले आंखों के सामने कटा हुआ सेब वाला लोगो आता है। लेकिन…

7 Min Read
Latest Newsफीचर

गरबा में मुस्लिमों की एंट्री पर विवाद के बीच जानिए कितनी पुरानी है ये परंपरा? नवरात्रि से क्या है कनेक्शन और कैसे शुरू हुआ

गांधीनगर: महाराष्ट्र में नवरात्रि से पहले गरबा कार्यक्रमों में मुस्लिमों की एंट्री पर रोक और आधार कार्ड की जांच को…

7 Min Read
EntertainmentLatest News

फ्लॉप फिल्म के सीक्वल ने रचा इतिहास! ‘आवारापन 2’ ने 26 दिन में कमाए 146.50 करोड़, 234% मुनाफे के बाद अब OTT पर इस दिन आएगी इमरान हाशमी की फिल्म

मुंबई: इमरान हाशमी की मच-अवेटेड फिल्म ‘आवारापन 2’ अब सिनेमाघरों में अपने सफर के आखिरी पड़ाव पर पहुंच गई है।…

5 Min Read
Latest Newsफीचर

गंगा में ही क्यों विसर्जित की जाती हैं अस्थियां? क्या मोक्ष से जुड़ा है इसका रहस्य? जानिए अंतिम संस्कार के बाद इस परंपरा का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व

नई दिल्ली: हिंदू धर्म में मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार को जीवन की महत्वपूर्ण धार्मिक प्रक्रियाओं में माना जाता है।…

5 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?