दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में इन दिनों सरगर्मी अपने चरम पर है। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के इस्तीफे की मांग को लेकर 6 अक्टूबर को ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं के तीखे विरोध प्रदर्शन और मार्च के ठीक एक दिन बाद, सियासत से एक और बड़ी खबर सामने आ रही है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार, 7 अक्टूबर को दोपहर 1:30 बजे दिल्ली के जनपथ स्थित ‘सागर रत्न’ रेस्तरां में ‘इंडिया’ गठबंधन के सभी सांसदों के लिए एक विशेष लंच का आयोजन किया है। इस राजनीतिक भोज के बाद से राजधानी में कयासों का बाजार गर्म हो गया है कि क्या इस टेबल पर सरकार के खिलाफ किसी राष्ट्रव्यापी बड़े आंदोलन की पटकथा लिखी जाएगी?
जनपथ के ‘सागर रत्न‘ में जुटेगा विपक्ष
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से आयोजित इस खास लंच कार्यक्रम की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। तय कार्यक्रम के मुताबिक, बुधवार दोपहर 1:30 बजे के बाद नई दिल्ली के जनपथ स्थित प्रसिद्ध ‘सागर रत्न’ रेस्तरां में ‘इंडिया’ गठबंधन के तमाम सांसद इकट्ठा होना शुरू हो गए हैं।
दक्षिण भारतीय व्यंजनों के लिए पहचाने जाने वाले इस रेस्तरां में हो रही इस अनौपचारिक मुलाकात को भले ही भोजन का कार्यक्रम कहा जा रहा है, लेकिन इसके राजनीतिक मायने बहुत गहरे हैं।
लंच टेबल पर छाई रहेगी विपक्ष की अगली रणनीति
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस लंच के बहाने विपक्षी दल आगे की आक्रामक रणनीति पर मंथन कर रहे हैं। हाल ही में राहुल गांधी के नेतृत्व में हुए उग्र प्रदर्शन और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ चल रहे विरोध के बाद, इस बैठक के मुख्य एजेंडे निम्नलिखित हो सकते हैं:
‘वोट चोरी’ और SIR का मुद्दा: मतदाता सूची और SIR स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर चुनाव आयोग और सरकार को घेरने की संयुक्त रणनीति।
राष्ट्रव्यापी आंदोलन का खाका: संसद से लेकर सड़क तक विरोध प्रदर्शनों को और व्यापक बनाने तथा एक बड़े संयुक्त राष्ट्रव्यापी आंदोलन की रूपरेखा तैयार करना।
विपक्षी एकजुटता का संदेश: आपसी समन्वय को और मजबूत करते हुए एनडीए सरकार के खिलाफ कड़ा संदेश देना।
बहरहाल, इस हाई-प्रोफाइल लंच मीटिंग से क्या सियासी फैसले निकलकर सामने आते हैं, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।