पंजाब के पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा और उनकी पूर्व मंत्री पत्नी रजिया सुल्ताना के खिलाफ उनके बेटे अकील अख्तर की हत्या का मामला तेजी से तूल पकड़ रहा है. 20 अक्टूबर को मलेरकोटला निवासी शमशुद्दीन चौधरी की शिकायत पर पंचकूला पुलिस ने मुस्तफा, रजिया सुल्ताना, अकील की पत्नी और बहन निशात अख्तर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) और 61 (आपराधिक साजिश) के तहत एफआईआर दर्ज की है. शिकायत में अकील का एक वायरल वीडियो सबूत के रूप में पेश किया गया, जिसमें उसने परिवार पर जान से मारने की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया था. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सिरिंज का निशान मिलने से मामला और जटिल हो गया है, जबकि परिवार इसे ड्रग्स ओवरडोज का मामला बता रहा है.
ड्रग एडिक्शन और मानसिक समस्या ?
मोहम्मद मुस्तफा, 1985 बैच के आइपीएस अधिकारी जो 2021 में रिटायर हुए और बाद में कांग्रेस में शामिल हुए, उन्होंने ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा, “एफआईआर दर्ज होना अपराध सिद्ध होना नहीं है. यह गंदी राजनीति और सस्ती सोच का नतीजा है. जो झूठी शिकायत पर एफआईआर करवा रहे हैं, उन्हें भी कानून का सामना करना पड़ेगा” मुस्तफा ने बेटे को 18 साल से ड्रग एडिक्ट बताया और कहा कि 2007 से उनका इलाज चल रहा था. मिडिया से बात चीत के दौरान उन्होंने बताया कि “अकील ने आइस ड्रग का इंजेक्शन लिया, जिसकी ओवरडोज से मौत हुई. हमने पीजीआई चंडीगढ़ में कई बार दिखाया. वह मानसिक रूप से अस्थिर था, कभी घर में आग लगा दी. वीडियो रिकॉर्ड करते समय उसे तारीख-समय का ध्यान नहीं रहता था” मुस्तफा ने यह भी कहा कि बेटे की पत्नी को ड्रग्स के लिए प्रताड़ित किया जाता था, और कुछ समय पहले पेडलर्स ने उसे फिर से लत लगवा दी. मुस्तफा ने कहा “जांच से सब साफ हो जाएगा, सच्चाई जल्द सामने आएगी”
वायरल वीडियो में लगाया परिवार पर गंभीर आरोप
मुस्तफा के बयानों ने एक बार फिरसे उनके बेटे का विडिओ तेज़ी से वायरल हो रहा जिसमे उन्होंने खुले आम मुस्तफा और उनकी पत्नी पर आरोप लगाया. ये विडिओ 27 अगस्त का था, जिसमें में अकील ने कहा, “मुझे परिवार से खतरा है, ये लोग मुझे फर्जी केस में फंसा सकते हैं” उन्होंने डायरी में भी परिवार के बीच “उबलते विवाद” का जिक्र किया और कहा कि उनकी जान को खतरा है. चौधरी की शिकायत में यही वीडियो और पोस्ट्स को मौत से जोड़ा गया है, जिससे मामला हत्या का बन गया.
आगे की कार्रवाई
एसआईटी टीम ने अब अकील के वीडियो, डायरी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और ड्रग्स टेस्ट की जांच शुरू करदी है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह केस पारिवारिक विवाद, नशे की लत और राजनीतिक साजिश के मिश्रण को उजागर कर सकता है. पुलिस ने कहा कि जांच निष्पक्ष होगी, और कोई भी सबूत छिपाया नहीं जाएगा. यह घटना न केवल अब ड्रग एडिक्शन का बल्कि परिवार की साजिश का भी हिस्सा बन चुका है.