रांची: जेपीएससी छात्रों का आंदोलन 20वें दिन भी जारी है। बुधवार 12 अगस्त की आधी रात एक बार फिर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम स्थित धरनास्थल पर पुलिस पहुंची तो वहां मौजूद छात्रों में हलचल मच गई। पुलिस को देखते ही छात्र-छात्राएं पहले सहमे, लेकिन कुछ ही देर बाद उन्होंने अधिकारियों के सामने अपनी मांगों को दोहराते हुए साफ कर दिया कि वे आंदोलन से पीछे हटने वाले नहीं हैं। प्रदर्शनकारी छात्र जेपीएससी, जेएसएससी और सीजीएल भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने के साथ पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं।
आधी रात पुलिस पहुंची तो छात्रों में मचा हड़कंप
धरनास्थल पर पहुंची पुलिस से प्रदर्शनकारी छात्रों ने उनके आने की वजह पूछी। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य आंदोलन खत्म कराना या छात्रों को वहां से हटाना नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक, बड़ी संख्या में छात्र स्टेडियम में मौजूद हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की जिम्मेदारी है। पुलिस ने छात्रों को सुरक्षा का भरोसा दिया और कुछ देर बाद वहां से लौट गई। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने राहत की सांस ली।
एक रात पहले भी पहुंचा था भारी पुलिस बल
इससे पहले मंगलवार रात भी रांची के डीसी मंजूनाथ भजंत्री और एसएसपी राकेश रंजन भारी पुलिस बल के साथ धरनास्थल पर पहुंचे थे। पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी के बाद छात्रों के बीच आशंका का माहौल बन गया था। पुलिस के पहुंचने की खबर मिलने पर बीजेपी के कई बड़े नेता भी मौके पर पहुंचे थे। इसके बाद पुलिस पदाधिकारी वहां से वापस लौट गए थे।
छात्रों ने लगाया था जबरन हटाने की कोशिश का आरोप
मंगलवार रात की घटना के बाद प्रदर्शनकारी छात्रों ने आरोप लगाया था कि पुलिस-प्रशासन रात के अंधेरे में उन्हें धरनास्थल से जबरन हटाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, रांची पुलिस ने धरनास्थल खाली कराने के लिए किसी तरह की जबरदस्ती किए जाने के आरोपों से इनकार किया था।
रांची के एसपी पारस राणा ने कहा था कि सोशल मीडिया और इंस्टाग्राम पर सक्रिय कुछ प्रभावशाली लोगों की ओर से छात्रों को हिरासत में लिए जाने जैसी गलत अफवाहें फैलाई जा रही हैं। पुलिस के मुताबिक, धरनास्थल पर कुछ उपद्रवियों के जमा होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद पुलिस टीम वहां पहुंची थी।
20वें दिन भी मांगों पर अड़े हैं छात्र
जेपीएससी छात्रों का आंदोलन अब 20वें दिन में प्रवेश कर चुका है। प्रदर्शनकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर अपनी मांगों पर कायम हैं। उनका कहना है कि जब तक जेपीएससी, जेएसएससी और सीजीएल परीक्षाओं को रद्द कर पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
पुलिस की लगातार मौजूदगी के बीच छात्रों और प्रशासन के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, बुधवार की आधी रात पुलिस ने सुरक्षा का हवाला देते हुए धरनास्थल का दौरा किया और छात्रों को वहां से हटाने की कोई कार्रवाई नहीं की।