मोतिहारी में जहरीली शराब से हड़कंप, 5 मौतें, कई की हालत नाजुक
बिहार के मोतिहारी में जहरीली शराब पीने से बड़ा हादसा सामने आया है। इस घटना में अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 15 से ज्यादा लोग गंभीर हालत में अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। कई पीड़ितों की हालत नाजुक बनी हुई है और कुछ लोगों की आंखों की रोशनी तक चली गई है। लगातार बढ़ते मामलों के बाद प्रशासन में हलचल तेज हो गई है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
घटना सामने आने के बाद शुरुआत में प्रशासन ने इसे शराब कांड मानने से इनकार किया। पहले केवल 6 लोगों के बीमार होने की जानकारी दी गई थी, लेकिन धीरे-धीरे संख्या बढ़ती गई। मौतों और गंभीर मामलों के सामने आने के बाद अब जहरीली शराब से हादसे की पुष्टि की गई है। प्रशासन पर यह सवाल भी उठ रहे हैं कि शुरुआती स्तर पर मामले को गंभीरता से क्यों नहीं लिया गया।
पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी नागा राय को गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा जम्मू बैठा नाम के एक अन्य आरोपी को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस का कहना है कि अवैध शराब के पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है और इससे जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। लगातार छापेमारी की जा रही है ताकि शराब सप्लाई चेन से जुड़े बाकी लोगों तक पहुंचा जा सके।
मामले में लापरवाही सामने आने के बाद प्रशासन ने परसौना के चौकीदार भरत राय को निलंबित कर गिरफ्तार कर लिया है। वहीं तुरकौलिया थाना के SHO उमाकांत माझी को भी सस्पेंड कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग की जिम्मेदारी और निगरानी व्यवस्था पर सवाल और तेज हो गए हैं।
घटना की गंभीरता को देखते हुए हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। मृतक प्रमोद यादव और हीरालाल भगत के परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज हुआ है। साथ ही जांच के लिए एसडीपीओ के नेतृत्व में SIT बनाई गई है। बिहार पुलिस अब शराब बनाने में इस्तेमाल कच्चे माल, सप्लाई चैन और इससे जुड़े नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।
बिहार में वर्ष 2016 से शराबबंदी लागू है, लेकिन इसके बावजूद जहरीली शराब से मौतों का सिलसिला लगातार जारी है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक शराबबंदी लागू होने के बाद अब तक 350 से ज्यादा लोगों की मौत जहरीली शराब पीने से हो चुकी है। अक्सर ऐसे मामले सामने आते हैं, जिनमें शराब पीने के बाद लोगों को सिरदर्द, उल्टी-दस्त, बेहोशी और आंखों की रोशनी जाने जैसी गंभीर समस्याएं होती हैं।
जानकारी के मुताबिक, पोस्टमार्टम में मिथाइल अल्कोहल की पुष्टि होने के बाद ही सरकार इन मौतों को आधिकारिक तौर पर जहरीली शराब से हुई मौत मानती है। इससे पहले भी राज्य के अलग अलग ज़िलों में में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। मोतिहारी की ताजा घटना ने एक बार फिर शराबबंदी की जमीनी हकीकत और अवैध शराब कारोबार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पीड़ितों का इलाज जारी है और प्रशासन अलर्ट मोड पर है।
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