Trending News

Iran ने ठुकराया America का 48 घंटे Ceasefire ऑफर, Middle East में युद्ध और भड़कने का खतरा

तेहरान: मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका की ओर से भेजे गए 48 घंटे के सीजफायर प्रस्ताव को साफ तौर पर खारिज कर दिया है। यह जानकारी ईरान की अर्ध-सरकारी फार्स न्यूज एजेंसी के हवाले से सामने आई है, जिसकी पुष्टि अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में भी हुई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने यह प्रस्ताव2 अप्रैल को एक तीसरे देश के जरिए तेहरान तक पहुंचाया था। हालांकि उस देश का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया। फार्स के एक अनाम सूत्र ने बताया कि क्षेत्रीय संकट तेजी से बढ़ने और अमेरिकी सैन्य मोर्चे पर आई मुश्किलों के बाद यह पहल की गई थी, लेकिन ईरान ने इसे मानने से इनकार कर दिया। जवाब में उसने मैदान में सैन्य दबाव बनाए रखा।

हाल के दिनों में ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच संघर्ष और तेज हुआ है। ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर हमलों के साथ अमेरिकी F-15 लड़ाकू विमान गिराने का दावा भी किया है, जिससे हालात और गंभीर हो गए हैं। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले दावा किया था कि ईरान युद्धविराम चाहता है, लेकिन तेहरान ने इस दावे को सिरे से नकार दिया। ईरान का साफ कहना है कि कोई भी सीजफायर सिर्फ उसकी शर्तों पर ही संभव होगा।

सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान समेत कुछ क्षेत्रीय देशों ने बैकचैनल बातचीत के जरिए तनाव कम कराने की कोशिश की, लेकिन फिलहाल इन प्रयासों को कोई सफलता नहीं मिली। बताया जा रहा है कि ईरान ने इस्लामाबाद में अमेरिकी अधिकारियों से मुलाकात तक से इनकार कर दिया।

यह पूरा घटनाक्रम मध्य पूर्व में चल रहे बड़े सैन्य संघर्ष का हिस्सा माना जा रहा है। अमेरिका और इजराइल की संयुक्त कार्रवाई के बाद ईरान लगातार जवाबी हमले कर रहा है। अमेरिकी पक्ष मानवीय सहायता और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए छोटे युद्धविराम की वकालत कर रहा था, लेकिन तेहरान इसे रणनीतिक कमजोरी दिखाने वाला कदम मान रहा है।

विश्लेषकों का कहना है कि ईरान का यह रुख उसकी “मैक्सिमम रेजिस्टेंस” नीति को दिखाता है। माना जा रहा है कि तेहरान तब तक पीछे हटने के मूड में नहीं है जब तक उसकी शर्तें—जैसे मुआवजा और विदेशी सैन्य बलों की वापसी—पूरी नहीं होतीं। इससे हार्मुज स्ट्रेट जैसे अहम समुद्री इलाकों में तनाव और बढ़ सकता है, जिसका असर वैश्विक तेल बाजार पर भी पड़ना तय माना जा रहा है। तेल की कीमतों में पहले से ही उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।

फिलहाल इस पूरे मामले पर अमेरिकी प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

news desk

Recent Posts

PM मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले मिली जान से मारने की धमकी, जांच में जुटी मेलबर्न पुलिस

मेलबर्न: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 9 जुलाई को प्रस्तावित ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले सुरक्षा एजेंसियां…

2 hours ago

‘नेतन्याहू जानते हैं बॉस कौन है…’ ट्रंप का बड़ा दावा, अगले हफ्ते व्हाइट हाउस में हो सकती है अहम मुलाकात, मिडिल ईस्ट पर बन सकती है नई रणनीति

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को लेकर बड़ा बयान…

2 hours ago

केतन मर्डर केस के बीच परिवार पर टूटा एक और दुख! सदमा नहीं सह पाए दादा, इलाज के दौरान हुई मौत

पुणे: केतन अग्रवाल हत्याकांड से सदमे में डूबे अग्रवाल परिवार पर एक और बड़ा दुख…

2 hours ago

1 अगस्त से बदलेगी शुक्र की चाल! मेष समेत इन 7 राशियों पर होगी धनवर्षा, नौकरी में पदोन्नति और कारोबार में मिल सकती है बड़ी सफलता

नई दिल्ली: वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह को सुख, वैभव, प्रेम, ऐश्वर्य, कला और भौतिक…

2 hours ago

5 जुलाई 2026 का राशिफल: इन राशियों को मिलेगा लाभ, कुछ को रहना होगा सतर्क, जानें अपना आज का भविष्यफल

मेष राशि :- आज का दिन मिला-जुला रहेगा। व्यावसायिक गतिविधियों में परेशानियां आ सकती हैं, लेकिन…

2 hours ago