नई दिल्ली/तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच हुए ऐतिहासिक शांति समझौते (MoU) ने पूरी दुनिया की राजनीति को गरमा दिया है। इस महा-समझौते के बाद जहाँ भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका खुलकर स्वागत किया है, वहीं खुद को अलग-थलग पाकर घबराए इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू अब डोनाल्ड ट्रंप से आपातकालीन मुलाकात की कोशिशों में जुट गए हैं।
दूसरी ओर, ईरान ने मिडिल ईस्ट के शक्तिशाली देशों को फोन घुमाकर अपनी शर्तों से अवगत करा दिया है।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर अमेरिका और ईरान के इस बड़े कदम की जमकर तारीफ की है। पीएम मोदी ने इस समझौते को वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद जरूरी बताया।
पीएम मोदी के बयान के मुख्य बिंदु:
समझौते के तुरंत बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने तुर्की, इराक और मिस्र (Egypt) के विदेश मंत्रियों से फोन पर अलग-अलग बातचीत की और अपने टेलीग्राम अकाउंट पर इसकी जानकारी साझा की।
“लेबनान पर इजरायली हमलों को हर हाल में पूरी तरह से रोका जाना चाहिए। युद्ध खत्म करने के लिए इस फ्रेमवर्क समझौते को पूरी तरह से लागू करने की जिम्मेदारी अब अमेरिका की है।” — अब्बास अराघची, विदेश मंत्री, ईरान
अराघची ने इस डील को मुकाम तक पहुंचाने में पर्दे के पीछे से समर्थन देने के लिए तुर्की, इराक और मिस्र का विशेष धन्यवाद भी किया।
अमेरिकी मीडिया ‘NBC News’ और ‘CNN’ के मुताबिक, इस समझौते से तमतमाए इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अब किसी भी तरह डोनाल्ड ट्रंप के साथ एक आपातकालीन बैठक का इंतजाम करने की कोशिश कर रहे हैं।
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