नई दिल्ली: यमन और सोमालिया के समुद्री इलाकों में दो व्यावसायिक जहाजों को समुद्री लुटेरों ने अपने कब्जे में ले लिया है। दोनों जहाजों पर कुल 22 भारतीय नागरिक सवार थे। यमन के पास कब्जे में लिए गए जहाज पर 16 भारतीय हैं, जबकि सोमालिया के तट के पास अपहृत जहाज पर छह भारतीय सवार थे। इन घटनाओं के बाद अफ्रीका के सींग के आसपास समुद्री लूट का खतरा एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है।
यमन के पास खाड़ी-ए-अदन में एरिट्रिया के झंडे वाले तेल उत्पाद टैंकर एमटी सिबू-1 को छह हथियारबंद समुद्री लुटेरों ने अपने कब्जे में ले लिया। जहाज पर कुल 20 लोग सवार थे। इनमें 16 भारतीय नागरिक हैं। चालक दल में एक सीरियाई, एक सूडानी और एक इराकी नागरिक भी शामिल है। एक अन्य सदस्य की नागरिकता की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
समुद्री प्रशासन की शुरुआती रिपोर्ट में सभी 20 लोगों के सुरक्षित होने की जानकारी दी गई थी। हालांकि, जहाज और उसके चालक दल की मौजूदा स्थिति को लेकर अभी स्पष्ट जानकारी का इंतजार है।
जहाज के कुछ चालक दल के सदस्यों की भर्ती करने वाली एसकेएस कृषि व मरीन सर्विसेज ने संबंधित अधिकारियों को घटना की जानकारी दी है। भर्ती एजेंसी से घटना की रिपोर्ट और आगे की जानकारी नियमित रूप से ऑनलाइन समुद्री दुर्घटना सूचना प्रणाली के जरिए उपलब्ध कराने को कहा गया है।
दूसरी घटना सोमालिया के पुंटलैंड तट के पास हुई। यहां कैमरून के झंडे वाले मालवाहक जहाज एमवी लुतुफ को सोमवार को समुद्री लुटेरों ने कब्जे में ले लिया। जहाज पर 10 सदस्यीय चालक दल था, जिसमें छह भारतीय नागरिक शामिल थे।
सोमालिया के एक अधिकारी के मुताबिक, जहाज को पुंटलैंड के आयल जिले में मर्राया के पास समुद्र में कब्जे में लिया गया। इसके बाद समुद्री लुटेरे जहाज को नुगाल तट की ओर ले गए। जहाज का मालिकाना हक पोलर मूवमेंट शिपिंग के पास बताया गया है।
अधिकारी के अनुसार, जहाज पर तुर्किये के मोगादिशु स्थित सैन्य प्रशिक्षण केंद्र के लिए हथियार, संचार उपकरण और उपग्रह से जुड़े सामान मौजूद थे। चालक दल में छह भारतीयों के अलावा तुर्किये और जॉर्जिया का एक-एक नागरिक तथा सर्बिया के दो सुरक्षा कर्मचारी शामिल थे।
बताया जा रहा है कि आठ समुद्री लुटेरों ने जहाज पर कब्जा किया था। उन्हें उस समूह से जुड़ा माना जा रहा है, जिसने 26 अप्रैल को एमवी स्वार्ड नाम के जहाज का अपहरण किया था।
सोमालियाई अधिकारी के अनुसार, मंगलवार को दो लोगों को लेकर एक छोटी नाव एमवी लुतुफ के पास पहुंची थी। नाव से समुद्री लुटेरों के लिए ‘खत’ नाम का नशीला पदार्थ लाया गया था। नाव के लौटने के बाद इलाके में हवाई हमला हुआ, जिसमें चार लोगों की मौत और दो लोगों के घायल होने की सूचना है।
हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि हमला किसने किया था और मारे गए लोग समुद्री लुटेरों के समूह से जुड़े थे या नहीं। जहाज, उसके चालक दल और उसमें मौजूद सामान की मौजूदा स्थिति के बारे में भी अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। तुर्किये की ओर से घटना पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
दोनों घटनाओं को मिलाकर कुल 22 भारतीय समुद्री यात्रियों के इन अपहृत जहाजों पर सवार होने की पुष्टि हुई है। इनमें 16 भारतीय एमटी सिबू-1 और छह भारतीय एमवी लुतुफ पर सवार थे।
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