Latest News

‘गांव-गांव घरों में पेंटिंग, हाथों में ब्रश… फिर NEET में 583 अंक’ आखिर कैसे सूरज सैनी ने गरीबी से लड़कर लिखी MBBS तक पहुंचने की प्रेरक कहानी?

नई दिल्ली: राजस्थान के बूंदी जिले के रहने वाले सूरज सैनी ने संघर्ष, मेहनत और मजबूत इरादों के दम पर वह मुकाम हासिल किया है, जो लाखों नीट अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा बन गया है। आर्थिक तंगी के बीच छुट्टियों में गांव-गांव जाकर घरों में पेंटिंग करने वाले सूरज ने NEET 2026 में 583 अंक हासिल किए हैं। अब उन्हें उम्मीद है कि मेडिकल काउंसलिंग के जरिए सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की सीट मिलेगी। दिलचस्प बात यह है कि 12वीं तक उन्हें यह भी जानकारी नहीं थी कि नीट जैसी कोई परीक्षा होती है।

12वीं के बाद पहली बार पता चला NEET जैसी परीक्षा के बारे में

बूंदी जिले के कापरेन स्थित हिंदी माध्यम सरकारी स्कूल से पढ़ाई करने वाले सूरज सैनी ने 10वीं में 87 प्रतिशत और 12वीं में 85 प्रतिशत अंक हासिल किए। उन्होंने बताया कि 12वीं तक उनका पूरा फोकस केवल बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक लाने पर था। उनकी मौसी ने पहली बार उन्हें नीट परीक्षा के बारे में जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने फरवरी 2024 में आवेदन किया और पहली बार परीक्षा में शामिल हुए।

पहले प्रयास ने सिखाया सबसे बड़ा सबक, फिर बदल दी तैयारी की दिशा

सूरज ने बताया कि पहली बार उन्होंने बिना विशेष तैयारी के परीक्षा दी थी। परीक्षा के बाद उन्हें लगा कि प्रश्नपत्र आसान था, लेकिन परिणाम आने पर समझ आया कि कमी पेपर में नहीं, बल्कि उनकी तैयारी में थी। इसके बाद उन्होंने घर पर नियमित पढ़ाई शुरू की। बाद में उन्हें कोटा स्थित एक संस्थान के निःशुल्क कोचिंग कार्यक्रम में प्रवेश मिला, जहां पढ़ाई के साथ रहने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।

घर चलाने के लिए उठाया ब्रश, छुट्टियों में गांव-गांव जाकर करते थे पेंटिंग

सूरज का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। उनकी मां घीसी बाई खेतों में मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करती हैं। ऐसे में सूरज भी पढ़ाई के साथ छुट्टियों और खाली समय में आसपास के गांवों में घरों की पेंटिंग कर परिवार की आर्थिक मदद करते रहे। उन्होंने बताया कि यह काम उन्होंने दूसरों को देखकर सीखा और धीरे-धीरे इसमें दक्षता हासिल की।

अब बहन की अधूरी पढ़ाई पूरी कराना है सबसे बड़ा सपना

आर्थिक परेशानियों के कारण सूरज की छोटी बहन गरिमा को आठवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ी और वह अपनी मां के साथ खेतों में काम करने लगी। सूरज अब अपनी बहन को दोबारा स्कूल भेजना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष उसका नौवीं कक्षा में दाखिला कराया जाएगा। यदि संभव हुआ तो उसे कोटा के किसी स्कूल में पढ़ाया जाएगा। फिलहाल वह स्वयं अपनी बहन को गणित समेत अन्य विषयों की पढ़ाई करा रहे हैं।

क्या बिना कोचिंग के संभव है NEET? सूरज ने दिया साफ जवाब

सूरज का मानना है कि नीट की तैयारी के लिए कोचिंग अनिवार्य नहीं है, लेकिन सही मार्गदर्शन बेहद जरूरी होता है। उनके मुताबिक शिक्षक यह समझाते हैं कि क्या पढ़ना है, कितना पढ़ना है और किस तरीके से तैयारी करनी है। यही सही दिशा प्रतियोगी परीक्षा में सफलता की संभावना बढ़ाती है।

NEET अभ्यर्थियों को दी यह खास सलाह

सूरज ने कहा कि जो छात्र डॉक्टर बनने का सपना देखते हैं, उन्हें 11वीं कक्षा से ही नीट की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। उनका कहना है कि देर से शुरुआत करने पर अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है। उन्होंने अभ्यर्थियों को सलाह दी कि जीवविज्ञान के लिए एनसीईआरटी की किताबों का गहराई से अध्ययन करें। साथ ही भौतिक विज्ञान और रसायन विज्ञान की बुनियाद भी एनसीईआरटी से मजबूत करें। नियमित प्रश्न अभ्यास और लगातार टेस्ट देना सफलता की सबसे अहम कुंजी है।

अब सरकारी मेडिकल कॉलेज में MBBS सीट पर टिकी निगाहें

सूरज फिलहाल मेडिकल काउंसलिंग की प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित किए हुए हैं। उन्हें भरोसा है कि 583 अंकों के आधार पर सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की सीट मिल जाएगी। भविष्य में अवसर मिलने पर वह कार्डियोलॉजी में विशेषज्ञता हासिल करना चाहते हैं। हालांकि उनका कहना है कि इस समय उनकी पहली प्राथमिकता एमबीबीएस में प्रवेश लेकर डॉक्टर बनने का सपना पूरा करना है।

vineet verma

Recent Posts

हादसे के बाद जांच कमेटी, मकान मालिक पर FIR; 25-30 लोगों के हताहत होने की आशंका

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में चार मंजिला PG इमारत गिरने के…

7 hours ago

उत्तराखंड में मदरसों पर धामी सरकार की सख्ती, 20 संस्थानों पर कार्रवाई; बोर्ड खत्म कर बनाया नया प्राधिकरण

उत्तराखंड में मदरसा शिक्षा व्यवस्था को लेकर पुष्कर सिंह धामी सरकार की सख्ती जारी है।…

9 hours ago

UN का नया World Map: भारत पर क्या असर, अमेरिका क्यों हुआ खिलाफ? जानें पूरी कहानी

UN New World Map: दुनिया का नक्शा बदलने की चर्चा के बीच एक महत्वपूर्ण बात…

10 hours ago

निशु आजाद के घर पर पथराव का आरोप: पिता पर हमले के बाद बढ़ा विवाद, परिवार ने मांगी सुरक्षा

निशु आजाद एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार मामला उनके किसी बयान या…

12 hours ago

सागर जहरीली शराब कांड: 11 मौतों की सूचना से हड़कंप, नकली शराब की शिकायत के बावजूद कार्रवाई पर उठे सवाल

मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा इलाके में जहरीली शराब पीने से करीब 11…

12 hours ago

मस्जिद के मलबे के नीचे मिला कुआं, अब खुलेगा इतिहास का राज? प्रशासन कराएगा जांच

सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद अब एक नया…

14 hours ago