नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में चार मंजिला PG इमारत गिरने के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। हादसे में अब तक एक व्यक्ति की मौत की सूचना है, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। CATS के नोडल अधिकारी बलराज सिंह के मुताबिक, करीब 25 से 30 लोगों के हताहत होने की आशंका है। मौके पर 17 एंबुलेंस तैनात की गई हैं और घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है।
हादसे के बाद अब सबसे बड़ा सवाल इमारत की सुरक्षा और जिम्मेदारी तय करने को लेकर उठ रहा है। दक्षिण दिल्ली से BJP सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि सरकार ने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रामवीर सिंह बिधूड़ी ने बताया कि मकान मालिक के खिलाफ FIR दर्ज की जा चुकी है और उसे गिरफ्तार किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। उन्होंने कहा कि यह कोई नई इमारत नहीं थी, बल्कि पुरानी इमारत थी।
सांसद ने हादसे को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
साउथ जोन वार्ड कमिटी के चेयरमैन धर्मवीर सिंह के मुताबिक, हादसे के वक्त इमारत के अंदर कम से कम 15 से 20 बच्चे मौजूद थे। उन्होंने बताया कि अब तक तीन बच्चों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल भेजा जा चुका है।
मौके पर DM, SDM, DC, स्थानीय विधायक और संबंधित विभागों की टीमें राहत-बचाव अभियान में जुटी हैं। प्रशासन का पूरा फोकस मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकालने पर है।
हादसे के बाद घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भेजा जा रहा है। अब तक पांच लोगों को AIIMS ट्रॉमा सेंटर भेजे जाने की जानकारी है। अधिकारियों के मुताबिक, उनकी हालत के बारे में फिलहाल अस्पताल की ओर से विस्तृत जानकारी का इंतजार है। वहीं, तीन छात्रों की हालत गंभीर बताई गई है।
सत्य निकेतन में हुआ यह हादसा सिर्फ एक इमारत के गिरने की घटना नहीं है, बल्कि पुरानी और रिहायशी इमारतों में चल रहे PG और हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है।
अगर इमारत पुरानी थी तो उसकी संरचनात्मक सुरक्षा की जांच कब हुई थी? उसमें PG संचालित करने की अनुमति थी या नहीं? सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं? और सबसे अहम—अगर पहले से कोई खतरा था तो उसे चिन्हित क्यों नहीं किया गया?
अब जांच कमेटी की रिपोर्ट से यह साफ होना बाकी है कि आखिर चार मंजिला इमारत अचानक क्यों ढही और इस हादसे के लिए जिम्मेदारी किसकी तय होती है।
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