नई दिल्ली: अचानक यात्रा की योजना बनने पर कन्फर्म ट्रेन टिकट नहीं मिलने की परेशानी अब काफी हद तक कम हो सकती है। भारतीय रेलवे ने टिकट बुकिंग को लेकर नया नियम लागू किया है। इसके तहत अब रिजर्वेशन चार्ट बनने के बाद भी यदि सीटें खाली रहती हैं, तो यात्री ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से 15 मिनट पहले तक उन सीटों की बुकिंग कर सकेंगे। यह सुविधा तभी मिलेगी, जब चार्ट बनने के बाद भी संबंधित ट्रेन में सीट उपलब्ध होगी।
क्या बदला है नया नियम?
अब तक रिजर्वेशन चार्ट तैयार होने के बाद नई टिकट बुकिंग बंद हो जाती थी। ऐसे में कई बार ट्रेन में सीटें खाली होने के बावजूद यात्री कन्फर्म टिकट नहीं ले पाते थे। नए नियम के लागू होने के बाद चार्ट बनने के बाद बची खाली सीटों की बुकिंग ट्रेन रवाना होने से 15 मिनट पहले तक की जा सकेगी।
रेलवे के अनुसार, यह व्यवस्था वंदे भारत एक्सप्रेस समेत सभी आरक्षित ट्रेनों पर लागू होगी। इससे खाली सीटों का बेहतर उपयोग होगा और अधिक यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने का मौका मिलेगा।
आखिरी समय में टिकट कहां से बुक कर सकते हैं?
यात्री खाली सीट उपलब्ध होने पर कई माध्यमों से टिकट बुक कर सकते हैं। इसके लिए रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट, आईआरसीटीसी रेल कनेक्ट मोबाइल ऐप और पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) काउंटर का इस्तेमाल किया जा सकता है।
टिकट जारी होने से पहले सिस्टम सीट की उपलब्धता दिखाएगा। यदि सीट खाली होगी, तभी कन्फर्म टिकट जारी किया जाएगा।
किन यात्रियों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?
रेलवे का यह नया नियम उन लोगों के लिए राहत लेकर आया है, जिन्हें अचानक यात्रा करनी पड़ती है। मेडिकल इमरजेंसी, बिजनेस मीटिंग, पारिवारिक आपात स्थिति या किसी जरूरी काम के चलते अंतिम समय में सफर करने वाले यात्रियों के लिए यह सुविधा काफी उपयोगी साबित हो सकती है।
टिकट बुक करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
यात्रा से पहले आईआरसीटीसी की वेबसाइट या ऐप पर सीटों की उपलब्धता जरूर जांच लें। कन्फर्म टिकट तभी मिलेगा, जब रिजर्वेशन चार्ट बनने के बाद भी सीट खाली होगी। समय पर स्टेशन पहुंचें और यात्रा के दौरान वैध पहचान पत्र अपने साथ रखें। टिकट केवल रेलवे के आधिकारिक प्लेटफॉर्म या अधिकृत काउंटर से ही बुक करें और किसी अनजान वेबसाइट या एजेंट के झांसे में न आएं।
रेलवे को भी होगा सीधा फायदा
रेलवे का मानना है कि इस व्यवस्था से ट्रेनों में खाली रहने वाली सीटों का बेहतर उपयोग हो सकेगा। पहले चार्ट बनने के बाद बची सीटें खाली रह जाती थीं, लेकिन अब उन्हें अंतिम समय तक यात्रियों को आवंटित किया जा सकेगा। इससे यात्रियों को अधिक सुविधा मिलेगी और रेलवे की आय बढ़ने की भी संभावना है।