Trending News

अब ‘सुपर-जीनियस AI’ बनेगी Siri! Apple का Google और Nvidia के साथ गेम-चेंजिंग कोलैब

एप्पल अपने इकोसिस्टम की सुरक्षा को लेकर हमेशा से बेहद सख्त रहा है, लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस AI की रेस में सबसे आगे निकलने के लिए कंपनी ने अब तक का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला कदम उठाया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक सितंबर में iOS अपडेट के साथ एप्पल एक बिल्कुल नया, एआई-पावर्ड “Siri” लॉन्च करने जा रहा है, जिसके पीछे गूगल और एनवीडिया की एडवांस्ड टेक्नोलॉजी काम करेगी।

अब तक सिरी को एक नार्मल वॉयस असिस्टेंट के रूप में देखा जाता था जो अलार्म सेट करने या इंटरनेट पर बुनियादी सर्च करने के काम आता था। लेकिन अब एप्पल इसका पूरा स्वरूप बदलने जा रहा है। इस मेगा-कोलैबरेशन के बाद, सिरी सिर्फ एक असिस्टेंट नहीं बल्कि एक जीनियस एआई चैटबॉट बन जाएगा, जो कठिन से कठिन सवालों को सेकंडों में समझकर उनका सटीक उत्तर देने में सक्षम होगा।

किस कंपनी की क्या होगी भूमिका?


इस हिस्टोरिक पार्टनरशिप में तीनों टेक कंपनियों की अपनी एक स्पेशल और अहम भूमिका है। जब आप नए सिरी से कोई टफ क्वेश्चन पूछेंगे या कोई टास्क देंगे, तो यह बैकएंड पर कुछ इस तरह काम करेगा:

Apple: यूजर इंटरफेस और डिवाइस इंटीग्रेशन को हैंडल करेगा ताकि यूजर्स को आईफोन पर स्मूथ और सेफ फ्रंट-एंड एक्सपीरियंस मिले।

Google: गूगल क्लाउड के जरिए अपना सबसे एडवांस जेमिनी एआई (Gemini AI) मॉडल प्रोवाइड करेगा, जो सिरी को लॉजिकल रीजनिंग और टफ क्वेश्चन को सोल्व करने का आईडिया देगा।

Nvidia: अपने नेक्स्ट-जनरेशन ब्लैकवेल बी200 (Blackwell B200) एआई चिप्स के जरिए गूगल क्लाउड पर डेटा प्रोसेसिंग को सुपर-फास्ट स्पीड और बेजोड़ ताकत देगा।

दुनिया का सबसे शक्तिशाली प्रोसेसर


इस समझौते की सबसे बड़ी यूएसपी एनवीडिया के Blackwell B200 AI चिप्स को यूज़ किया गया है। गूगल क्लाउड के जिन सर्वर्स पर एप्पल का डेटा प्रोसेस किया जाएगा, वहां इन्हीं अत्याधुनिक चिप्स को तैनात किया जा रहा है। ब्लैकवेल चिप्स को वर्तमान में दुनिया का सबसे शक्तिशाली एआई हार्डवेयर माना जाता है और सिरी की रिस्पॉन्स स्पीड इतनी तेज होगी कि यूजर को बिना किसी रुकावट या देरी के बिल्कुल लाइव बातचीत जैसा अनुभव मिलेगा।

यूजर प्राइवेसी का क्या होगा?


एप्पल के यूजर्स अपनी डेटा प्राइवेसी को लेकर हमेशा अलर्ट रहते हैं। थर्ड-पार्टी क्लाउड पर डेटा जाने का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि आपकी प्राइवेसी से समझौता होगा। एप्पल इसके लिए एनवीडिया की Confidential Compute टेक्नोलॉजी का यूज़ कर रहा है। इस तकनीक के कारण, जब आपका डेटा प्रोसेसर के अंदर प्रोसेस हो रहा होगा, तब भी वह पूरी तरह से एन्क्रिप्टेड ‘लॉक्ड’ रहेगा। इसका सीधा मतलब यह है कि गूगल या एनवीडिया का कोई भी कर्मचारी या सिस्टम आपके पर्सनल सवालों या डेटा को देख नहीं पाएगा।

सितंबर में होगी इस की शुरुआत


यह नया और बेहद एडवांस एआई-पावर्ड सिरी इसी साल सितंबर में नए आईफोन मॉडल्स और आईओएस (iOS) के बड़े सॉफ्टवेयर अपडेट के साथ आधिकारिक रूप से रिलीज किया जाएगा। टेक विशेषज्ञों का मानना है कि यह साझेदारी पूरी एआई इंडस्ट्री के समीकरणों को बदल कर रख देगी। जहां अब तक माइक्रोसॉफ्ट और OpenAI का दबदबा था, वहां अब एप्पल, गूगल और एनवीडिया का यह नया गठबंधन एक नया इतिहास रचने के लिए तैयार है।

news desk

Recent Posts

TMC Political Crisis: ममता बनर्जी को बड़ा झटका! विधायकों के बाद अब लोकसभा सांसदों में भी बगावत, क्या दिल्ली में होगा ‘खेला’?

Bengal Politics Breaking: पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी TMC में मचे घमासान के बीच अब…

8 hours ago

अब गूगल सर्च पर चमकेगा आपका नाम! क्रिएटर्स और पब्लिशर्स के लिए Google  ने लॉन्च किया ‘सर्च प्रोफाइल्स’ फीचर

टेक कंपनी गूगल ने डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स और पब्लिशर्स के लिए एक गेम-चेंजिंग फीचर लॉन्च…

11 hours ago

मणिपुर में फिर भड़की हिंसा की आग! सोते ग्रामीणों पर अंधाधुंध फायरिंग, 3 की मौत के बाद पूरे इलाके में भारी तनाव

मणिपुर में शांति बहाली की कोशिशों के बीच एक बार फिर हिंसा का खूनी खेल…

11 hours ago

39 Weeks Pregnant: 9वें महीने में साड़ी पहनकर महिला ने किया ऐसा खतरनाक योग, देखकर डॉक्टरों के भी उड़े होश!

सोशल मीडिया पर बेंगलुरु की एक योगा टीचर का वीडियो तहलका मचा रहा है डिलीवरी…

12 hours ago

राजेश एक्सपोर्ट्स पर बड़ा आरोप: ₹15 लाख करोड़ की कमाई में गड़बड़ी, SEBI की सख्त कार्रवाई

राजेश एक्सपोर्ट्स को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। दरअसल, देश की सफल और…

13 hours ago