लखनऊ: संसद के मानसून सत्र के दौरान कथित राम मंदिर चंदा विवाद को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार पर हमला और तेज कर दिया है। समाजवादी पार्टी की सांसद डिम्पल यादव ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि देश की जनता के पैसे से जुड़े इस मामले पर संसद में चर्चा होनी चाहिए, लेकिन सरकार इससे बच रही है। उन्होंने कहा कि जनता इस मुद्दे पर जवाब चाहती है, जबकि सरकार बहस कराने के लिए तैयार नहीं दिख रही है।
संसद में चर्चा की मांग पर सरकार को घेरा
संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान डिम्पल यादव ने कहा कि यह मामला केवल किसी संस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की आस्था और जनता के धन से जुड़ा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह की कथित गड़बड़ी की बात सामने आई है, उससे आम लोगों में नाराजगी है और संसद में इस पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जो भी कथित चोरी हुई है, उससे हर आम नागरिक आक्रोशित है। उनका कहना था कि यह देश का पैसा है, जिसका सही तरीके से उपयोग होना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि अब तक किसी को यह जानकारी नहीं है कि आखिर कितना पैसा कथित तौर पर लूटा गया। उनके मुताबिक यह देश की धरोहर से जुड़ा गंभीर विषय है और सरकार को इसे पूरी गंभीरता के साथ लेना चाहिए।
विपक्ष लगातार उठा रहा है कथित राम मंदिर चंदा विवाद का मुद्दा
डिम्पल यादव का यह बयान ऐसे समय आया है जब विपक्ष लगातार कथित राम मंदिर चंदा विवाद पर संसद में चर्चा की मांग कर रहा है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार इस मुद्दे पर जवाब देने से बच रही है और सदन में बहस नहीं कराना चाहती।
उपचुनाव के नतीजों पर भी बीजेपी को घेरा
पटना और मध्य प्रदेश के उपचुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए डिम्पल यादव ने कहा कि इन नतीजों से जनता के रुख का संकेत मिल चुका है। उन्होंने दावा किया कि उपचुनाव और आम चुनाव भले अलग होते हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश में नियमित चुनाव होने पर इसी तरह के हालात देखने को मिल सकते हैं।
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी आगामी चुनावों के लिए पूरी तरह तैयार है। साथ ही दावा किया कि उपचुनाव के परिणाम यह दिखाते हैं कि जनता सरकार से नाराज है और उसके खिलाफ असंतोष लगातार बढ़ रहा है।
मानसून सत्र में जारी है सत्ता पक्ष-विपक्ष का टकराव
छात्र आंदोलन, दिल्ली पुलिस की कार्रवाई और कथित राम मंदिर चंदा विवाद समेत कई मुद्दों को लेकर संसद के मानसून सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार टकराव बना हुआ है। विपक्ष इन मामलों पर संसद में चर्चा और सरकार से जवाब की मांग कर रहा है, जबकि हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही बार-बार प्रभावित हो रही है।