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“No Kings in America” के नारे से गूंजा देश, ट्रंप की ‘राजा जैसी’ नीतियों के खिलाफ अमेरिका एकजुट,3,000 जगहों पर प्रदर्शन, ट्रंप सरकार घिरी

वॉशिंगटन: अमेरिका में शनिवार, 28 मार्च को ‘No Kings’ आंदोलन का तीसरा बड़ा राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन देखने को मिला। आयोजकों के मुताबिक, देश के सभी 50 राज्यों में 3,000 से ज्यादा जगहों पर लोग सड़कों पर उतरे और Donald Trump की नीतियों के खिलाफ जमकर विरोध जताया। दावा किया गया कि इस बार 80 लाख से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया, जिससे यह अमेरिका के सबसे बड़े एक-दिवसीय शांतिपूर्ण प्रदर्शनों में शामिल हो गया।

न्यूयॉर्क, लॉस एंजेलिस, शिकागो, फिलाडेल्फिया, पोर्टलैंड और वॉशिंगटन डीसी जैसे बड़े शहरों से लेकर छोटे कस्बों तक हर जगह लोगों का गुस्सा और एकजुटता साफ दिखाई दी। “No Kings in America” के नारे के साथ प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर “राजा जैसी कार्यशैली” अपनाने का आरोप लगाया।

नीतियों के खिलाफ गुस्सा: ईरान युद्ध से लेकर महंगाई तक मुद्दे

प्रदर्शन का फोकस कई बड़े मुद्दों पर रहा। लोगों ने कार्यकारी शक्तियों के ज्यादा इस्तेमाल और लोकतंत्र पर खतरे की बात उठाई। हाल के ईरान संघर्ष को लेकर भी नाराजगी दिखी—प्रदर्शनकारियों ने बढ़ती मौतों और पेट्रोल की कीमतों में उछाल पर सवाल उठाए। इसके अलावा इमिग्रेशन नीतियों, खासकर U.S. Immigration and Customs Enforcement (ICE) की कार्रवाइयों और डिपोर्टेशन अभियान के खिलाफ भी जमकर विरोध हुआ। महंगाई और आम लोगों पर बढ़ते आर्थिक दबाव को लेकर भी लोग सड़कों पर उतरे।

मिनेसोटा बना केंद्र, ब्रूस स्प्रिंगस्टीन का परफॉर्मेंस बना आकर्षण

मिनेसोटा के सेंट पॉल स्थित स्टेट कैपिटल में इस आंदोलन की सबसे बड़ी रैली हुई, जहां हजारों नहीं बल्कि कुछ अनुमानों के मुताबिक एक लाख से ज्यादा लोग जुटे। इस दौरान मशहूर रॉक स्टार Bruce Springsteen ने परफॉर्म किया और “Streets of Minneapolis” गाकर प्रदर्शनकारियों का उत्साह बढ़ाया। उनके अलावा कई अन्य हस्तियां भी इस रैली में शामिल रहीं।

देशभर में प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे। कहीं मार्च निकाले गए, तो कहीं म्यूजिक और भाषणों के जरिए लोगों ने अपनी बात रखी। न्यूयॉर्क सिटी में भी बड़े पैमाने पर मार्च देखने को मिला।

आयोजकों ने बयान जारी कर कहा, “28 मार्च को हमने साफ कर दिया कि अमेरिका में कोई राजा नहीं है। हमारा यह अहिंसक आंदोलन लगातार बढ़ रहा है और यह सिर्फ एक दिन का प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक लंबी लड़ाई है।”

गौरतलब है कि ‘No Kings’ आंदोलन Donald Trump के दूसरे कार्यकाल (2025) के दौरान शुरू हुआ था और इसे Indivisible और 50501 Movement जैसे संगठनों का समर्थन मिल रहा है। इससे पहले जून 2025 में पहले चरण में करीब 50 लाख और अक्टूबर 2025 में दूसरे चरण में लगभग 70 लाख लोगों के शामिल होने का अनुमान जताया गया था।

news desk

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