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11 बच्चों की मौत से भड़का नया विवाद, पाकिस्तान-अफगानिस्तान फिर आमने-सामने; जानिए संघर्ष की असली जड़

नई दिल्ली: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच महीनों से जारी तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अफगानिस्तान ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान के ताजा हवाई हमलों में 11 बच्चों समेत 13 लोगों की मौत हो गई। इस घटना के बाद दोनों पड़ोसी देशों के बीच पहले से सुलग रहा विवाद फिर चर्चा में आ गया है। सवाल यह है कि आखिर दोनों देशों के बीच संघर्ष बार-बार क्यों भड़क रहा है?

11 बच्चों की मौत के बाद बढ़ा तनाव

अफगानिस्तान के मुताबिक पाकिस्तान ने खोस्त, कुनार और पक्तिका प्रांतों में हवाई हमले किए, जिनमें 11 बच्चों, एक महिला और एक बुजुर्ग की जान चली गई। कई अन्य लोग घायल भी हुए हैं। हालांकि पाकिस्तान ने इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

यह हमला उस घटना के एक दिन बाद हुआ, जब खैबर पख्तूनख्वा के हसन खेल इलाके में संदिग्ध पाकिस्तानी तालिबान लड़ाकों ने एक सुरक्षा चौकी पर हमला कर दिया था। जवाबी कार्रवाई में कई हमलावर मारे गए, लेकिन छह सुरक्षाकर्मियों की भी जान चली गई।

टीटीपी बना सबसे बड़ा विवाद

दोनों देशों के बीच टकराव की सबसे बड़ी वजह तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) है। पाकिस्तान का आरोप है कि टीटीपी के लड़ाके अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल कर उसके खिलाफ हमले करते हैं और उन्हें अफगान तालिबान सरकार का संरक्षण मिलता है।

पाकिस्तान लंबे समय से कहता रहा है कि अफगानिस्तान में मौजूद सुरक्षित ठिकानों से टीटीपी पाकिस्तान के भीतर आतंकवादी हमलों की साजिश रचता है। दूसरी ओर काबुल इन आरोपों को लगातार खारिज करता आया है।

हवाई हमलों से बढ़ी दुश्मनी

तनाव तब और बढ़ गया जब पाकिस्तान ने आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर अफगानिस्तान के अंदर हवाई हमले किए। इसके जवाब में अफगानिस्तान ने भी सीमापार जवाबी कार्रवाई की। इसके बाद दोनों देशों के रिश्ते तेजी से बिगड़ते चले गए।

मार्च में संघर्ष इतना बढ़ गया कि बड़े पैमाने पर मौतों के दावे सामने आए। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर नागरिकों को निशाना बनाने के आरोप लगाते रहे।

डूरंड लाइन भी है पुराने विवाद की वजह

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच विवाद सिर्फ आतंकवाद तक सीमित नहीं है। दोनों देशों के बीच 2600 किलोमीटर लंबी डूरंड लाइन भी दशकों पुराना विवाद है।

ब्रिटिश शासन के दौरान खींची गई इस सीमा रेखा को पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा मानता है, लेकिन अफगानिस्तान ने कभी इसे औपचारिक रूप से स्वीकार नहीं किया। यही कारण है कि सीमा पर अक्सर तनाव और झड़पें होती रहती हैं।

व्यापार और कूटनीति भी प्रभावित

लगातार बढ़ते तनाव का असर दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों पर भी पड़ा है। सीमा पार व्यापार लंबे समय से प्रभावित है और हजारों लोग भी इसकी वजह से परेशान हैं।

हालांकि चीन समेत कई देश दोनों पक्षों के बीच बातचीत और स्थायी शांति समझौते की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हालिया घटनाएं संकेत दे रही हैं कि हालात फिलहाल सामान्य होने से दूर हैं।

संघर्ष की जड़ क्या है?

पाकिस्तान-अफगानिस्तान विवाद के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े कारण माने जाते हैं—

  • टीटीपी और सीमा पार आतंकवाद के आरोप
  • डूरंड लाइन को लेकर पुराना सीमा विवाद
  • सीमापार सैन्य कार्रवाई और जवाबी हमले

इन्हीं मुद्दों ने दोनों देशों के रिश्तों को लगातार तनावपूर्ण बनाए रखा है और हर नई घटना के बाद हालात और बिगड़ते जा रहे हैं।

vineet verma

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