Trending News

रूस के सहारे ईरान ने साधे अमेरिकी ठिकाने? जेलेंस्की के सनसनीखेज दावे पर ट्रंप बोले- ‘पुतिन से खुद पूछूंगा’

वॉशिंगटन: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच एक नया अंतरराष्ट्रीय विवाद सामने आ गया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने आरोप लगाया है कि रूस, ईरान को अमेरिकी सैन्य ठिकानों की सैटेलाइट निगरानी संबंधी जानकारी उपलब्ध करा रहा है। इस दावे के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। ट्रंप ने कहा कि वह इस मामले में सीधे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात करेंगे और सच्चाई जानने की कोशिश करेंगे।

जेलेंस्की का बड़ा दावा, रूस पर ईरान की मदद का आरोप

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा कि उन्होंने अपनी खुफिया एजेंसी को निर्देश दिए हैं कि रूस की ओर से ईरान को दी जा रही कथित मदद से जुड़ी जानकारी सहयोगी देशों के साथ साझा की जाए। उनका दावा है कि जुलाई की शुरुआत से रूस खाड़ी देशों और वहां मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों की सक्रिय सैटेलाइट निगरानी कर रहा है।

जेलेंस्की के मुताबिक, इन ठिकानों की तस्वीरें बाद में ईरान तक पहुंचती हैं और इन्हीं के आधार पर हमलों की तैयारी तथा नुकसान का आकलन किया जाता है। उन्होंने दावा किया कि 19 और 20 जुलाई को बहरीन के दो एयरबेस, जॉर्डन का एक और कुवैत का एक एयरबेस रूसी सैटेलाइट की निगरानी में था।

ट्रंप बोले- सच पता लगाएंगे, पुतिन से करेंगे बात

जेलेंस्की के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि पहले इस दावे की सच्चाई की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा, “मैं पुतिन से इस बारे में पूछूंगा। हम पता लगाएंगे कि यह सही है या नहीं।”

ट्रंप ने यह भी कहा कि यदि रूस ने किसी स्तर पर ईरान की मदद की भी होगी तो उसका कोई बड़ा असर नहीं पड़ा। उनके अनुसार, अमेरिका ने ईरान की सैन्य क्षमता को गंभीर रूप से कमजोर कर दिया है।

ईरान की सैन्य ताकत पर भी ट्रंप का बयान

ट्रंप ने कहा कि ईरान के पास अब प्रभावी सैन्य शक्ति नहीं बची है। उन्होंने कहा कि न तो उसके पास मजबूत सेना है, न वायुसेना और न ही नौसेना। ऐसे में यदि किसी प्रकार की सहायता मिली भी होगी तो उसका व्यावहारिक प्रभाव बहुत सीमित रहा होगा।

उन्होंने वेनेजुएला का उदाहरण देते हुए कहा कि रूस ने पहले भी वहां हथियार भेजे थे, लेकिन उससे कोई खास परिणाम नहीं निकला।

ईरान के साथ बातचीत के भी दिए संकेत

ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान बातचीत का इच्छुक है और दोनों पक्षों के बीच संपर्क बना हुआ है। उनके मुताबिक, ईरान की ओर से प्रतिनिधियों के माध्यम से और सीधे भी मुलाकात का अनुरोध किया गया है।

उन्होंने कहा कि यदि परिस्थितियां अमेरिका के खिलाफ होतीं तो ईरान बातचीत की पहल नहीं करता। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान पर भारी दबाव बना है और इसी वजह से वह संवाद चाहता है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में किसी समझौते की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

vineet verma

Recent Posts

संसद में पेश हुए ITR आंकड़े: 5 साल में 142 से बढ़कर 576 हुए ‘सुपर-रिच’ टैक्सपेयर्स

नई दिल्ली। भारत में बंपर आर्थिक ग्रोथ के बीच सुपर-रिच (अति-अमीर) वर्ग की संख्या में…

20 minutes ago

CWG 2026: पोलियो, घरेलू हिंसा और खुदकुशी का विचार… फिर दूसरे पति का साथ और ग्लासगो में भारत को दिलाया ‘गोल्ड’

ग्लासगो/नई दिल्ली। स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित 23वें राष्ट्रमंडल खेल (Commonwealth Games 2026) में भारतीय…

31 minutes ago

मिडिल ईस्ट जंग का ‘साइड इफेक्ट’: अगस्त से महंगे होंगे टीवी, कार, कपड़े और चाय; त्योहारों से पहले 8% तक बढ़ेगी महंगाई

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट (ईरान और वेस्ट एशिया) में जारी भीषण जंग और भू-राजनीतिक तनाव…

39 minutes ago