टोक्यो / कुमामोतो। जापान के दक्षिणी द्वीप क्यूशू (Kyushu) पर मंगलवार को आए 7.1 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने एक बार फिर पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया। भूकंप का केंद्र कुमामोतो (Kumamoto) क्षेत्र में दर्ज किया गया। झटके इतने तेज थे कि तटीय इलाकों में तुरंत 1 मीटर तक ऊंची सुनामी (Tsunami) की लहरें उठने की चेतावनी जारी कर दी गई।
हालांकि, इस आपदा के बीच राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि जापान के आधुनिक ‘अडवांस वॉर्निंग सिस्टम’ ने महज कुछ ही सेकंड में अलर्ट जारी कर दिया, जिससे लाखों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने का समय मिल गया और एक बड़ा हादसा टल गया।
दुनिया के सबसे सक्रिय भूगर्भीय क्षेत्र (Ring of Fire) में बसे जापान का आपदा प्रबंधन एक बार फिर मिसाल साबित हुआ है।
भूकंप की गंभीरता को देखते हुए जापान सरकार ने पूरे क्यूशू द्वीप पर हाई अलर्ट घोषित किया है। कुमामोतो के अलावा निम्नलिखित प्रान्तों (Prefectures) में आपातकालीन भूकंप चेतावनी जारी की गई है:
स्थिति पर नजर: स्थानीय प्रशासन और आपातकालीन राहत टीमें (Emergency Teams) ग्राउंड ज़ीरो पर नुकसान का आकलन कर रही हैं और सुनामी के खतरे पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
घटना के तुरंत बाद जापानी प्रधानमंत्री कार्यालय एक्शन मोड में आ गया है। प्रधानमंत्री ने सभी संबंधित एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं:
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में दिख रही है, लेकिन प्रशासन ने क्यूशू द्वीप के नागरिकों को अगले कुछ घंटों तक बेहद सतर्क रहने की सलाह दी है। जापान का यह आधुनिक अर्ली-वार्निंग ढांचा यह साबित करता है कि सही तकनीक और पूर्व तैयारी से प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव को कितना कम किया जा सकता है।
कोलकाता: मानसून आते ही पश्चिम बंगाल की प्राकृतिक खूबसूरती और निखर जाती है। बारिश की…
शिलांग: भारत में हजारों गांव अपनी अलग-अलग परंपराओं और पहचान के लिए जाने जाते हैं,…
नई दिल्ली: शादी के लिए रिश्ता तय करते समय लोग आमतौर पर स्वभाव, परिवार, कमाई…
भारत की BRICS 2026 अध्यक्षता के बीच दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आगाज…
कांगो में एक खतरनाक वायरस ने ऐसी दस्तक दी है, जिसने दुनिया को कोविड-19 के…
एक तरफ था देश के लिए एशियन गेम्स में उतरने का सपना और दूसरी तरफ…