काठमांडू। भ्रष्टाचार मुक्त नेपाल का सपना दिखाकर सत्ता के शीर्ष पर पहुंचे प्रधानमंत्री बालेन शाह की सरकार को गठन के पहले महीने में ही गहरा झटका लगा है।
अनुशासनहीनता के कारण श्रम मंत्री दीपक कुमार शाह की विदाई के कुछ ही समय बाद, अब देश के गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। एक महीने के भीतर दो दिग्गज मंत्रियों का बाहर होना यह संकेत देता है कि नई सरकार के भीतर ‘शुद्धिकरण’ और ‘दबाव’ की राजनीति चरम पर है।
सुदन गुरुंग का इस्तीफा उस समय आया जब उन पर जेल जा चुके विवादित कारोबारी दीपक भट्ट की कंपनियों में शेयर रखने और वित्तीय हेरफेर के गंभीर आरोप लगे। विपक्षी दल ‘नेपाली कांग्रेस’ और नागरिक समाज के कड़े विरोध ने सरकार को रक्षात्मक मुद्रा में ला दिया था।
अब पूरी दुनिया की नजरें बालेन शाह पर हैं। क्या वे अपनी कैबिनेट में स्वच्छ छवि वाले चेहरों को जगह देकर इस डैमेज को कंट्रोल कर पाएंगे? विशेषज्ञों का मानना है कि बालेन शाह के पास अब गलती की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्हें यह साबित करना होगा कि उनकी सरकार केवल नारों तक सीमित नहीं है, बल्कि कड़े फैसले लेने का साहस भी रखती है।
टेक जायंट कंपनी “Lenovo” ने ऑडियो सेगमेंट में अपना नया दांव खेलते हुए Lenovo Yoga…
भारतीय सैन्य अकादमी (IMA), देहरादून का इस वर्ष का पासिंग आउट समारोह कई मायनों में…
पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर चर्चा में है। ED ने तृणमूल कांग्रेस (TMC)…
देश में लगातार हो रहे पेपर लीक और बढ़ती बेरोजगारी और महंगाई के खिलाफ विपक्ष…
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने भाजपा पर अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक…
FIFA World Cup 2026 का रोमांच अपने शुरुआती चरण में ही चरम पर दिखाई दे…