सियासी

क्या बिहार चुनाव से पहले ही बिखर जाएगा एनडीए परिवार? उपेंद्र कुशवाहा से लेकर जीतन राम मांझी तक सबने थामा बगावत का झंडा!

बिहार चुनाव से ठीक पहले एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) में दरारें साफ़ दिखाई देने लगी हैं. सीट बंटवारे के बाद से सहयोगी दलों की असंतुष्टि लगातार बढ़ रही है, जिससे सवाल उठ रहा है — क्या बिहार चुनाव से पहले ही एनडीए का गठबंधन टूट सकता है?

रालोमो अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा आज पहुंचेंगे दिल्ली

दरअसल, राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने मंगलवार रात अचानक से हुए सीटों के फेरबदल को लेकर खुलकर नाराज़गी जताई है, जिसके बाद आज वे दिल्ली में बीजेपी नेताओं से मुलाकात करने जा रहे हैं.
जानकारी के मुताबिक, पिछले दिनों दिल्ली में बीजेपी के शीर्ष नेताओं के साथ हुई बैठक में रालोमो को छह सीटें देने पर सहमति बनी थी — सासाराम, मधुबनी, दिनारा, बाजपट्टी, महुआ और उजियारपुर. लेकिन मंगलवार शाम इस दल को सूचना मिली कि महुआ सीट लोजपा (रामविलास) के खाते में और दिनारा सीट जदयू को दे दी गई है.
इस बदलाव के बाद उपेंद्र कुशवाहा इतने नाराज़ हुए कि वे पटना से सासाराम जाते वक्त बीच रास्ते से ही लौट आए. पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया है कि वे एनडीए के किसी उम्मीदवार के नामांकन में शामिल न हों. रालोमो के महासचिव फजल इमाम मल्लिक ने साफ कहा है — “हमें सिर्फ छह सीटें दी गईं, उसमें भी फेरबदल अस्वीकार्य है.”

जीतन राम मांझी ने लोजपा के खिलाफ उम्मीदवार उतारने का किया ऐलान

केवल रालोमो ही नहीं, “हम” पार्टी के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने भी सीट बंटवारे पर असंतोष जताया है. मांझी का कहना है कि उन्होंने 15 सीटों का दावा किया था, लेकिन केवल 6 दी गईं. उन्होंने साफ़ चेतावनी दी है कि उनकी पार्टी बोधगया और मखदूमपुर सीट पर चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (रामविलास) के खिलाफ अपने उम्मीदवार उतारेगी, चाहे दोनों दल एनडीए का हिस्सा ही क्यों न हों.
इधर, नीतीश कुमार की जदयू में भी सबकुछ ठीक नहीं है. बीजेपी और जदयू को इस बार बराबर-बराबर 101 सीटें मिली हैं, जो नीतीश कुमार को नागवार गुज़री हैं. सूत्रों के मुताबिक, नीतीश बीजेपी से बराबरी वाले बंटवारे और लोजपा को 29 सीटें मिलने से भी नाखुश हैं, क्योंकि पिछले चुनाव में लोजपा ने जदयू के खिलाफ उम्मीदवार खड़े किए थे. यही वजह है कि जदयू अब तक अपनी उम्मीदवारों की आधिकारिक लिस्ट जारी नहीं कर पाई है.
हालात को संभालने के लिए बीजेपी नेतृत्व एक्टिव मोड में है. बताया जा रहा है कि उपेंद्र कुशवाहा दिल्ली में बीजेपी नेताओं से मुलाकात करेंगे, जबकि गृहमंत्री अमित शाह खुद पटना पहुंचकर अगले तीन दिनों तक हालात संभालने की कोशिश करेंगे.

क्या टूट जाएगा एनडीए ?


भले ही बीजेपी और जदयू के नेता यह दावा कर रहे हों कि “सब ठीक है”, लेकिन दिल्ली से लेकर पटना तक लगातार हो रही बैठकों से साफ है कि एनडीए के भीतर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा.
अब सवाल यही है — क्या बिहार चुनाव से पहले एनडीए में बगावत की आग भड़क सकती है, या बीजेपी समय रहते अपने सहयोगियों को मना लेगी?

news desk

Recent Posts

अब बार-बार चार्ज करने की झंझट खत्म! 9070mAh की बाहुबली बैटरी और 185Hz डिस्प्ले के साथ आया Redmi K100 Pro Max

स्मार्टफोन बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए शाओमी ने अपने सब-ब्रांड रेडमी के…

7 hours ago

यूपी टी-20 लीग के आगाज़ से पहले इकाना पहुंचे अवनीश अवस्थी, तैयारियों का लिया जायजा

लखनऊ । यूपी के उत्सव यानि यूपी टी-20 लीग सीजन-4 के आगाज़ में अब महज…

7 hours ago

मुंबई के घाटकोपर में कुदरत का कहर! भारी बारिश के बीच भूस्खलन से मची तबाही, 7 ने गंवाई जान और 7 से ज्यादा हुए घायल

मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में जारी भारी बारिश ने एक बार फिर जनजीवन…

7 hours ago

जुलाई में फिर बढ़ी महंगाई, खुदरा दर बढ़कर 4.45% पहुंची; अदरक-लहसुन के दामों में भारी उछाल

देश में महंगाई की मार से आम जनता का बजट एक बार फिर डगमगा गया…

7 hours ago

खेल मंत्रालय की बड़ी कार्रवाई; टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया की मान्यता रद्द, IOA संभालेगा कमान

भारतीय खेल जगत से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आ रही है। केंद्रीय…

8 hours ago