नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष के बीच पाकिस्तान ने कूटनीतिक मोर्चे पर सक्रियता बढ़ा दी है। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने ईरान के राष्ट्रपति से मुलाकात की है। इस दौरान अमेरिका-ईरान संघर्ष, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और पहले हुए इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन को फिर से बहाल करने के मुद्दे पर चर्चा हुई। नकवी ने बातचीत को रचनात्मक बताते हुए कहा कि कई अहम मुद्दों पर प्रगति हुई है और इससे आगे की बातचीत के साथ क्षेत्र में स्थायी शांति का रास्ता खुल सकता है।
ईरानी राष्ट्रपति से मुलाकात में किन मुद्दों पर हुई चर्चा
मोहसिन नकवी ने बताया कि उन्होंने असीम मुनीर के साथ ईरान के राष्ट्रपति से मुलाकात की। बैठक में मौजूदा अमेरिका-ईरान संघर्ष और पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ रहे तनाव पर विस्तार से बातचीत हुई।
नकवी के मुताबिक, चर्चा का एक अहम मुद्दा पहले हुए इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन को दोबारा बहाल करना भी रहा। पाकिस्तान का मानना है कि इस समझौते को फिर से सक्रिय करने से अमेरिका और ईरान के बीच जारी संकट के व्यापक समाधान की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।
इस्लामाबाद समझौते को फिर से बहाल करने की तैयारी
बैठक में इस बात पर विचार किया गया कि पहले हुए समझौता ज्ञापन को किस तरह दोबारा लागू किया जा सकता है। पाकिस्तानी पक्ष का कहना है कि इसकी बहाली क्षेत्र में तनाव कम करने और आगे की बातचीत के लिए आधार तैयार कर सकती है।
नकवी ने कहा कि ईरानी राष्ट्रपति ने अपनी सरकार का पक्ष और चिंताएं स्पष्ट रूप से सामने रखीं। दोनों पक्षों के बीच संबंधित मुद्दों पर रचनात्मक चर्चा हुई और कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रगति दर्ज की गई।
क्या अमेरिका-ईरान के बीच फिर शुरू होगी शांति वार्ता?
पाकिस्तान की इस पहल को अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। नकवी ने बैठक के बाद इसे सकारात्मक और सार्थक बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि बातचीत से बनी गति को आगे भी कायम रखा जाएगा।
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इस बैठक के बाद अमेरिका और ईरान के बीच औपचारिक शांति वार्ता तत्काल शुरू होगी या नहीं। फिलहाल पाकिस्तान का जोर बातचीत के लिए माहौल तैयार करने और दोनों पक्षों के बीच तनाव कम करने पर दिखाई दे रहा है।
तनाव के बीच पाकिस्तान की बढ़ी कूटनीतिक सक्रियता
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के साथ पाकिस्तान खुद को दोनों देशों के बीच संवाद का संभावित माध्यम बनाने की कोशिश कर रहा है। असीम मुनीर और मोहसिन नकवी की ईरानी नेतृत्व के साथ मुलाकात इसी कूटनीतिक प्रयास का अहम हिस्सा मानी जा रही है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन को बहाल कराने की कोशिश कितनी तेजी से आगे बढ़ती है और क्या पाकिस्तान की पहल अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच किसी ठोस बातचीत का रास्ता खोल पाती है।