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अल-नीनो की चिंता के बीच मॉनसून का जोरदार पलटवार, सिर्फ 8 दिन की बारिश ने घटा दी देशभर में वर्षा की बड़ी कमी

नई दिल्ली: दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने आखिरकार पूरे देश को कवर कर लिया है और जुलाई के पहले आठ दिनों की तेज बारिश ने मौसम की तस्वीर बदल दी है। जहां 1 जुलाई तक देश में बारिश की कमी 38 प्रतिशत दर्ज की गई थी, वहीं 9 जुलाई तक यह घटकर 14 प्रतिशत रह गई है। अच्छी बारिश से किसानों को बड़ी राहत मिली है और खरीफ फसलों की बुआई में तेजी आने की उम्मीद बढ़ गई है।

मॉनसून गुरुवार को दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के शेष हिस्सों तक पहुंच गया। इसके साथ ही पूरे देश में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून का विस्तार पूरा हो गया। दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर-पश्चिम भारत के कई इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई, जिससे कई स्थानों पर जलभराव और लंबा जाम देखने को मिला।

8 दिनों में तेजी से घटी बारिश की कमी

मौसम विभाग के अनुसार, 1 जून से 1 जुलाई 2026 के बीच देश में वर्षा की कमी 38 प्रतिशत थी। हालांकि जुलाई के पहले आठ दिनों में हुई अच्छी बारिश के बाद 1 जून से 9 जुलाई के बीच यह कमी घटकर 14 प्रतिशत रह गई। यानी सिर्फ आठ दिनों में वर्षा की कमी में 24 प्रतिशत का सुधार दर्ज किया गया।

खरीफ की बुआई को मिला बड़ा सहारा

मॉनसून की रफ्तार ऐसे समय बढ़ी है जब देश में खरीफ सीजन अपने महत्वपूर्ण दौर में है। पहले कम बारिश के कारण कई राज्यों में किसान समय पर बुआई नहीं कर पा रहे थे। अब मॉनसून कोर जोन में वर्षा बढ़ने से धान समेत अन्य खरीफ फसलों की बुआई में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है।

कम बारिश वाले जिलों की संख्या घटी

कृषि मंत्रालय के मुताबिक, हाल के दिनों में हुई अच्छी बारिश के बाद कम वर्षा वाले जिलों की संख्या 262 से घटकर 178 रह गई है। हालांकि खरीफ फसलों की बुआई को लेकर सरकार अब भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक कर मॉनसून, अल-नीनो के प्रभाव और बुआई की प्रगति की समीक्षा भी की।

बुआई अभी भी पिछले साल से पीछे

कृषि मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 3 जुलाई 2026 तक देश में खरीफ फसलों की बुआई 350.85 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में हुई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 91.96 लाख हेक्टेयर कम है। धान की बुआई में 13.08 प्रतिशत, दलहन में 21.79 प्रतिशत और तिलहन में 39.32 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।

इन राज्यों में अब भी बारिश की कमी

बारिश में सुधार के बावजूद कई राज्यों में सामान्य से कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। बिहार में 53 प्रतिशत, झारखंड में 42 प्रतिशत, असम में 37 प्रतिशत, पंजाब में 32 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश और गोवा में 27-27 प्रतिशत तथा केरल में 25 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है।

सरकार ने बढ़ाई निगरानी और तैयारी

कृषि मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, झारखंड, पंजाब, हरियाणा, गोवा और केरल समेत कई राज्यों में बारिश की स्थिति पर विशेष निगरानी शुरू की है। किसानों को कम अवधि और कम पानी वाली फसलों जैसे मक्का, बाजरा और मूंग की बुआई की सलाह दी गई है। साथ ही 1.75 लाख क्विंटल राष्ट्रीय बीज भंडार तैयार रखा गया है और किसान क्रेडिट कार्ड व फसल बीमा योजना के जरिए किसानों को सहायता देने की प्रक्रिया भी जारी है।

 

 

vineet verma

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