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“सुप्रीम लीडर बने मोजतबा खामेनेई ! IRGC, राष्ट्रपति और तीनों सेनाओं ने दिखाई पूर्ण निष्ठा”

अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के बीच ईरान से बड़ी खबर आई है। खबर है कि Mojtaba Khamenei को देश का नया सुप्रीम लीडर घोषित किया गया है।

हालांकि अभी तक ईरानी मीडिया ने आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की है, लेकिन जानकारी मिल रही है कि मोजतबा खामेनेई जल्द ही अपने पिता Ali Khamenei की जगह लेंगे।

ईरान की 88 सदस्यों वाली धार्मिक संस्था असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने निर्णायक वोट से मोजतबा खामेनेई को तीसरे सर्वोच्च नेता के रूप में चुना है। इसके साथ ही वे ईरान के शीर्ष पद पर क़ानूनी और आधिकारिक रूप से कब्ज़ा करेंगे।

ईरान: मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर घोषित, सेना और नेताओं ने शपथ ली

अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, मोजतबा खामेनेई के नाम की घोषणा होते ही ईरान की सेना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने उनके प्रति निष्ठा की शपथ ली। IRGC ने बयान जारी किया कि वे नए नेता Mojtaba Khamenei के आदेश का पालन करने और देश के लिए खुद को समर्पित करने के लिए तैयार हैं।

संसद के स्पीकर ने इसे ‘धार्मिक और राष्ट्रीय कर्तव्य’ बताया, जबकि सुरक्षा प्रमुख ने कहा कि नया नेता देश को इस मुश्किल समय में सही दिशा दिखाने में सक्षम हैं।

‘पावर ब्रेकर’ और गुप्त ताकत

मोजतबा खामेनेई 56 साल के हैं और लंबे समय से अपने पिता Ali Khamenei के ऑफिस में काम कर रहे थे। उनके IRGC के साथ मजबूत रिश्ते हैं और उन्हें सार्वजनिक रूप से कम देखा जाता है, लेकिन राजनीतिक और धार्मिक रूप से बेहद ताकतवर माना जाता है। उन्हें अक्सर ‘पावर ब्रेकर’ और ‘गेटकीपर’ कहा जाता है।

असेंबली ने पूरे देश से अपील की है कि वे नए नेता के पीछे एकजुट हों और राष्ट्रीय एकता बनाए रखें।

ईरान-इराक युद्ध का अनुभव

मोजतबा खामेनेई 1980-88 के ईरान-इराक युद्ध के अंतिम वर्षों में 17-18 साल की उम्र में शामिल हुए थे। उन्होंने IRGC की हबीब इब्न मजाहिर बटालियन में सेवा दी। कई युद्ध कमांडर बाद में IRGC में ऊंचे पदों पर पहुंचे। युद्ध के बाद मोजतबा कोम चले गए, जहां उन्होंने शिया धर्म की पढ़ाई की और कई कंज़र्वेटिव विद्वानों से तालीम ली। वर्तमान में उनकी रैंक हुज्जतुल इस्लाम (मिड-लेवल क्लेरिक) है।

बता दे कि अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में Ayatollah Ali Khamenei की मौत हो गई थी। उनके निधन के बाद लोगों के मन में यह सवाल था कि उनका अंतिम संस्कार कब और कहां किया जाएगा। अब इस संबंध में ईरान की ओर से बड़ी जानकारी सामने आई है।

news desk

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