Trending News

Mohammed Shami Case: चेक बाउंस मामले में क्रिकेटर मोहम्मद शमी कोर्ट से बरी, हसीन जहां के आरोपों को अदालत ने किया खारिज; जानें पूरा फैसला

कोलकाता/नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को कानून के मोर्चे पर एक बहुत बड़ी और राहत भरी कामयाबी मिली है। कोलकाता की चर्चित अलीपुर अदालत ने बुधवार को एक अहम फैसला सुनाते हुए शमी को चेक बाउंस के चार साल पुराने आपराधिक मामले से पूरी तरह बरी (Acquit) कर दिया है। यह मुकदमा शमी से अलग रह रही उनकी पत्नी हसीन जहां द्वारा दर्ज कराया गया था। अदालत के इस फैसले से शमी पर लंबे समय से मंडरा रहे कानूनी संकट के बादल छंट गए हैं।

क्या था पूरा विवाद?

दरअसल, यह पूरा विवाद करीब चार साल पहले शुरू हुआ था, जब हसीन जहां ने अदालत का दरवाजा खटखटाते हुए आरोप लगाया था कि मोहम्मद शमी ने उन्हें घरेलू और निजी खर्चों के लिए 1 लाख रुपये का एक चेक दिया था, जो बैंक में लगाने पर बाउंस हो गया। हसीन जहां ने इसे धोखाधड़ी और प्रताड़ना से जोड़ते हुए शमी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। हालांकि, लंबी सुनवाई और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अलीपुर कोर्ट ने बुधवार को शमी को इन सभी आरोपों से बेदाग बरी कर दिया।

गुजारे भत्ते (Alimony) का पूरा कानूनी गणित: किसे क्या मिलेगा?

अदालत ने सिर्फ चेक बाउंस मामले में फैसला ही नहीं सुनाया, बल्कि जस्टिस अजय कुमार मुखर्जी की बेंच ने दोनों पक्षों की वित्तीय स्थिरता और बच्ची के भविष्य को ध्यान में रखते हुए गुजारे भत्ते को लेकर भी स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है।

बेटी के लिए कोर्ट का विशेष रुख

अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा है कि यदि विपरीत पक्ष यानी मोहम्मद शमी अपनी मर्जी से अपनी बेटी की अतिरिक्त सहायता या पढ़ाई-लिखाई के लिए इस तय राशि से अलग कुछ और देना चाहते हैं, तो वे ऐसा करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र होंगे।

4 लाख के बदले 10 लाख की जिद: सुप्रीम कोर्ट पहुंची थीं हसीन जहां

आपको बता दें कि पिछले साल जब निचली अदालत ने हसीन जहां और उनकी बेटी के लिए संयुक्त रूप से 4 लाख रुपये प्रति माह का गुजारा भत्ता तय किया था, तब हसीन जहां इस फैसले से संतुष्ट नहीं थीं। उन्होंने इस राशि को नाकाफी बताते हुए देश की सर्वोच्च अदालत (Supreme Court) का रुख किया था। हसीन जहां की मांग है कि मोहम्मद शमी की कमाई और उनके ऊंचे लाइफस्टाइल को देखते हुए इस मासिक गुजारे भत्ते की राशि को 4 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये प्रति माह किया जाना चाहिए।

फिलहाल, चेक बाउंस केस में मिली इस क्लीन चिट ने मोहम्मद शमी को मानसिक रूप से बड़ी राहत दी है, जिससे वे मैदान पर अपने खेल पर बेहतर तरीके से फोकस कर सकेंगे।

news desk

Recent Posts

Instagram पर बच्चों से जुड़े ऑफेंसिव ऐड्स को लेकर भारत सरकार ने Meta को भेजा समन! WhatsApp को लेकर भी बढ़ा सस्पेंस

सोशल मीडिया दिग्गज मेटा “Meta” की मुश्किलें भारत में बढ़ती नजर आ रही हैं। भारत…

6 hours ago

स्मार्ट इनवेस्टर्स की पहली पसंद बना Cera Sanitaryware! दमदार रिटर्न के साथ बंपर डिविडेंड देने का अनाउंसमेंट, देखें पूरी डिटेल

शेयर बाजार में धमाल मचाने वाली कंपनी Cera Sanitaryware ने अपने इनवेस्टर्स की चांदी कर…

7 hours ago

मार्केट में तेजी की हैट्रिक! आईटी बूम और क्रूड की नरमी से सेंसेक्स 77,763 पर बंद, निफ्टी ने भी पकड़ी रफ्तार

भारतीय शेयर बाजार इस समय फुल-ऑन एक्शन मोड में है। ग्लोबल मार्केट के प्रेशर और…

8 hours ago

22 रुपए की राइड के बाद तीन फाउंडर्स पर FIR! आखिर नागपुर RTO के ‘स्टिंग ऑपरेशन’ में कैसे फंसा रैपिडो

भारत के मशहूर बाइक टैक्सी स्टार्टअप Rapido की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ…

8 hours ago

पंजाब कांग्रेस में ‘महाभारत’!  राजा वड़िंग की ताजपोशी से भड़के चन्नी, 60 नेताओं ने दिया इस्तीफा, शाह से मिले रंधावा

पंजाब विधानसभा चुनावों से ठीक पहले पंजाब कांग्रेस के भीतर अंदरूनी कलह का एक बड़ा…

10 hours ago

‘नो-पॉकेट’ ड्रेस कोड और फर्श पर पहरा! राम मंदिर में दान की गिनती के बदले नियम, चोरी के खुलासे के बाद प्रशासन का कड़ा एक्शन

राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की राशि की सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर प्रशासन ने…

10 hours ago