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वैश्विक संकट के बीच मोदी की संयम की अपील, राहुल गांधी बोले-ये नाकामी के सबूत

नई दिल्ली। मध्य पूर्व में हालात लगातार खराब होते हुए नजर आ रहे हैं और खाड़ी संकट के बीच पीएम मोदी का एक बयान तेजी से वायरल हो रहा है।

सोशल मीडिया पर उनके बयान की चर्चा खूब हो रही है। दरअसल, पीएम मोदी ने खाड़ी संकट पर देश की जनता से एक बेहद भावुक अपील की है और आम जनता से तेल, गैस, सोने समेत कई चीजों पर संयम बरतने की अपील की थी। लेकिन अब इस मामले में राहुल गांधी की प्रतिक्रिया सामने आ रही है।

इतना ही नहीं, राहुल गांधी ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए मोदी पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पिछले 12 साल में देश को इस मुकाम पर ला दिया कि जनता को बताना पड़ रहा है क्या खरीदे, क्या न खरीदे, कहां जाए, कहां न जाए। ये उपदेश नहीं, नाकामी के सबूत हैं।

कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आज सोमवार को सोशल मीडिया X पर कहा, “PM मोदी ने कल जनता से त्याग मांगे, कहा- सोना मत खरीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, खाद और खाने का तेल कम करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो. ये उनके उपदेश नहीं बल्कि ये नाकामी के सबूत हैं। ”

वही संजय सिंह ने कहा कि प्यारे देश वासियों चुनाव तक मोदी जी ने आपका बोझ उठाया, चुनाव ख़त्म आपका इस्तेमाल ख़त्म। अब देशभक्ति के नाम पर लाइन में लग जाओ। गैस महँगी हो गई अब पेट्रोल डीज़ल भी मँहगा होगा। आप देश भक्ति के नाम पर पेट्रोल डीज़ल गैस का इस्तेमाल न करो, सोना न ख़रीदो, खाने के तेल का भी इस्तेमाल न करो। लेकिन मोदी जी अपनी रैलियों में लाखों लोगों को भर भर के लायेंगे विदेश यात्राएँ करेंगे खूब तेल फूकेंगे, उनके लोग सोना तो क्या पूरे देश की सम्पतियाँ ख़रीद लेंगे लेकिन आप फटीचर बने रहिए। और हाँ अगर आपने मोदी जी की मँहगाई बर्दाश्त नहीं की तो अंधभक्त और गोदी मीडिया आपको पाकिस्तानी घोषित कर देगा।

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेलंगाना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान देशवासियों से संयम बरतने की अपील की थी। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ते दबाव को देखते हुए उन्होंने कहा कि लोगों को पेट्रोल, डीजल और गैस का इस्तेमाल सोच-समझकर और सीमित रूप में करना चाहिए।

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि कोरोना काल में शुरू हुई वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन मीटिंग और वीडियो कॉन्फ्रेंस जैसी व्यवस्थाओं को एक बार फिर अपनाने की जरूरत है, ताकि संसाधनों की बचत हो सके और ऊर्जा खपत कम की जा सके।

उन्होंने विदेशी मुद्रा बचाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, जिसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। ऐसे में उन्होंने लोगों से निजी वाहनों के बजाय मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करने की अपील की। साथ ही माल ढुलाई के लिए रेलवे को प्राथमिकता देने और सोने की खरीद को अगले एक वर्ष तक टालने की सलाह भी दी।

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