दुबई/तेहरान। फारस की खाड़ी (Persian Gulf) में एक बड़े पारिस्थितिक संकट (Ecological Crisis) का खतरा मंडरा रहा है। ईरान के खार्ग आइलैंड (Kharg Island) के पास एक और संदिग्ध तेल रिसाव (Oil Spill) मिलने से हड़कंप मच गया है। समुद्री निगरानी संस्था विंडवर्ड AI (Windward AI) के अनुसार, यह दूसरा बड़ा रिसाव है जो ऐसे समय में सामने आया है जब 8 मई को हुआ पहला रिसाव पहले से ही सऊदी अरब की ओर बढ़ रहा है।
ईरान ने इस समुद्री प्रदूषण के लिए विदेशी हस्तक्षेप को जिम्मेदार ठहराया है। बुशहर प्रांत के सांसद जाफर पूरकबगानी ने दावा किया कि यूरोपीय टैंकरों ने जानबूझकर समुद्र में तेल और दूषित पानी छोड़ा है।
हालांकि, विंडवर्ड AI के विशेषज्ञों का मानना है कि यह जहाजों के ईंधन (Bunker Fuel) के बजाय कच्चा तेल (Crude Oil) है। विशेषज्ञों को संदेह है कि यह या तो जर्जर पाइपलाइनों के फटने से हुआ है या समुद्र के बीच जहाज-से-जहाज (Ship-to-Ship) तेल ट्रांसफर के दौरान हुई किसी बड़ी चूक का नतीजा है।
संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञ डॉ. कावेह मदानी ने चेतावनी दी है कि यदि यह तेल का धब्बा रिहायशी इलाकों तक पहुँचता है, तो इसके परिणाम विनाशकारी हो सकते हैं:
“फारस की खाड़ी में पानी का बहाव बहुत धीमा है, जिसका अर्थ है कि यह प्रदूषण दशकों तक समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को प्रभावित कर सकता है।” – डॉ. कावेह मदानी, UN एक्सपर्ट
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