Trending News

ध्वजारोहण के साथ ‘विकसित भारत’ का संदेश: राम मंदिर शिखर पर लहराया केसरिया ध्वज

अयोध्या में आज वो ख़ास लम्हा आया, जिसका बरसों से लोग इंतज़ार कर रहे थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री राम जन्मभूमि मंदिर के 161 फीट ऊंचे शिखर पर भव्य केसरिया ‘धर्म ध्वज’ फहराया, जिसके साथ ही भव्य मंदिर निर्माण की औपचारिक पूर्णता की घोषणा हो गई. इस पवित्र अवसर पर पूरा रामधाम उत्सव के रंग में रंगा रहा.

विवाह पंचमी के पावन अवसर पर ध्वाजारोहण

मंगलवार सुबह महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पीएम मोदी के आगमन के साथ ही उत्सव शुरू हो गया. एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उनका स्वागत किया. हवाई अड्डे से लेकर मंदिर परिसर तक, राम पथ पर प्रधानमंत्री का रोड शो निकला, जहाँ हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने जय श्री राम के उद्घोष और फूलों की वर्षा के साथ उनका अभिनंदन किया.

ध्वजारोहण समारोह का आयोजन राम और सीता के विवाह के पावन पर्व विवाह पंचमी के शुभ अवसर पर हुआ, जिसने इसकी धार्मिक महत्ता को और बढ़ा दिया. इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने के लिए करीब 7,000 गणमान्य व्यक्ति मंदिर परिसर में मौजूद रहे, जिनमें आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, सीएम योगी आदित्यनाथ और विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधि (जैसे पूर्व बाबरी मामले के एक वादी के बेटे इकबाल अंसारी) शामिल थे.

पीएम मोदी ने दिया ‘विकसित भारत’ का संदेश

ध्वजारोहण के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज सदियों की वेदना विराम पा रही है और ये क्षण भारतीय सभ्यता के पुनरुत्थान का प्रतीक है. उन्होंने देशवासियों से राम के इन्हीं मूल्यों को अपनाकर 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को पूरा करने का आह्वान किया. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ‘रामराज्य’ के नए युग का उदय बताते हुए इस ऐतिहासिक दिन पर संतोष व्यक्त किया.

हजारों साल की गारंटी: लोहे-स्टील से मुक्त मंदिर

श्री राम जन्मभूमि मंदिर की सबसे बड़ी और ख़ास विशेषता इसकी इंजीनियरिंग है. इस 70 एकड़ के मंदिर परिसर के निर्माण में लोहे या स्टील की एक भी कील का इस्तेमाल नहीं किया गया है. मंदिर को 1000 साल से अधिक समय तक सुरक्षित बनाए रखने के उद्देश्य से इसे भूकंप-रोधी तकनीक पर तैयार किया गया है. मंदिर की मज़बूती के लिए पत्थरों को जोड़ने के लिए इंटरलॉकिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. मंदिर की नींव को 56 परतों के पत्थरों से तैयार किया गया है.

मंदिर के निर्माण में लार्सन एंड टुब्रो के साथ-साथ टाटा और देश के शीर्ष IIT संस्थानों ने स्ट्रक्चरल डिजाइन और मटीरियल साइंस में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

विशेषताओं से भरा धर्म ध्वज

ध्वजारोहण के लिए इस्तेमाल किया गया 20 फीट लंबा केसरिया ध्वज भी विशेष है. ये ध्वज सूर्य, ‘ॐ’ और कोविदार वृक्ष के प्रतीकों से सुसज्जित है. इसे गुजरात के कलाकारों द्वारा विशेष रूप से तैयार किया गया है. ये ध्वज पैराशूट नायलॉन और सिंथेटिक कोटिंग से बना है, ताकि ये हर मौसम और तेज़ हवाओं का आसानी से सामना कर सके. ये ध्वज एक सोने की कोटिंग वाले ऊंचे ध्वज स्तंभ पर फहराया गया है.

news desk

Recent Posts

लखनऊ में अवैध चैंबरों पर बुलडोजर एक्शन, वकीलों का जोरदार विरोध

यूपी की राजधानी लखनऊ में आज सुबह-सुबह उस वक्त भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब…

3 hours ago

मिडल ईस्ट वॉर के बीच भारत की बड़ी जीत: होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर 20,000 टन LPG लेकर सुरक्षित गुजरात पहुंचा जहाज!

पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी युद्ध और भारी तनाव के बीच भारत के लिए…

4 hours ago

दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर बड़ा हादसा: त्रिवेंद्रम-निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस के AC कोच में लगी भीषण आग, मची अफरा-तफरी!

दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर आज सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। केरल के त्रिवेंद्रम से…

4 hours ago

T20 में सबसे तेज 3000 रन बनाने वाले सुदर्शन बने IPL 2026 की ऑरेंज कैप के नए किंग, क्लासेन को पछाड़ा

IPL 2026 की ऑरेंज और पर्पल कैप की रेस अब अपने सबसे रोमांचक मोड़ पर…

5 hours ago

12वीं ओपन नेशनल ताइक्वांडो चैंपियनशिप: लखनऊ के ताइक्वांडो सितारों का राष्ट्रीय पटल पर जलवा, 6 स्वर्ण सहित जीते 10 पदक

लखनऊ। लखनऊ के ताइक्वांडो खिलाड़ियों ने नई दिल्ली में आयोजित 12वीं ओपन नेशनल ताइक्वांडो चैंपियनशिप…

5 hours ago

ईरान संकट की मार: दिल्ली-एनसीआर में 48 घंटे में दूसरी बार महंगी हुई CNG, 3 दिन में ₹3 की भारी बढ़ोतरी!

ईरान संकट और अंतरराष्ट्रीय बाजार में मचे हाहाकार का सीधा असर अब आम आदमी की…

6 hours ago