Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: 8-9 तीव्रता के भूकंप झेल गए कई देश, फिर 7 तीव्रता के झटकों ने वेनेजुएला को क्यों हिला दिया? जानिए इतिहास के 10 सबसे विनाशकारी भूकंपों की पूरी कहानी
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Trending News > 8-9 तीव्रता के भूकंप झेल गए कई देश, फिर 7 तीव्रता के झटकों ने वेनेजुएला को क्यों हिला दिया? जानिए इतिहास के 10 सबसे विनाशकारी भूकंपों की पूरी कहानी
Trending Newsफीचर

8-9 तीव्रता के भूकंप झेल गए कई देश, फिर 7 तीव्रता के झटकों ने वेनेजुएला को क्यों हिला दिया? जानिए इतिहास के 10 सबसे विनाशकारी भूकंपों की पूरी कहानी

vineet verma
Last updated: June 26, 2026 5:58 pm
vineet verma
Share
SHARE

काराकास: धरती के भीतर मौजूद टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल जब तेज होती है, तो उसका असर भूकंप के रूप में सामने आता है। कई बार यह कंपन कुछ ही सेकंड तक रहता है, लेकिन इसके परिणाम इतने भयावह होते हैं कि पूरे शहर तबाह हो जाते हैं। रिक्टर पैमाने पर 7 से 9.5 तक की तीव्रता वाले भूकंप इतिहास में सबसे अधिक विनाशकारी साबित हुए हैं। रिक्टर पैमाने पर प्रत्येक एक अंक की बढ़ोतरी का अर्थ 10 गुना अधिक कंपन और लगभग 32 गुना ज्यादा ऊर्जा का उत्सर्जन होता है। यही वजह है कि दुनिया के कई बड़े भूकंपों ने लाखों लोगों की जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी।

इतिहास का सबसे शक्तिशाली भूकंप: चिली में 9.5 तीव्रता का कहर

22 मई 1960 को चिली के वाल्डिविया में आया 9.5 तीव्रता का भूकंप अब तक का सबसे शक्तिशाली भूकंप माना जाता है। इसके बाद करीब 25 मीटर ऊंची सुनामी उठी, जिसकी लहरें हजारों किलोमीटर दूर हवाई, जापान और फिलीपींस तक पहुंच गईं। इस आपदा में 1,655 से 6,000 लोगों की मौत हुई, करीब 20 लाख लोग बेघर हो गए और उस समय लगभग 550 मिलियन डॉलर का नुकसान दर्ज किया गया।

अलास्का का ग्रेट अर्थक्वेक, कम आबादी ने बचाई हजारों जानें

27 मार्च 1964 को अलास्का के प्रिंस विलियम साउंड क्षेत्र में 9.2 तीव्रता का भूकंप आया, जिसे ‘ग्रेट अलास्का अर्थक्वेक’ के नाम से जाना जाता है। इसके बाद बड़े पैमाने पर भूस्खलन और सुनामी आई। प्रभावित क्षेत्र में आबादी कम होने के कारण 131 लोगों की मौत हुई, लेकिन एंकरेज शहर की सड़कें, इमारतें, बंदरगाह और अन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा।

2004 की सुमात्रा त्रासदी, 14 देशों में मची तबाही

26 दिसंबर 2004 को इंडोनेशिया के सुमात्रा तट के पास समुद्र के भीतर आए 9.1 तीव्रता के भूकंप ने आधुनिक इतिहास की सबसे भीषण प्राकृतिक आपदाओं में जगह बनाई। इसके बाद हिंद महासागर में आई विशाल सुनामी ने भारत, श्रीलंका, इंडोनेशिया, थाईलैंड समेत 14 देशों में व्यापक तबाही मचाई। इस आपदा में करीब 2,27,898 लोगों की मौत हुई, लाखों लोग बेघर हुए और कई देशों को अरबों डॉलर का नुकसान झेलना पड़ा।

जापान का तोहोकू भूकंप और परमाणु संकट

11 मार्च 2011 को जापान के तोहोकू क्षेत्र में 9 तीव्रता का भूकंप आया। इसके बाद करीब 40 मीटर ऊंची सुनामी ने कई तटीय शहरों को तबाह कर दिया। इसी आपदा के कारण फुकुशिमा परमाणु संयंत्र में रेडियोधर्मी रिसाव हुआ। इस घटना में 22 हजार से अधिक लोग मारे गए या लापता हो गए, जबकि आर्थिक नुकसान लगभग 235 बिलियन डॉलर आंका गया, जो किसी भी प्राकृतिक आपदा से हुआ सबसे बड़ा आर्थिक नुकसान माना जाता है।

रूस के कामचटका में सुनामी ने मचाई तबाही

4 नवंबर 1952 को रूस के कामचटका क्षेत्र में आए 9 तीव्रता के भूकंप के बाद करीब 13 मीटर ऊंची सुनामी उठी। इस सुनामी ने सेवेरो-कुरील्स्क शहर को लगभग पूरी तरह तबाह कर दिया। हादसे में करीब 2,336 लोगों की जान गई और यह 20वीं सदी के सबसे बड़े समुद्री भूकंपों में शामिल हो गया।

चिली का माउले भूकंप, देश की 80 प्रतिशत आबादी ने महसूस किए झटके

27 फरवरी 2010 को चिली के माउले क्षेत्र में 8.8 तीव्रता का भूकंप आया। इसके झटके देश की लगभग 80 प्रतिशत आबादी ने महसूस किए। बाद में आई सुनामी ने तटीय इलाकों में और ज्यादा नुकसान पहुंचाया। इस आपदा में करीब 525 लोगों की मौत हुई, लगभग 30 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ और हजारों घर, सड़कें तथा पुल क्षतिग्रस्त हो गए।

इक्वाडोर-कोलंबिया तट पर चेतावनी व्यवस्था के अभाव ने बढ़ाया नुकसान

31 जनवरी 1906 को प्रशांत महासागर के तट पर आए 8.8 तीव्रता के भूकंप के बाद सुनामी ने इक्वाडोर और कोलंबिया के तटीय क्षेत्रों में भारी तबाही मचाई। ऐतिहासिक रिकॉर्ड के अनुसार इस आपदा में 1,000 से 1,500 लोगों की मौत हुई। उस समय आधुनिक चेतावनी प्रणाली नहीं होने के कारण लोगों को सुरक्षित निकलने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका।

रैट आइलैंड्स में तेज भूकंप, लेकिन नहीं हुई जनहानि

4 फरवरी 1965 को अलास्का के रैट आइलैंड्स क्षेत्र में 8.7 तीव्रता का भूकंप आया। इसके बाद लगभग 10 मीटर ऊंची सुनामी उठी, लेकिन क्षेत्र में आबादी बेहद कम होने के कारण किसी की जान नहीं गई। केवल कुछ इमारतों और बंदरगाहों को मामूली नुकसान पहुंचा। यह घटना दर्शाती है कि कम आबादी वाले क्षेत्रों में बड़े भूकंप के बावजूद जनहानि सीमित रह सकती है।

असम-तिब्बत भूकंप, भारत के इतिहास की सबसे बड़ी आपदाओं में शामिल

15 अगस्त 1950 को आए 8.6 तीव्रता के असम-तिब्बत भूकंप का केंद्र तिब्बत सीमा के पास था, लेकिन इसका सबसे ज्यादा असर असम और पूर्वोत्तर भारत में देखने को मिला। भारी भूस्खलन हुए, नदियां मलबे से भर गईं और बाद में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई। इस आपदा में करीब 1,500 से 4,800 लोगों की मौत हुई, कई गांव पूरी तरह नष्ट हो गए और हजारों लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े।

2012 का उत्तरी सुमात्रा भूकंप, बड़ी तबाही टली

11 अप्रैल 2012 को इंडोनेशिया के उत्तरी सुमात्रा के पास समुद्र के भीतर 8.6 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। हालांकि यह अलग प्रकार का भूकंप था, इसलिए बड़ी सुनामी नहीं आई। इसके बावजूद हिंद महासागर से जुड़े कई देशों में सुनामी अलर्ट जारी किया गया। इस घटना में केवल 10 लोगों की मौत हुई और बड़े पैमाने पर नुकसान टल गया।

जापान में बड़े भूकंप के बावजूद मौतें कम क्यों होती हैं?

जापान हर वर्ष सैकड़ों भूकंपों का सामना करता है, लेकिन अन्य देशों की तुलना में वहां जनहानि अपेक्षाकृत कम रहती है। इसकी प्रमुख वजह बेहतर तैयारी और आधुनिक तकनीक है। समुद्र के भीतर स्थापित एस-नेट सेंसर नेटवर्क भूकंप और सुनामी के शुरुआती संकेतों का पता लगाकर लोगों को कुछ सेकंड से लेकर कई मिनट तक का अतिरिक्त समय उपलब्ध कराता है।

इसके साथ ही जापान में सख्त भूकंपरोधी निर्माण मानकों का पालन किया जाता है। बड़ी इमारतों में विशेष स्टील संरचना और रबर डैम्पर लगाए जाते हैं, जिससे तेज झटकों के दौरान भी उनके गिरने की आशंका कम रहती है। स्कूलों, कार्यालयों और सार्वजनिक संस्थानों में नियमित रूप से भूकंप सुरक्षा अभ्यास कराए जाते हैं। यही तैयारियां बड़े भूकंप के बावजूद जान-माल के नुकसान को काफी हद तक सीमित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: Alaska Earthquake 1964, Assam Tibet Earthquake 1950, Chile Earthquake 1960, Disaster News, Earthquake, Earthquake Facts, Earthquake History, Earthquake Magnitude, Earthquake News, Indonesia Earthquake 2012, Japan Earthquake Technology, Japan Tohoku Earthquake 2011, Kamchatka Earthquake, Maule Chile Earthquake, Natural Disaster, Richter Scale, Seismic Activity, Sumatra Earthquake 2004, Top 10 Earthquakes, Tsunami, Tsunami Alert, Venezuela Earthquake, World Biggest Earthquakes, भूकंप
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article इलाहाबाद हाईकोर्ट की यूपी सरकार के फैसले पर अंतरिम रोक! ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाने का आदेश कानूनन माना गलत
Next Article  हेल्दी समझकर खरीद रहे हैं ये प्रोडक्ट्स!  FSSAI की चेतावनी के बाद खुली ब्रांड्स की पोल

फीचर

View More

आसमान साफ, फिर भी मौसम विभाग कैसे बता देता है बारिश? जानिए बादलों से पहले कैसे पकड़ ली जाती है बारिश की आहट

नई दिल्ली : कई बार आसमान बिल्कुल साफ दिखाई देता है, तेज धूप पड़ रही होती है और अचानक मौसम…

By vineet verma 5 Min Read

NDA Power Shift: नीतीश-नायडू का ‘किंगमेकर’ टैग खतरे में? विपक्ष की टूट से बढ़ा PM मोदी का कुनबा, बदल गया दिल्ली का समीकरण!

भारतीय राजनीति के गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर एनडीए…

4 Min Read

कबूतर ही क्यों बना दुनिया का पहला ‘मैसेंजर’? जानिए वो वैज्ञानिक वजह, जिसके आगे तीतर-मोर भी पड़ गए थे पीछे

नई दिल्ली: आज के दौर में संदेश भेजने के लिए मोबाइल और…

5 Min Read

विचार

View More

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को लेकर एक वायरल पोस्ट…

June 9, 2026

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों…

June 4, 2026

रिंकू का ओवर और राइवलरी का बदलता अर्थ: क्या भारत–पाक मुकाबले से गायब हो गई वो अनिश्चितता?

रिंकू का ओवर और राइवलरी का…

February 16, 2026

भाग-3 : सत्याग्रह का दार्शनिक आधार: टॉल्स्टॉय, गीता और जैन अहिंसा

वैश्विक गांधी: Mandela, King, Einstein ...गांधी…

February 5, 2026

महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर विशेष : दक्षिण अफ़्रीका-अपमान, प्रतिरोध और सत्याग्रह का जन्म

1893 में जब महात्मा गांधी दक्षिण…

January 30, 2026

You Might Also Like

Trending Newsलाइफस्टाइल

 हेल्दी समझकर खरीद रहे हैं ये प्रोडक्ट्स!  FSSAI की चेतावनी के बाद खुली ब्रांड्स की पोल

आजकल बाजार में "Healthy", "100% Natural", "Sugar Free" और "High Protein" जैसे बड़े-बड़े दावों वाले पैकेट फूड की भरमार है।…

2 Min Read
Trending Newsउत्तर प्रदेश

इलाहाबाद हाईकोर्ट की यूपी सरकार के फैसले पर अंतरिम रोक! ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाने का आदेश कानूनन माना गलत

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार के उस फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिसके तहत गाँव के प्रधानों…

4 Min Read
Trending Newsअन्य

Apple का नया मास्टरस्ट्रोक! फोन और वॉच के बाद अब उंगली में समाएगी दुनिया, सैमसंग गैलेक्सी रिंग को कड़ी टक्कर देने आ रही है ‘iRing’

आईफोन, मैकबुक और एपल वॉच जैसी कल्ट डिवाइसेज से दुनिया को दीवाना बनाने के बाद, अब टेक जायंट एपल वियरेबल…

3 Min Read
EntertainmentTrending News

आधी बॉलीवुड स्टारकास्ट और जंगल की पागलपंती! ‘वेलकम टू द जंगल’ थिएटर्स में मचा पाएगी धमाल या होगी फ्लॉप

लंबे इंतजार के बाद 'Welcome to the Jungle' आखिरकार सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है और रिलीज होते ही सोशल…

4 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?